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सितंबर के आखिरी सप्ताह के दौरान कई उपग्रहों का जन्मदिवस मनाया गया

5 नवंबर, 2013 को प्रमोचित मंगल कक्षित्र मिशन(मोम), इसरो ने प्रथम प्रयास में अंतर्गहीय मिशन को 24 सितंबर, 2014 को मंगल की कक्षा में सफलतापूर्वक डाला था। मोम ने सितंबर 24, 2017 को मंगल ग्रह के चारों ओर तीन साल की कक्षाएं पूरी कीं।

  • इस अवसर पर, अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रम कार्यालय, इसरो मुख्यालय ने 25 सितंबर, 2017 को 'एमओएम विज्ञान सम्मेलन' का आयोजन किया।

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प्रथम समर्पित भारतीय खगोल विज्ञान मिशन, एस्ट्रोसैट ने 28 सितंबर, 2017 को कक्षा में दो साल पूरे किए

  • अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रम कार्यालय(एसएसपीओ) ने दो साल को यादगार बनाने के लिए, इसरो मुख्यालय ने 26-27 सितंबर 2017 को इसरो मुख्यालय, बैंगलोर में "एस्ट्रोसैट विज्ञान सम्मेलन" का आयोजन किया।

  • इस अवसर पर एक पोस्टर "सितंबर 2017 माह का एस्ट्रोसैट से लिया गया चित्र" को भी जारी किया गया था।

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26 सितंबर, 2017 को स्केटसैट-1 का कक्षा में एक वर्ष पूरा हो गया। इसका 26 सितंबर, 2016 को पीएसएलवी-सी 35 के ऑनबोर्ड पर प्रमोचन किया गया था। स्कैटसैट-1, ओशियनसैट-2 स्कैट्रोमीटर के लिए निरंतरता मिशन है जो उपयोगकर्ताओं को मौसम पूर्वानुमान, चक्रवात का पता लगाने और ट्रैकिंग सेवाओं के लिए हवा वेक्टर डेटा उत्पादों को प्रदान करता है।

  • यह मौसम पूर्वानुमान और चक्रवात का पता लगाने और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उपयोगकर्ताओं के लिए ट्रैकिंग के क्षेत्र में मूल्यवान इनपुट डेटा प्रदान करता है। स्कैटसैट-1 डेटा को बड़े पैमाने हर दिन एनआरएससी वेब पोर्टल से प्रति माह लगभग 85,000 डाउनलोड़ करके उपयोग किए जाते हैं ।

इन सभी उपग्रहों का स्वास्थ्य अच्छा है और उम्मीद के मुताबिक काम करना जारी रखा है। इन उपग्रहों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण प्रगति पर है।

सितंबर के आखिरी सप्ताह में उपग्रह जीसैट-10, 29 सितंबर, 2012, ओशियनसैट-2, 23 सितंबर 2009, इन्सैट-3ई, 28 सितंबर 2003, और आईआरएस-1डी, 29 सितंबर 1997 का प्रमोचन किया गया था।