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Department of Space, Indian Space Research Organisation

PUBLIC NOTICE - ATTENTION : JOB ASPIRANTS

Filling up the post of Controller in U R Rao Satellite Centre (URSC), Department of Space, ISRO, Bengaluru in Level 14 of Pay Matrix (7th CPC) on Deputation basis (Last date for submission is 15/11/2021)
Announcement of Opportunity for Chandrayaan-2 science data utilisationLast date for submission of proposals is Oct 31, 2021
The current e-procurement site is proposed to switch over to new website. All the registered/new vendors are requested to visit new website at https://eproc.isro.gov.in and validate your credentials for participating with ISRO centres.

स्कैटसैट-1 स्कैट्रोमीटर द्वारा एक वर्ष की सेवा का सफल समापन

स्कैटसैट-1, समर्पित स्कैट्रोमीटर पेलोड के साथ अत्याधुनिक उपग्रह को 26 सितंबर, 2016 को प्रमोचन किया गया था। यह मौसम पूर्वानुमान, चक्रवात का पता लगाने के लिए पवन सदिश डेटा उत्पादों और उपयोगकर्ताओं को ट्रैकिंग सेवाएं को उपलब्ध कराने के लिए ओशियनसैट-2 स्कैट्रोमीटर (ओएससीएटी) के लिए निरंतरता मिशन है । स्कैटसैट-1 ओएससीएटी के डिजाइन की तरह है, क्रमशः एचएच और वीवी ध्रुवीकरण के साथ जमीन पर 49° और 57° की कोण के पेंसिल बीम डिजाइन के साथ दो बीम के साथ कू-बैंड में 13.53गीगाहार्टस केंद्रीय आवृत्ति पर प्रचालनीय है। 1800किमी की स्वाथ के साथ, यह उपकरण एक दिन में पृथ्वी के 90% सतह को कवर करता है। ओएससीएटी के माध्यम से प्राप्त अनुभव से, विशेषकर ध्रुवीय क्षेत्र में बैकस्कैटर में बेहतर संवेदनशीलता के लिए संवेदक विशेषताओं के कुछ सुधार किए गए हैं।

स्कैटसैट-1 के रडार बैकस्कैटर माप अक्तूबर 03, 2016 को मुख्य टीडब्ल्यूटीए(ट्रैवलिंग वेव ट्यूब एम्पलीफायर) के चालू करने पर शुरू हुआ है। उपकरण का अंशांकन और सत्यापन (कॉल-वाल) चरण के दौरान, सेंसर स्थिरता का मानीटरण, ​​एल्गोरिदम की सही ट्यूनिंग किया गया है। चूंकि संवेदक किसी भी गड़बड़ी के बिना बहुत उच्च गुणवत्ता वाले अवलोकन प्रदान कर रहा है, जिसने उपकरण के बेहतर प्रदर्शन पर विश्वास प्रदान किया और 22 अक्तूबर, 2016 को बीटा संस्करण में एमओएसडीएसी और एनआरएससी के माध्यम से पहले ही पवन उत्पादों (बीटा संस्करण) को सार्वजनिक किया गया है । कॉल-वाल चरण के सफल समापन के बाद, मिशन 21 अप्रैल, 2017 से प्रचालन चरण में है।

इस मिशन से मुख्य प्रचालन उत्पादों में 25 किमी और 50 किमी की स्वाथ ग्रीड वाले विश्व सागर की सतह के पवन उत्पाद हैं। इसके अलावा, विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद जैसे कि (1) उच्च विभेदन पवन के 6.25 किमी स्वाथ ग्रिड (2) पवन दैनिक विश्लेषण (3) एमओएसडीएसी से भूमि और ध्रुवीय क्षेत्रों के ऊपर उच्च विभेदन सिग्मा0 उत्पादों को प्रयोक्ताओं के लिए नियमित रूप से जनित और प्रसारित किया जाता है।

स्कैटसैट-1 मैथ्यू, हिमा, नीना, नादा, वर्धा, मारुता, मुरा, हार्वे और इरमा आदि जैसे विभिन्न चक्रवातों के दौरान अमूल्य पवन अवलोकन प्रदान करता है। इसके अलावा, स्कैटसैट-1 पवन उत्पाद विभिन्न उपयोगों को पूरा करने में सक्षम हैं जैसे- एनडब्ल्यूपी मॉडलों में डेटा एसिमिलेशन के माध्यम से बेहतर मौसम पूर्वानुमान, बेहतर साइक्लोन ट्रैक और तीव्रता की भविष्यवाणी, स्कैटसैट-1 हवा के दाब के माध्यम से बेहतर सागर पूर्वानुमान। स्कैटसैट-1 व्युत्पन्न सागर की सतह के हवाओं को मध्यम पूर्वानुमान मौसम पूर्वानुमान राष्ट्रीय केंद्र (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ), एमओईएस और अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, इसरो में न्यूमेरिकल वायुमंडलीय मौसम पूर्वानुमान मॉडल में कार्यान्वित किया जा रहा है ताकि भविष्यवाणियों में सुधार किया जा सके। इसके अलावा, स्कैटसैट-1 से मापे बैकस्कैटर डेटा का इस्तेमाल करते हुए, जमीनी उपयोग जैसे  मिट्टी की नमी का आकलन और जलीय उपयोग जैसे नदी जल स्तर परिवर्तनता अध्ययन आदि, और बर्फ आच्छादन के दिक्गतिक-अस्थायी परिवर्तनशीलता का अध्ययन करने के ध्रुवीय अध्ययनों का अच्छा प्रदर्शन किया गया है।

स्कैटसैट-1 सुपर विभेदन डेटा के विश्लेषण से समुद्री बर्फ का पता चला था जोकि अंटार्कटिक समुद्री बर्फ के मौसमी मिनीमा (मार्च 2017 के पहले सप्ताह में हुआ) और मौसमी मैक्सिमा (सितंबर 15, 2017 को हुआ) 2016 के संबंध में देरी से हुआ था। जनवरी से सितंबर, 2017 तक समुद्री बर्फ के प्रतिबिंबों से तैयार एनीमेशन को नीचे दिखाया गया है। स्कैटसैट-1 से समुद्री बर्फ को 1978 से 2010 (आमतौर पर इसे जलवायु समुद्री बर्फ व्यवहार के रूप में लिया जाता है) तक समुद्र के हर हिस्से की औसत मूल्य को सामने दिखाया गया है। इस चार्ट से स्पष्ट है कि इस साल सभी महीनों में समुद्र का बर्फ सामान्य (1981-2010 औसत मूल्य) से नीचे रहा।

स्कैटसैट-1 डेटा का राष्ट्रीय और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय दोनों प्रयोक्ताओं द्वारा दैनिक आधार पर उपयोग किया जाता है। यह मौसम की भविष्यवाणी और चक्रवात का पता लगाने और ट्रैकिंग के क्षेत्र में वैश्विक समुदाय को मूल्यवान इनपुट डेटा प्रदान करता है।

First Global Coverage os SCATSAT

स्कैटसैट-1 से अक्तूबर 04-05, 2016 (ऊपर) और अक्तूबर 01-02, 2017 (नीचे) के दौरान ग्लोबल महासागर सतह पवन (एम/एस)

स्कैटसैट-1 से अक्तूबर 04-05, 2016 (ऊपर) और अक्तूबर 01-02, 2017 (नीचे) के दौरान ग्लोबल महासागर सतह पवन (एम/एस) 

 

10 दिसंबर, 2016 को बंगाल की खाड़ी में चक्रवात वर्धा के दौरान स्कैटसैट द्वारा लिया गया उच्च-विभेदन हवाओं का स्नैपशॉट

10 दिसंबर, 2016 को बंगाल की खाड़ी में चक्रवात वर्धा के दौरान स्कैटसैट द्वारा लिया गया उच्च-विभेदन हवाओं का स्नैपशॉट

 

 

24 अगस्त से सितंबर 01, 2017 के दौरान उत्तर अटलांटिक महासागर में चक्रवात ईरमा के दौरान स्कैटसैट द्वारा लिया गया हवाओं का जीवन चक्र

24 अगस्त से सितंबर 01, 2017 के दौरान उत्तर अटलांटिक महासागर में चक्रवात ईरमा के दौरान स्कैटसैट द्वारा लिया गया हवाओं का जीवन चक्र

 

 स्कैटसैट-1 के माध्यम से दिसंबर 2016 से 15 सितंबर, 2017 (बायां, एनीमेशन) के माध्यम से दिखाया गया समुद्री बर्फ मौसमी विविधता । 1981-2010 (ब्लू लाइन) से लंबे समय तक मध्य समुद्र के बर्फ की तुलना में दायां हिस्सा स्कैटसेट-1 समुद्री बर्फ (रेड लाइन) को दिखाता है ।  स्कैटसैट-1 के माध्यम से दिसंबर 2016 से 15 सितंबर, 2017 (बायां, एनीमेशन) के माध्यम से दिखाया गया समुद्री बर्फ मौसमी विविधता । 1981-2010 (ब्लू लाइन) से लंबे समय तक मध्य समुद्र के बर्फ की तुलना में दायां हिस्सा स्कैटसेट-1 समुद्री बर्फ (रेड लाइन) को दिखाता है ।

 

स्कैटसैट-1 के माध्यम से दिसंबर 2016 से 15 सितंबर, 2017 (बायां, एनीमेशन) के माध्यम से दिखाया गया समुद्री बर्फ मौसमी विविधता । 1981-2010 (ब्लू लाइन) से लंबे समय तक मध्य समुद्र के बर्फ की तुलना में दायां हिस्सा स्कैटसेट-1 समुद्री बर्फ (रेड लाइन) को दिखाता है ।