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पीएसएलवी-C37 के एक ही उड़ान से 104 उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रमोचन

अपनी उनतालीसवीं उड़ान (पीएसएलवी-C37) में, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार, श्रीहरिकोटा से इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ने 714 किलो कार्टोसैट -2 सीरीज उपग्रह के साथ 103 सह-यात्री उपग्रहों का आज सुबह (15 फरवरी, 2017) को सफलतापूर्वक प्रमोचन किया। यह पीएसएलवी का लगातार अडतीसवां सफल मिशन है। पीएसएलवी-C37 के ऑनबोर्ड पर भेजे गए गए सभी 104 उपग्रहों का कुल वजन 1,378 किलोग्राम था।

पीएसएलवी-C37 का उत्थापन योजना के अनुसार, प्रथम लॉन्च पैड से 0928 बजे (9:28 बजे)आईएसटी पर किया गया । 16 मिनट 48 सेकंड के उड़ान के बाद, उपग्रहों ने 506 किमी भूमध्य रेखा (वांछित कक्षा के बहुत करीब) के 97.46 डिग्री के कोण की आनति पर ध्रुवीय सूर्य तुल्यकाली कक्षा प्राप्त की और 12 मिनट तक आगे बढ़ा, सभी 104 उपग्रहों को कार्टोसैट 2 श्रृंखला उपग्रह, आईएनएस-1 और आईएनएस-2 के बाद पूर्व निर्धारित अनुक्रम में पीएसएलवी के चौथे चरण से सफलतापूर्वक अलग कर दिए गए। पीएसएलवी द्वारा प्रमोचित भारतीय उपग्रहों की कुल संख्या अब 46 हो गई है।

पृथकरण के बाद, कार्टोसैट -2 श्रृंखला उपग्रह के दोनों सौर व्यूह स्वचालित रूप से प्रस्तरित हो गए और इसरो के दूरमिति, अनुवर्तन और आदेश नेटवर्क (इस्ट्रैक), बंगलौर ने उपग्रह का नियंत्रण ले लिया। आने वाले दिनों में उपग्रह को अपने अंतिम परिचालन विन्यास में लाया जाएगा जिसके बाद वह अपने पैनक्रोमेटिक (काले और सफेद) और बहुस्पेक्ट्रमी (रंग) कैमरों का उपयोग कर सुदूर संवेदन सेवाओं को प्रदान करना शुरू करेगा ।

पीएसएलवी-C37, के द्वारा वहन किए 103 सह-यात्री उपग्रह में इसरो के दो नैनो सैटेलाइट -1 (आईएनएस -1) 8.4 किलो वजनी और आईएनएस-2 9.7 किलो वजनी - भारत से प्रौद्योगिकी प्रदर्शन उपग्रह हैं।

शेष 101 सह-यात्री उपग्रहों में संयुक्त राज्य अमेरिका (96), नीदरलैंड (1), स्विट्जरलैंड (1), इसराइल (1), कजाखस्तान (1) और संयुक्त अरब अमीरात (1) के अंतरराष्ट्रीय ग्राहक उपग्रह थें ।

आज के सफल प्रक्षेपण के साथ ही भारत के विश्वसनीय पीएसएलवी प्रक्षेपण यान के ऑनबोर्ड पर प्रमोचित विदेशी ग्राहक उपग्रहों की कुल संख्या 180 तक पहुंच गई है।