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Department of Space, Indian Space Research Organisation

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लियोस की रजत जयंती तक की यात्रा

विद्युत-प्रकाशिकी तंत्र प्रयोगशाला (लिओस), बेंगलूर अंतरिक्ष विभाग (अं.वि.) के तहत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की प्रमुख इकाइयों में से एक है। चूंकि इसकी स्थापना 1992 में बैंगलोर के औद्योगिक हब पीन्या में की गई थी, तब से लिओस सभी एलईओ, जीईओ और अंतरग्रहीय मिशन के लिए सटीक संवेदक के डिजाइन, विकास और उत्पादन, साथ ही उच्च विभेदन प्रकाशिक प्रणालियों के विकास और वितरण के साथ सुदूर संवेदन और मौसम संबंधी पेलोड से जुड़ा हुआ है । पीन्या के औद्योगिक शेड में 25 साल पहले इसकी विनम्र यात्रा शुरू हुई जो अब अच्छी तरह से स्थापित विश्व स्तर के निर्माण, परीक्षण और कोटिंग की सुविधा से लैस प्रयोगशाला में विकसित हुआ है। इस अवधि (1992-2017) के दौरान, लिओस मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों, जैसे संवेदक विकास क्षेत्र (एसडीए), अनुप्रयुक्त प्रकाशिक क्षेत्र (एओए) और संवेदक उत्पाद क्षेत्र (एसपीए) में इसरो कार्यक्रमों की बढ़ती मांग और जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है।

एसडीए का उत्पाद पोर्टफोलियो सूर्य संवेदक का निर्माण कर रहा है जो स्थूल से उच्च सटीकता, भू संवेदक, उन्नत चाप-सेंकड विशुद्धता, चुंबकमापी, फाइबर प्रकाशिक जायरो और मार्गदर्शन संवेदक के साथ उन्नत तारा-सूचक शामिल हैं।

एओए बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय दृश्य अपवर्तक प्रकाशिक प्रणाली और मध्यम क्षेत्रीय दृश्य-उच्च विभेदन प्रतिबिंबित प्रकाशिक प्रणाली से संबंधित विविध विश्व-स्तरीय प्रकाशिकी का उत्पादन करता है, जिसे सफलतापूर्वक विकसित और भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह मिशनों के लिए सुपूर्द किया जाता है। लिओस ने पराबैंगनी (यूवी) से लेकर सुदूर अवरक्त (एफआईआर) तरंग दैर्घ्य क्षेत्रों तक के लिए दर्पण और लेन्स के उन्नत परावर्तकता और पारगम्यता युक्त आवश्यक पतली फिल्म प्रौद्योगिकी में महारत हासिल की है। लिओस अभिवृत्ति संवेदक के निर्माण के लिए आवश्यक उन्नत संसूचक तकनीकों के विकास में सबसे आगे है और इसमें संविरचन के अत्याधुनिक सूक्ष्म-इलेक्ट्रो-यांत्रिकी प्रणाली (मेम्स) आधारित संवेदक और जडत्वीय श्रेणी त्वरणमापी जैसे आरएफ स्विच, सूक्ष्म वाल्व और सूक्ष्म ताप पाइप के उपकरणों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।

एसपीए विशेष रूप से विभिन्न इसरो अंतरिक्षयान के लिए संवेदकों की बड़ी संख्या की पूर्ति करने के लिए बाह्य / औद्योगिक श्रमशक्ति का उपयोग कर विद्युत प्रकाशिक संवेदक और प्रकाशिक प्रणालियों के कुशल उत्पादन और क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है।

'आर्यभट्ट' नामक नया भवन बनाया गया है और जो विशेष रूप से अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाओं के साथ उत्पादन के लिए समर्पित है। अन्य मुख्य उत्तरदायित्वों के अलावा, लिओस भविष्य के अंतरिक्ष मिशन जैसे उप-चाप-सेंकड तारा-सूचक, नैनो तारा-सूचक, एएसआईसी के उपयोग से संवेदकों का लघुकरण के द्वारा मांगी गई इलेक्ट्रो-प्रकाशिक क्षेत्र में उन्नत संवेदक और प्रौद्योगिकियों का विकास, उच्च गति डाटा प्रसारण के लिए प्रकाशिक संचार टर्मिनल, परमाणु प्रणाली पर आधारित उच्च सटीकता और सटीक चुबंकमापी, उन्नत फाइबर प्रकाशिक संवेदक, उच्च ऊर्जा लेज़रों, लेजर तुंगतामापी और ग्रहों की सतह के अन्वेषण के लिए एलआईबीएस / रमन स्पेक्ट्रोमापी, डॉकिंग प्रयोग हेतु उच्च परिशुद्धता मिलन स्थल और निकटता संवेदक के लिए प्रकाशिक संवेदक, बहुखंड प्रकाशिकी, सीआईसी आधारित दर्पण, विवर्तन प्रकाशिक आधारित लेन्स समुच्चय, मेम्स जायरोस्कोप, मेम्स परमाणु घड़ी भौतिक पैकेज, एंटेना युग्मित μ-तेजमापी टेरा-हर्ट्ज संसूचक, एसआईसी यूवी संसूचक और कार्बन नैनो-ट्यूब का उपयोग करते हुए सुपर ब्लॉक अवशोषक कोटिंग्स के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

लियोस ने 18 दिसंबर, 2017 को पिन्या, बेंगलुरु में अपने परिसर में रजत जयंती का जश्न मनाया, जिसमें इसरो के अध्यक्ष, अ.वि. के सचिव, लिओस के संस्थापक निदेशक और लिओस के सभी पूर्व निदेशक और इसरो के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों के साथ लिओस में सेवा किए सदस्य उपस्थित थे।

इसरो के अध्यक्ष ने इसरो कार्यक्रमों में लिओस द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के महत्व को स्वीकार करते हुए, उसके अंतरिक्ष और सामाजिक-आर्थिक अनुप्रयोगों के लिए देन की सराहना की। उन्होंने नवाचारों की आवश्यकता और प्रौद्योगिकी के इस क्षेत्र में अग्रनी बनने पर बल दिया । पूर्व निदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों ने अतीत के अपने यादों को साझा किया और वर्तमान की ज़रूरत तक आगे बढ़ने के महत्व को दोहराया। सभी पूर्व लिओसियों का, जो 1992 से सेवा से सेवानिवृत्त हुए, उन्हें इसरो के अध्यक्ष और आईजेक के निदेशक ने सम्मानित किया और उन्हें कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में लिओस की प्रमुख गतिविधियों से संबंधित शीशे की ट्राफी पेश करके सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लिओस द्वारा अनुसंधान क्रियाकलापों पर प्रकाशित संग्रह का विमोचन अध्यक्ष इसरो द्वारा किया गया ।

विश्व स्तर के विद्युत-प्रकाशिकी तंत्र विकास के उपलक्षय में लिओस की उल्लेखनीय यात्रा का इस सप्ताह के दौरान 'रजत जयंती' मनाया गया।

एसजेसी के दौरान संबोधित करते हुए इसरो के अध्यक्ष

एसजेसी के दौरान संबोधित करते हुए इसरो के अध्यक्ष

 

डॉ टी.के. एलेक्स, लिओस के संस्थापक निदेशक का सम्मान

डॉ टी.के. एलेक्स, लिओस के संस्थापक निदेशक का सम्मान

 

पिन्या शेड में लिओस 1992

पिन्या शेड में लिओस 1992

 

आर्यभट्ट भवन

आर्यभट्ट भवन

 

लिओस मुख्य भवन 2017

लिओस मुख्य भवन 2017