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अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (सैक) अहमदाबाद में डिजिटल इंडिया वीक

भारत के माननीय प्रधान मंत्री द्वारा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लोकार्पण के साथ, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र ने डिजिटल इंडिया सप्ताह मनाया । डिजिटल इंडिया सप्ताह के भाग के रूप में, प्रधान मंत्री द्वारा उद्घाटन संबोधन का व्यापक प्रचार किया गया था और सैक कर्मियों को पूरे कार्यक्रम को देखने के लिए सुगम बनाने के लिए संपूर्ण व्यवस्था की गई थी।

1 जुलाई, 2015 को आयोजित गतिविधियों के फोटो

इस सप्ताह के दौरान निम्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

डिजिटल इंडिया सप्ताह समारोह के भाग के रूप में तीन व्याख्यान आयोजित किए गए थे।

  1. प्रथम व्याख्यान - प्रशासनिक क्षेत्रों के कार्य में कम्प्यूटरीकरण,
  2. दूसरा व्याख्यान - टेली-चिकित्सा और
  3. तीसरा व्याख्यान - मौसम पूर्वानुमान पर था

डिजिटल इंडिया सप्ताह के भाग के रूप में, इसरो मुख्यालय से दिए गए निर्देशों के अनुसार, और नियंत्रक, सैक और स.प्र., पीपीजी द्वारा पहल कर, ई-प्रोक्योरमेंट पर व्याख्यान 6 जुलाई 2015 को आयोजित किया गया, जिसमें सरकार और अंतरिक्ष विभाग द्वारा इस दिशा में उठाए गए प्रयासों के बारे में जागरूकता फैलाई गई ।

इस व्याख्यान में बड़ी संख्या में तीनों प्रशासनिक क्षेत्रों के इन्डेंटर, बजट समन्वयक और कर्मचारियों ने भाग लिया था । इस घटना को प्रधान, एमआईएसडी और उसके डिवीजन द्वारा समन्वयित किया गया था। अपने शुरुआती टिप्पणियों में, नियंत्रक, सुश्री मल्लिका महाजन ने डिजिटल डोमेन के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों और पहल की समीक्षा की । उन्होंने सभी सरकारी खरीद के लिए ई-प्रोक्योरमेंट मोड में माइग्रेट करने की आवश्यकता और जनादेश पर भी जोर दिया। श्रीमती के.एन. सरस्वती, वरिष्ठ प्र.क्र.भं. ने सामान्य रूप से ई-प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया और इसरो/अं.वि. द्वारा अपनाए गए समाधान के बारे में बताया । उन्होंने इसरो/अं.वि में लागू ई-प्रोक्योरमेंट समाधान के विभिन्न विशेषताओं पर मोटे तौर पर प्रकाश डाला ।

श्री उपेंद्र गोंधलेकर, वरिष्ठ क्रय और भंडार अधिकारी ने ईजीपीएस और इसके विभिन्न विशेषताओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया। श्री पूजेश भीमनी, वैज्ञानिक सहायक, एमआईएसडी ने ईजीपीएस मूल्य वर्धन पर ईजीपीएस डेटाबेस से विभिन्न एमआईएस रिपोर्ट के लिए एमआईएसडी द्वारा विकसित वेब साइट पर व्याख्यान दिया ।

व्याख्यान के बाद सवाल और जबाब सत्र चलाया गया था, जहां कई संदेहों का समाधान किया गया और सुझाव लिए गए। एमआईएसडी के प्रधान, श्री नवीन शुक्ला द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ इवेंट का समापन हुआ।

द्वितीय व्याख्यान "इसरो के टेलीमेडिसिन नेटवर्क पर निरंतर चिकित्सा शिक्षा (सीएमई)" 7 जुलाई, 2015 को श्री एस.फनी कुमार, डेकू द्वारा दिया गया। श्री फनीकुमार ने सीएमई की सुविधाओं और विभिन्न अस्पतालों और उपयोगकर्ता एजेंसियों के बीच अन्योन्यक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। इस व्याख्यान में निदेशक, डेकू और सैक और डेकू के विभिन्न क्षेत्रों के कर्मियों ने भाग लिया था। व्याख्यान का प्रश्न और उत्तर सत्र के साथ समापन हो गया।

तीसरा व्याख्यान "मौसम कल: डिजिटल सूचना प्रणाली के लिए अतीद्रिंय ज्ञान" 7 जुलाई, 2015 को डीडब्ल्यूडी /एडीवीजी/ईपीएसए के प्रमुख सुश्री पुष्पालता शाह ने दिया था। इस व्याख्यान में निदेशक, डेकू और सैक और डेकू के विभिन्न क्षेत्रों के कर्मियों ने भाग लिया था। व्याख्यान का प्रश्न और उत्तर सत्र के साथ समापन हो गया। अध्यक्ष ने यह भी बताया कि कैसे एम-गवर्नेंस को एमओएसडीएसी मोबाइल ऐप का उपयोग कर लागू किया गया है।

श्री डीएनवीएसएसएन मुर्ति, पीपीएमडी/पीपीजी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ सत्र समाप्त हुआ।

आभार:
प्रथम व्याख्यान पर संक्षिप्त रिपोर्ट प्रदान श्री नवीन शुक्ला, प्रधान, एमआईएसडी ने प्रदान किया । सभी वक्ताओं का आभार, जिन्होंने अल्पावधि के भीतर निमंत्रण स्वीकार कर लिया और विस्तृत व्याख्यान दिया है जिसमें विस्तृत विवरण शामिल किया है।