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Department of Space, Indian Space Research Organisation

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Filling up the post of Controller in U R Rao Satellite Centre (URSC), Department of Space, ISRO, Bengaluru in Level 14 of Pay Matrix (7th CPC) on Deputation basis (Last date for submission is 15/11/2021)
Announcement of Opportunity for Chandrayaan-2 science data utilisationLast date for submission of proposals is Oct 31, 2021
The current e-procurement site is proposed to switch over to new website. All the registered/new vendors are requested to visit new website at https://eproc.isro.gov.in and validate your credentials for participating with ISRO centres.

गुजरात के कुछ हिस्सों में 24 जुलाई, 2017 को स्कैटसैट-1 (कु-बैंड, स्थूल विभेदन) और सेंटिनेल-1ए (सी-बैंड, उच्च विभेदन) का विलय कर जलप्लावन जानकारी

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) ने अंतरिक्ष-आधारित अनुप्रयोगों में क्षमता निर्माण की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए हैदराबाद में जेदीमेटला परिसर में नई आउटरीच सुविधा की स्थापना की। इस सुविधा का उद्घाटन 26 जून, 2017 को अंतरिक्ष विभाग के सचिव, /इसरो के अध्यक्ष श्री ए.एस.किरण कुमार द्वारा किया गया। यह सुविधा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, सूचना कियोस्क, सामग्री निर्माण, आउटसोर्सिंग और जनसंचार जैसे कई गतिविधियों को पूरा करती है, जिन्हें समानांतर में आयोजित किया जाएगा।

सुविधा, अपने फार्म में, बृहत संख्या में पतले क्लाइंट सिस्टम डेटाबेस सर्वर और भुवन भू-पोर्टल से जुड़ा है और अत्यधिक सामग्री तैयार करने के लिए है। इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ता के पास एनआरएससी की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपग्रह डेटा और विभिन्न एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर तक पहुंच है। विद्यार्थी समुदाय और उद्योग विभिन्न विकास गतिविधियों के लिए इस सुविधा का पूरी तरह से लाभ उठा सकते हैं।

उद्घाटन में तेलंगाना राज्य समाज कल्याण आवासीय शैक्षिक संस्थानों सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों और संकाय सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उच्च मूल्य मेन्थॉल मिंट फसलों, मनरेगा के भू-टैगिंग अनुप्रयोगों और अन्य सुदूर संवेदन और जीआईएस अनुप्रयोगों पर उत्साही छात्रों द्वारा तकनीकी प्रस्तुतियों दी गई। प्रस्तुतियां मोबाइल पर नए उपयोग का ऐप "भुवन-आहार", भोजन दाता को देने के लिए और जरूरतमंदों के लिए खाद्य सामग्री को सुविधाजनक प्राप्त करने पर ध्यान दिया गया। इस अवसर पर भुवन किओस्क पर विशिष्ट उपयोग को भी प्रदर्शित किया गया।

अध्यक्ष, इसरो ने उनके द्वारा किए गए परियोजना कार्यों के विभिन्न पहलुओं पर सभी प्रतिभागियों के साथ बातचीत की। उन्होंने यह भी राय दी कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी विकास के लाभों को आम आदमी तक पहुंच जाना चाहिए और युवाओं को बड़ी संख्या में इस प्रयास में शामिल होना चाहिए। उन्होंने अकादमी और उद्योगों से आग्रह किया कि सुविधाओं का उपयोग करने के लिए, जेदीमेटला में उपलब्ध कराया जाये और पूरी तरह से वैज्ञानिक चुनौतियों का सबसे बेहतर समाधान प्रदान करें और राष्ट्रीय विकास में मदद करें।


संपर्क: एनआरएससी जेदीमेटला आउटरीच सुविधा, जिदीमेटला, हैदराबाद ईमेल द्वारा: [email protected]

जेदीमेटला आउटरीच सुविधा

जेदीमेटला आउटरीच सुविधा

 

छात्रों द्वारा अध्यक्ष, इसरो/ सचिव, अं.वि.को दिए गए प्रदर्शन

छात्रों द्वारा अध्यक्ष, इसरो/ सचिव, अं.वि.को दिए गए प्रदर्शन

 

छात्रों द्वारा अध्यक्ष, इसरो/ सचिव, अं.वि. का छात्रों एवं अकादमी और एनआरएससी स्टाफ के साथ वार्तालापछात्रों द्वारा अध्यक्ष, इसरो/ सचिव, अं.वि. का छात्रों एवं अकादमी और एनआरएससी स्टाफ के साथ वार्तालाप

छात्रों द्वारा अध्यक्ष, इसरो/ सचिव, अं.वि. का छात्रों एवं अकादमी और एनआरएससी स्टाफ के साथ वार्तालाप