पीएसएलवी-सी62 / ईओएस-एन1 मिशन
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पीएसएलवी-सी62 मिशन को पीएस3 चरण के अंत में एक असामान्य स्थिति का सामना करना पड़ा। विस्तृत विश्लेषण शुरू कर दिया गया है।

08 जनवरी, 2026

पीएसएलवी-सी62 / ईओएस-एन1 मिशन, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनसिल) द्वारा शुरू किया गया 9वां विशेष वाणिज्यिक मिशन है। इस मिशन के तहत, एनसिल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के 15 सह-उपग्रहों के लिए प्रमोचन सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ, ईओएस-एन1 पृथ्वी प्रेक्षण उपग्रह का निर्माण और प्रमोचन करेगा। इस प्रमोचन में दो ठोस स्ट्रैप-ऑन मोटरों से लैस पीएसएलवी-डीएल रूपांतर का उपयोग किया जाएगा। यह मिशन पीएसएलवी की 64वीं उड़ान होगी।

पीएसएलवी-सी62 मिशन में स्पेनिश स्टार्टअप द्वारा विकसित किए जा रहे पुनः प्रवेश यान के छोटे प्रोटोटाइप, केआईडी अथवा केस्ट्रेल इनिशियल टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर का भी प्रदर्शन किया जाएगा। केआईडी अंतिम सह-यात्री होगा जिसे अंतरिक्ष में प्रवेश कराया जाएगा, जिसके बाद यह दक्षिण प्रशांत महासागर में उतरने के लिए पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करेगा।

अंतरिक्ष यान और उपग्रहों का एकीकरण पूरा हो चुका है और प्रमोचन-पूर्व जांच चल रही है। पीएसएलवी-सी62 मिशन को 12 जनवरी, 2026 को सुबह 10:17 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा के प्रथम प्रमोचन पैड से प्रमोचित करने का प्रस्ताव है।

पीएसएलवी इसरो का सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला प्रमोचन यान है, जिसने चंद्रयान-1, मंगल कक्षीय मिशन, आदित्य-एल1 और एस्ट्रोसैट मिशन जैसे उल्लेखनीय मिशनों सहित 63 उड़ानें पूरी की हैं। 2017 में, पीएसएलवी ने एक ही मिशन में 104 उपग्रहों को प्रमोचित करके विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

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