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इसरो द्वारा रांची में हिंदी में आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन

सामान्य जनता में, विशेष रूप से छात्रों के बीच जागरूकता पैदा करना, जो कि भारत के अनुप्रयोगों द्वारा प्रचालित अंतरिक्ष कार्यक्रमों से समाज को पहुंचाए जाने वाले लाभ और अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश द्वारा की गई प्रगति को इसरो ने अत्यधिक महत्व दिया गया है। महत्वपूर्ण कार्यक्रमों पर मीडिया अभियान, सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान, प्रदर्शनियों का आयोजन, व्याख्यान जैसे छात्रों के साथ अन्योन्यक्रिया सत्र, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रमों, जल रॉकटों बनाना और प्रमोचन करना, प्रकाशन, वीडियो वृत्तचित्रों इत्यादि जैसे शैक्षिक गतिविधियों को उन्हें ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सार्वजनिक रूप से हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम में नवीनतम घटनाओं के बारे में जानकारी और अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी की बारीकियों पर उन में रुचि पैदा करना भी इसका अंग है ।

इस संबंध में, 3-4 अगस्त, 2017 के दौरान झारखंड राज्य की राजधानी रांची में जवाहर विद्या मंदिर में इसरो द्वारा आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की विभिन्न घटनाओं में प्रदर्शनी शामिल थी; छात्रों और शिक्षकों के साथ इंटरैक्टिव प्रोग्राम, माता-पिता, आम जनता का दौरा; जल रॉकेट के प्रमोचन इवेंट; और अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम शामिल है । इस कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने 03 अगस्त 2017 को किया था। अपने उद्घाटन भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान ने राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भरता दोनों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने लोगों से कहा कि युवा पीढ़ी को वैज्ञानिक गतिविधियों में रुचि लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और इस तरह के कार्यक्रमों को देश के बड़े हिस्सों में ले जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इसरो प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण यह भी था कि सभी सूचनाएं हिंदी में प्रस्तुत की गईं क्योंकि अंतरिक्ष विभाग को यह हिदायत दी गई है कि लोगों में इस तरह के कार्यक्रमों को जनता की भाषा प्रस्तुत किया जाए ताकि उन्हें लोग बेहतर समझ सकें। तदनुसार, इस प्रदर्शनी का आयोजन विशेष रूप से अं.वि. और डीएई के लिए संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति की सिफारिशों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचने के लिए किया गया।

लगभग 70 रंगीन पैनलों ने छात्र समुदाय के साथ-साथ आम जनता के लिए अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, प्रदर्शनी में शामिल पैनलों में अंतरिक्ष उड़ान के विभिन्न पहलुओं के बारे में मूलभूत जानकारी प्रदान की गई थी जो देश के द्रुत और समस्त विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को अनूठा योगदान देते हैं। मंगल कक्षित्र मिशन यान के साथ-साथ चंद्रयान-1 और मून इम्पैक्ट प्रोब परीक्षण सहित विभिन्न उपग्रहों और अंतरिक्ष यान के आठ मॉडल प्रदर्शनी में रखे गए थे। भारत के रॉकेट के तीन मॉडल भी थे- अतिविश्वसनीय प्रमोचन वाहन पीएसएलवी जिसने फरवरी 2017 में 104 उपग्रहों का प्रमोचन किया, जीएसएलवी एमके ।।, स्वदेशी क्रायोजेनिक ऊपरी स्तर से सुसज्जित था और जिसने लगातार चार सफल उड़ान किया है, और अधिक महत्वपूर्ण बात, जीएसएलवी एमके III जिसने हाल ही में भारत से सबसे बड़े भारतीय उपग्रह का प्रमोचन किया (जून 31, 2017 को जीसैट-19,3136 किलो) का प्रदर्शन किया ।

मंगल कक्षित्र मिशन और एस्ट्रोसैट जैसी भारत के विभिन्न अंतरिक्ष प्रयासों पर वीडियो वृत्तचित्रों को बार-बार दिखाया गया। देश के अंतरिक्ष क्षमताओं की प्रकृति, और महत्व की व्याख्या करने के लिए उन्हें सशक्त बनाने के लिए प्रदर्शनी के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए छात्रों के समूहों को प्रशिक्षित दिया गया। बातचीत के दौरान छात्रों और आम जनता ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में गहरी रूचि दिखाई और व्यावहारिक प्रश्न पूछे।

इस इसरो आउटरीच कार्यक्रम की एक और महत्वपूर्ण विशेषता स्कूल मैदान में जल रॉकेट का प्रमोचन था । लॉन्च के दौरान, छात्रों को विशेष रूप से रॉकेट प्रणोदन के पीछे मूल सिद्धांतों और जल रॉकेट के बारे में जानकारी प्रदान की गई । कई छात्रों को जल रॉकेट खुद बनाकर लॉन्च करने का अवसर प्रदान किया गया था। छात्रों और शिक्षकों और साथ ही आम जनता ने उत्साहपूर्वक जल रॉकेट लॉन्च करने की घटनाओं में भाग लिया।

घटना के दौरान अंतरिक्ष और खगोल विज्ञान पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। राँची के विभिन्न विद्यालयों के करीब 100 छात्रों ने प्रारंभिक दौर में भाग लिया जिसमें अंतिम 18 छात्रों की संक्षिप्त सूची जारी की गई। प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी की सीमा ने अंतरिक्ष यान के साथ-साथ उनके मौलिक वैज्ञानिक ज्ञान में रुचि दिखाई थी। फाइनल में पहुंचे छात्रों को विभाग द्वारा स्पेसफ्लाइट पर बुक और नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था।

रांची में इसरो आउटरीच कार्यक्रम ने फिर से देश के छात्र समुदाय के हितों के साथ-साथ देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम की प्रशंसा और सामान्य तौर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने की इच्छुकता और विशेष रूप से देश के अंतरिक्ष प्रयासों में शामिल होने का खुलासा किया। जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली, रांची में मेजबान संस्था द्वारा की जाने वाली सुविधाएं हिंदी में इस आउटरीच कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थीं।

रांची के 60 स्कूलों से 10,000 से अधिक छात्रों ने आउटरीच कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा व्यापक रूप से रिपोर्ट किया गया था।

माननीय मंत्री द्वारा उद्घाटन समारोह

माननीय मंत्री द्वारा उद्घाटन समारोह

 

उद्घाटन समारोह के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी

उद्घाटन समारोह के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी

 

प्रदर्शनी को अवलोकन करते छात्र

प्रदर्शनी को अवलोकन करते छात्र

 

जल रॉकेट का प्रमोचन करते छात्र

जल रॉकेट का प्रमोचन करते छात्र

 

जल रॉकेट का उत्थापन

जल रॉकेट का उत्थापन