150 Years of Celebrating the MahatmaNational Emblem ISRO Logo
Department of Space, Indian Space Research Organisation

PUBLIC NOTICE - ATTENTION : JOB ASPIRANTS

Filling up the post of Controller in U R Rao Satellite Centre (URSC), Department of Space, ISRO, Bengaluru in Level 14 of Pay Matrix (7th CPC) on Deputation basis (Last date for submission is 15/11/2021)
Announcement of Opportunity for Chandrayaan-2 science data utilisationLast date for submission of proposals is Oct 31, 2021
The current e-procurement site is proposed to switch over to new website. All the registered/new vendors are requested to visit new website at https://eproc.isro.gov.in and validate your credentials for participating with ISRO centres.

एनआरएससी उपयोगकर्ता अन्योन्यक्रिया सम्मेलन – 2018

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), हैदराबाद ने 17-19 जनवरी,  2018 के दौरान "स्पेस 4 ऑल: फार इनक्लुजिव एंड सस्टेनेबल ग्रोथ" विषय पर अपने वार्षिक उपयोगकर्ता इंटरैक्शन मीट (यूआईएम-2018) का आयोजन किया। सम्मेलन का उद्देश्य नए उत्पादों और सेवाओं के साथ-साथ भू-स्थानिक उद्योग, शिक्षार्थी और उपयोगकर्ता समुदाय के लिए राष्ट्रीय विकास और शासन के लिए उपयोगी भविष्य के मिशन को दिखाना था। यूआईएम-2018 का लक्ष्य भू-स्थानिक उद्योग और उपयोगकर्ता समुदाय को एक साथ लाना व अपनी सफलता की कहानियों और अनुभवों को साझा करने का लक्ष्य रहा था। यूआईएम-2018 ने भू-स्थानिक उद्योग के साथ-साथ उपयोगकर्ता समुदाय की मौजूदा जरूरतों को समझने के लिए मंच उपलब्ध कराया ताकि नए मिशनों के साथ निकट भविष्य में एनआरएससी द्वारा उपयुक्त डाटा उत्पाद और भू-स्थानिक समाधान विकसित किए जा सकें।

यह सम्मेलन हैदराबाद कन्वेन्शनल केंद्र (एचआईसीसी) में भूस्थानिक विश्व मंच (जीडब्ल्यूएफ) 2018 के साथ आयोजित किया गया था। यूआईएम-2018 को 17 जनवरी, 2018 को जीडब्ल्यूएफ के साथ श्रीगणेश किया गया था। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता डॉ. हर्षवर्धन, माननीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री, पर्यावरण मंत्रालय, वन और जलवायु परिवर्तन और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने की थी। अपने मुख्य भाषण में, माननीय मंत्री जी ने – 4थें औद्योगिक क्रांति में सामाजिक आर्थिक सुरक्षा, सतत विकास, आपदा जोखिम में कमी और शासन के लिए सबसे बेहतर भूस्थानिक डेटा और तकनीक का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, पर जोर दिया।

भारत सरकार के अंतरिक्ष के राज्य मंत्री माननीय डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. ए एस किरण कुमार, पूर्व अध्यक्ष, इसरो, निदेशक, एनआरएससी, सर्वेयर जनरल, भारतीय सर्वेक्षण, निदेशक, सांख्यिकी प्रभाग, संयुक्त राष्ट्र, सचिवालय निदेशक, भू अवलोकन समूह और अग्रणी भू-स्थानिक उद्योगों के कई गणमान्य प्रतिनिधियों द्वारा इस गरीमामय सभा को संबोधित किया गया । सम्माननीय अतिथि ने भू-स्थानिक उद्योग के निजी और सार्वजनिक सदस्य के बीच बातचीत पर जोर दिया, उन्होंने पिछले सफल मिशन के लिए इसरो को भी बधाई दी और भविष्य के मिशनों के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने भारत को बदलने के लिए माननीय प्रधान मंत्री मोदी की नव भारत की दृष्टि और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला।

इसमें आठ तकनीकी सत्र थे, जिसमें एक सत्र विशेष रूप से हिंदी में था । तकनीकी सत्रों में "इसरो – सामान्य रूपरेखा", "उभरते हुए उत्पाद और सेवाएं", "भुवन के माध्यम से सभी के लिए अंतरिक्ष", "राज्यों द्वारा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग", "भूमि / जल / वनस्पति में अंतरिक्ष अनुप्रयोग", "हिंदी में सत्र" , "महासागर, वायुमंडल और जलवायु विज्ञान में अंतरिक्ष अनुप्रयोग" और "उन्नत सुदूर संवेदन डाटा संग्रहण एवं संसाधन"। यूआईएम -2018 के पहले दिन तकनीकी सत्रों का उद्देश्य इसरो के वर्तमान मिशन का भू अवलोकन, उपयोग और एनआरएससी द्वारा प्रदान किए जाने वाले उत्पादों एवं सेवाओं और विभिन्न एजेंसियों और राज्य सरकारों द्वारा भू-स्थानिक सेवाओं के उपयोग को पेश करना था। दूसरे दिन के सत्रों में राष्ट्रीय परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया और उपयोगकर्ताओं ने सुदूर संवेदन डेटा का उपयोग कर अपने अध्ययन / उपयोग प्रस्तुत किए। हिंदी सत्र में पांच तकनीकी प्रस्तुतियां थीं, जो वेब जीआईएस और अनुप्रयोगों पर केंद्रित थीं।

भुवन पर नवीनतम अधिग्रहण, नए उत्पादों और अपडेट के मामले को दिखाने के लिए प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था, जिसका लगभग 2000 प्रतिनिधियों ने उपयोग किया था। इस प्रदर्शनी ने कार्टोसैट -2 श्रृंखला उपग्रह के प्रतिबिंबों को प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी ने लगभग 10 देशों के प्रतिनिधियों का ध्यान भी आकर्षित किया, जो भुवन द्वारा कार्यान्वित किए गए अनुप्रयोगों और राष्ट्रीय परियोजनाओं को देखने में रुचि रखते थे।

कुल 2500 प्रतिभागियों ने जीडब्ल्यूएफ के लिए पंजीकृत किया था जिनमें से 300 प्रतिभागी एनआरएससी उपयोगकर्ता थे। इसके अलावा, लगभग 200 छात्रों ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया, जिन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था ताकि उनके बीच नवीनतम घटनाओं के बारे में जागरूकता पैदा हो सके। उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ विद्यार्थियों की अच्छी प्रतिक्रिया ने इस घटना को सफल बनाया। लगभग 30 नए उपयोगकर्ता नए अनुप्रयोगों के साथ आगे आए थे और उच्च-विभेदन डेटा की बहुत मांग थी।

समारोह के दौरान “"भू अवलोकन डेटा अधिग्रहण, संसाधन और सामाजिक विकास के लिए अनुप्रयोगों में एनआरएससी की गतिविधियां" "भू अवलोकन डेटा अधिग्रहण, संसाधन और सामाजिक विकास के लिए अनुप्रयोगों में एनआरएससी की गतिविधियां"  गहन अध्ययन साइट: 2017 उत्पाद का भी विमोचन किया गया था ।

एनआरएससी उपयोगकर्ता अन्योन्यक्रिया सम्मेलन – 2018

 

एनआरएससी उपयोगकर्ता अन्योन्यक्रिया सम्मेलन – 2018

 

एनआरएससी उपयोगकर्ता अन्योन्यक्रिया सम्मेलन – 2018