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बेंगलुरू में एपीआरएसएएफ -24 आयोजित

एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय अंतरिक्ष एजेंसी फोरम (एपीआरएसएएफ -24) का 24वां सत्र 14-17 नवंबर, 2017 के दौरान भारत के बेंगलुरु में आयोजित किया गया था। अंतरिक्ष विभाग (अं.वि.)/ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) व शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति, खेल, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जापान (एमईएक्सटी) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (जेएएक्सए) के साथ "उन्नत प्रौद्योगिकी और विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी" विषय पर एपीआरएसएएफ -24 को सह-आयोजित किया गया । श्री ए एस किरण कुमार, अध्यक्ष, इसरो/सचिव, अं.वि. और सुश्री ममी ओयामा, उप महानिदेशक, एमईएक्सटी इस एपीआरएसएएफ -24 सत्र के जनरल सह-अध्यक्ष थे।

एपीआरएसएएफ की वार्षिक बैठकें उन लोगों के लिए खुली हैं जो एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अंतरिक्ष गतिविधियों के क्षेत्र में और चार कार्य समूहों अर्थात 'अंतरिक्ष अनुप्रयोग', 'अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी', 'अंतरिक्ष पर्यावरण उपयोग' और 'अंतरिक्ष शिक्षा' सहयोग में दिलचस्पी रखते हैं । इन चार कार्य समूहों में प्रत्येक देश और क्षेत्र की हाल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गईं। कार्यकारी दल की बैठकें 14-15 नवंबर, 2017 के दौरान आयोजित की गईं। कार्य समूह के चर्चा के सार को 16-17 नवंबर, 2017 के दौरान विशेष विषयों के विशेष सत्र, अर्थात् 'सतत विकास लक्ष्य', 'अंतरिक्ष नीति' और 'अंतरिक्ष अन्वेषण' पर पूर्ण सत्रों में प्रस्तुत किए गए। 15 नवंबर, 2017 को 'स्पेस फार फ्यूचर सोसाइटी' पर शाम का सत्र भी था। कार्य समूह के लिए सह कार्यक्रम, अर्थात् 'स्पेस एप्लीकेशन फॉर एनवायर्नमेंट (सेफ) वर्कशॉप', 'किबो एबीसी कार्यशाला' और 'अंतरिक्ष नीति पर कार्यशाला' 13 नवंबर, 2017 को आयोजित किया गया।

एपीआरएसएएफ वार्षिक बैठकों से पहले स्कूली छात्रों के लिए जल रॉकेट इवेंट्स और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जो अंतरिक्ष में रुचियां पैदा करने और उनकी रचनात्मकता और अभिनव विचारों को बढ़ावा देने का साधन हैं। एपीआरएसएएफ -24 के दौरान नवंबर 11-12, 2017 को जल रॉकेट बनाने वाली कार्यशाला के साथ जल रॉकेट इवेंट व ततपश्चात प्रमोचन का आयोजन किया गया था। दक्षिण अमेरिका में कोलंबिया के साथ भारत सहित 11 एशिया प्रशांत देशों से 12-16 साल के आयु वर्ग के 56 छात्रों ने सक्रिय रूप से इस समारोह में भाग लिया । प्रबोधक सत्र का आयोजन समानांतर में किया गया था, जिसमें एशिया-प्रशांत देशों के लगभग 40 शिक्षकों और प्रबोधकों ने शिक्षण विधियों पर विचार विमर्श किया था। जल रॉकेट आयोजन में, श्रीलंका, वियतनाम और मलेशिया की टीमों ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

एपीआरएसएएफ -24 पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन "अंतरिक्ष के माध्यम से एकत्र" विषय पर किया गया था। भारत सहित 12 एशिया प्रशांत देशों से 8-11 साल के आयु वर्ग के छात्रों द्वारा छत्तीस पोस्टर प्रस्तुत किए गए थे। पोस्टर प्रतियोगिता में पांच अलग-अलग इंवेंट के लिए पुरस्कार दिए गए थे और इसरो पुरस्कार इंडोनेशियाई छात्र द्वारा जीता गया था।

अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने के लिए भारतीय और विदेशी उद्योगों के लिए अवसर प्रदान करने के लिए  प्रदर्शनी भी आयोजित की गई थी। नौ भारतीय उद्योगों और 9 विदेशी उद्योगों ने प्रदर्शनी में अपनी स्टालों की स्थापना की है।

एपीआरएसएएफ -24 पहले के वार्षिक बैठकों की तुलना में कई रीतियों से अलग है। इसमें एशिया प्रशांत क्षेत्र और दक्षिण एशियाई देशों के अंतरिक्ष यान प्रमुखों की संख्या सबसे अधिक थी। एशिया प्रशांत क्षेत्र - भारत, इंडोनेशिया, इज़राइल, जापान, मलेशिया, रूस, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और वियतनाम के 9 अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों के साथ सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए पहली बार संगठित और अंतरिक्ष एजेंसियों के योगदान पर विचार करने के लिए अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुखों के सत्र का आयोजन किया गया।  पूर्ण सम्नेलन के दौरान पहली बार 'स्पेस पॉलिसी' और 'स्पेस एक्सप्लोरेशन' पर दो विशेष सत्रों का आयोजन किया गया। मेजबान राष्ट्र के रूप में, भारत ने 'उन्नत प्रौद्योगिकी और विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी' पर विशेष सत्र का आयोजन किया है, जिसमें केंद्रीय और राज्य सरकार के उपयोगकर्ता मंत्रालयों के अधिकारियों ने योजना, मानीटरन और निर्णय लेने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी इनपुट की उपयोगिता पर अपने अनुभव साझा किए हैं।

संयुक्त वक्तव्य पर चर्चा करने के लिए 17 नवंबर, 2017 को समापन सत्र में 'स्पेस लीडर राउंड-टेबल' का आयोजन किया गया था।

कार्य समूह की प्रमुख सिफारिशें निम्नलिखित हैं:

  • एशिया प्रशांत क्षेत्र में राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियां, छोटे/क्यूब उपग्रहों को सहयोगात्मक रूप से विकसित करेना, क्योंकि इन उपग्रहों के डेटा एशिया प्रशांत क्षेत्र के विभिन्न आम मुद्दों को हल करने के लिए इनपुट प्रदान कर सकते हैं;
  • शैक्षिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग उपकरण के रूप में करना जो कि अगली पीढ़ी के मानव संसाधन विकास के लिए फायदेमंद होगा;
  • प्रत्येक देश में व्यावहारिकता अध्ययन के माध्यम से किबो (आईएसएस) उपयोग को प्रोत्साहित और तेज करना;
  • चावल की फसल का मानीटरन, ​​वैश्विक वर्षा की निगरानी, ​​अग्नि हाटस्पॉट, धुंध मानीटरन और आपदा प्रबंधन आदि सहित अंतरिक्ष के उपयोग को और बढ़ावा देना।

एपीआरएसएएफ -24 के विभिन्न सत्रों / घटनाओं का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है:

  • एसजीडी को प्राप्त करने की दिशा में अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकता के मुद्दों को हल करने के लिए 9 एजेंसियों के प्रमुखों ने ​​वर्तमान गतिविधियों और भावी संभावनाओं/अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अपेक्षित योगदान पर प्रस्तुती दी।
  • इस क्षेत्र की सात सरकारों ने उनकी राष्ट्रीय आवश्यकताओं में उनका देश अंतरिक्ष नीति कैसे विकसित कर रहा है पर अंतरिक्ष नीति विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
  • भारत, जापान, कोरिया, रूस और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के उपयोग, डीप स्पेस गेटवे के विकास और चंद्र, मंगल और परे तक पहुंचने सहित अंतरिक्ष अन्वेषण पर अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए।
  • एशिया प्रशांत क्षेत्र के 13 देशों के स्पेस एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने "देश रिपोर्ट" सत्र में अपने राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों और पृष्ठभूमि की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया ।
  • 'स्पेस फार फ्यूचर सोसाइटी' सत्र में, वक्ताओं ने एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी- सौर ऊर्जा, वैश्विक नौसंचालन उपग्रह प्रणाली(जीएनएसएस) और सुदूर संवेदन भविष्य में समाज के लिए कैसे योगदान दे सकता है पर अपने विचारों को साझा किया।
  • एशिया प्रशांत सत्र में अंतरिक्ष सहयोग में, 7 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने मौजूदा रुझानों और अंतरिक्ष सहयोग बढ़ाने के लिए कैसे आगे बढ़ रहे हैं पर अपने विचार साझा किए हैं ।
  • टोक्यो ग्रैजुएट स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी, जापान और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज (एनआईएएस), भारत द्वारा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अंतरिक्ष नीति के परिप्रेक्ष्य का अवलोकन करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से आगे की संभावना की तलाश करने के लिए स्पेस पॉलिसी वर्कशॉप संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।
  • सेफ (पर्यावरण के लिए अंतरिक्ष अनुप्रयोग) अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के साथ विभिन्न पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान में योगदान करने के लिए है और इसमें एशिया प्रशांत देशों द्वारा किए जा रहे कई प्रोटोटाइप की समीक्षा की गई है।
  • किबो-एबीसी (एशियाई लाभकारी सहयोग के माध्यम से किबो का उपयोग) कार्यशाला के आयोजन में एशिया प्रशांत क्षेत्र के देशों में जापानी प्रयोग मॉड्यूल (जेईएम) का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। किबो मानव अंतरिक्ष सुविधा है जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में अद्वितीय अनुसंधान क्षमताएं प्रदान करती है।
  • पत्रकार सम्मेलन का भी आयोजन 17 नवंबर, 2017 को किया गया जिसमें सभी प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों ने भाग लिया और मीडिया के साथ वार्तालाप किया।

एपीआरएसएएफ -24 में 31 से अधिक देशों और 7 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के 600 से अधिक पंजीकरण थे। 50% से अधिक प्रतिभागी विदेशी नागरिक थे । स्पेस एजेंसियों के 9 प्रमुखों के अलावा, फ्रांसीसी नेशनल स्पेस एजेंसी के अध्यक्ष (जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष संघीय फेडरेशन-आईएएफ के अध्यक्ष भी हैं), बाह्य अंतरिक्ष के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओओएसए) के निदेशक, जापान से दो अंतरिक्ष यात्री सुश्री चीकी मुकाई और सुश्री कोइची वकाता ने एपीआरएसएएफ -24 में भाग लिया है ।

एपीआरएसएएफ -24 में प्रगत्योन्मुख जल रॉकेट कार्यशाला

एपीआरएसएएफ -24 में प्रगत्योन्मुख जल रॉकेट कार्यशाला 

एपीआरएसएएफ -24 में जल रॉकेट बनाने में अंतिम चरण में कार्यशाला

एपीआरएसएएफ -24 में जल रॉकेट बनाने में अंतिम चरण में कार्यशाला

रॉकेट बनाने के प्रगत्योन्मुख कार्यशाला के साथ समानांतर प्रबोधक सत्र ।

रॉकेट बनाने के प्रगत्योन्मुख कार्यशाला के साथ समानांतर प्रबोधक सत्र ।

एपीआरएसएएफ -24 में जल रॉकेट प्रतियोगिता के दौरान कई जल रॉकेटों का प्रमोचन

एपीआरएसएएफ -24 में जल रॉकेट प्रतियोगिता के दौरान कई जल रॉकेटों का प्रमोचन

एपीआरएसएएफ -24 में जल रॉकेट इवेंट में भाग लेने वाले छात्रों का सामूहिक फोटो

एपीआरएसएएफ -24 में जल रॉकेट इवेंट में भाग लेने वाले छात्रों का सामूहिक फोटो

एपीआरएसएएफ -24 के स्थल पर प्रदर्शित पोस्टर का दृश्य

एपीआरएसएएफ -24 के स्थल पर प्रदर्शित पोस्टर का दृश्य

एपीआरएसएएफ -24 के दौरान पूर्ण सम्मेलन को संबोधित करते हुए अध्यक्ष इसरो

एपीआरएसएएफ -24 के दौरान पूर्ण सम्मेलन को संबोधित करते हुए अध्यक्ष इसरो  

एपीआरएसएएफ -24 के पूर्ण सम्मेलन के दौरान एशिया-प्रशांत देशों के अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुख

एपीआरएसएएफ -24 के पूर्ण सम्मेलन के दौरान एशिया-प्रशांत देशों के अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुख

एपीआरएसएएफ -24 पत्रकार सम्मेलन

एपीआरएसएएफ -24 पत्रकार सम्मेलन

एपीआरएसएएफ -24 के प्रतिभागी

एपीआरएसएएफ -24 के प्रतिभागी