अकादमिक इंटरफेस सीबीपीओ की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधियों में से एक है और इसका उद्देश्य देश भर में शिक्षाविदों/प्रयोगशालाओं/संस्थानों के साथ संयुक्त सहयोगी अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और ज्ञान/ऊष्मायन/अनुसंधान आदि की स्थापना करना है।
देश भर के संस्थानों के साथ एक व्यापक शैक्षणिक इंटरफेस की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, इसरो कार्यक्रमों के लिए शिक्षाविदों की भागीदारी को और मजबूत करने के लिए क्षमता निर्माण पहलों की एक श्रृंखला शुरू की गई है। इन पहलों में विकास एवं अनुसंधान परियोजनाएं (रिस्पांड बास्केट); अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सेल (एस.टी.सी.); अंतरिक्ष के लिए क्षेत्रीय शैक्षणिक केंद्र (आर.ए.सी.-एस.); अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी ऊष्मायन केंद्र (एस.-टी.आई.सी.)।
अंतरिक्ष विज्ञान, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के क्षेत्रों में इसरो द्वारा अनुसंधान प्रस्तावों का समर्थन किया जाता है जो अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए प्रासंगिक हैं। इसरो की आगामी प्रोग्रामेटिक अनुसंधान एवं विकास आवश्यकताओं के आधार पर इसरो/अं.वि. केंद्र/इकाइयों द्वारा पहचानी जाने वाली सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण शोध समस्याओं का वार्षिक रूप से प्रकाशित रिस्पांड बास्केट दस्तावेज़ शामिल है। और अंतरिक्ष दस्तावेज़ के लिए अनुसंधान क्षेत्र एक ही मोटो के साथ द्वि-वार्षिक प्रकाशित हुआ। प्रत्येक शोध समस्या में प्रस्तावों का चयन करने और तैयार करने के लिए अकादमिक संस्थानों/अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं के संकाय के लिए विषय के बारे में एक संक्षिप्त लेख शामिल है। बास्केट में प्रस्तावित प्रत्येक विषय के लिए इसरो/डीओएस केंद्रों से एक सह-पीआई की भी पहचान की गई है।
अधिक जानकारी
मार्च 2022 में, इसरोने ऑनलाइन पोर्टल “आई-ग्रास्प” online portal (ISRO GRant in Aid for Space Research Programmes). लॉन्च किया। पोर्टल शिक्षाविदों से प्रस्ताव आमंत्रित करता है। अकादमिक संस्थानों के पीआई अपनी रुचि और विशेषज्ञता के आधार पर इस पोर्टल के माध्यम से अनुसंधान प्रस्तावों का चयन और प्रस्तुत करते हैं, जहां पूरी प्रक्रिया इस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी जिसमें रिस्पांड/एस.टी.सी./एस.-टी.आई.सी.और अन्य के तहत प्रस्ताव जमा करना शामिल है। कार्यक्रम केवल आई-ग्रास्पपोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाते हैं।
किसी भी शैक्षणिक संस्थान/स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास संस्थानों से संबद्ध वैज्ञानिकों /संकाय सदस्यों का एक व्यक्ति या समूह प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकता है। प्रधान अन्वेषक (ओं) को संबंधित संस्थान का पूर्णकालिक कर्मचारी होना चाहिए। प्रधान अन्वेषक के लिए आयु सीमा परियोजना अवधि सहित 65 वर्ष (पैंसठ वर्ष) से कम होनी चाहिए। शैक्षणिक संस्थान के प्रमुख को अनुसंधान अनुदान के लिए आवेदन के साथ प्रस्तावों को अग्रेषित करना चाहिए। किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से गैर संबद्ध व्यक्तियों के प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा। परियोजना पर काम कर रहे समान/विभिन्न संस्थानों के सह-अन्वेषक भी हो सकते हैं। लेकिन किसी परियोजना को संतोषजनक ढंग से पूरा करने की जिम्मेदारी प्रधान अन्वेषक और उसकी संस्था की होगी। ऑनलाइन प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए निम्नलिखित जानकारी आवश्यक है।