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डेकू का सी.एम.ई. कार्यक्रम - एक सामाजिक अनुसंधान परिप्रेक्ष्य

इसरो का दूरचिकित्‍सा कार्यक्रम देश भर में जरूरतमंद रोगियों को गुणवत्‍ता वाली सेवाएँ प्रदान करने की दूरदर्शिता के साथ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के एक समाजोपयोगी अनुप्रयोग के रूप में शुरू हुआ। इसके अनुसरण में, इसरो ने विभिन्‍न्‍न अस्‍पतालों/मेडिकल कॉलेजों के लिए उपग्रह संचार (सैटकॉम) संयोजकता, नैदानिक उपकरण, दूरचिकित्‍सा हार्डवेयर तथा साफ्टवेयर का प्रबंध किया। यह नेर्टव‍क उपग्रह आधारित है, जिसके नेटवर्क केंद्रीय हब बेंगलूर में स्थित है।

निरंतर चिकित्‍सा शिक्षा (सी.एम.ई.) कार्यक्रम की शुरूआत नवंबर 2014 के दौरान की गई और तबसे प्रति माह, इसरो के विकास और शैक्षिक संचार यूनिट (डेकू) से एक सी.एम.ई. कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। सी.एम.ई. का उद्देश्‍य चिकित्‍सा क्षेत्र के वृत्तिकों को अपने ज्ञान का अद्यतन करने तथा अपने अनुभवों को बाँटने में सहायता प्रदान करना है। वर्तमान में देश भर में विभिन्‍न अस्‍पतालों, मेडिकल कॉलेजों, स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों तथा मोबाइल स्‍वास्‍थ्‍य वैनों में करीब 119 दूरचिकित्‍सा नोड सक्रिय है। सी.एम.ई. के माध्‍यम से इस संस्‍थानों के चिकित्‍सा समुदाय को लाभ प्राप्‍त होता है।

कार्यक्रम आयोजन तथा मूल्‍यांकन समूह (पी.पी.ई.जी.) के सामाजिक अनुसंधान तथा मूल्‍यांकन प्रभाग (एस.आर.ई.डी.), डेकू, इसरो सी.एम.ई. कार्यक्रम को ऑनलाइन देखता है तथा साथ ही प्रतिभागी केंद्रों से फीडबैक भी लेता है। प्रत्‍येक सी.एम.ई. कार्यक्रम के दौरान, कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रेक्षण डेकू स्‍टूडियों से जुड़े छात्र नोड से किया जाता है, जिसे शिक्षण नोड के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। आँकड़ों को प्राप्‍त करने हेतु व्‍यवस्थित प्रेक्षण प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है। इस कार्यक्रम के प्रेक्षण में इस बात को समझना कि किस प्रकार कार्यक्रम का संचालन किया जाता है, कार्यक्रम का समय, व्‍याख्‍यान तथा चर्चात्‍मक सत्र के दौरान श्रव्‍य-दृश्‍य की गुणवत्‍ता तथा चर्चात्‍मक सत्र में प्रतिभागी केंद्रों के ब्‍यौरे शामिल हैं।

उपरोक्‍त प्रेक्षणों के अलावा, डाक्‍टरों से उनके संपूर्ण अनुभव के बारे में, तकनीकी गुणवत्‍ता तथा सी.एम.ई. कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं के बारे में उनके विचारों को कार्यक्रम के अंत में तत्‍काल प्राप्‍त किया जाता है। सी.एम.ई. कार्यक्रम के दौरान उन सभी दूरचिकित्‍सा नोडों की सूची इस्‍ट्रैक हब से प्राप्‍त होती है, जिन्‍होंने कार्यक्रम में लॉग किया था। बाद में, सभी प्रतिभागी दूर-चिकित्‍सा नोडों को टेलीफोन के माध्‍यम से संपर्क में लाया जाता है तथा सी.एम.ई. सत्रों तथा कार्यक्रम की गुणवत्‍ता से संबंधित फीडबैक लिए जाते हैं। फीडबैक के माध्‍यम से श्रव्‍य-दृश्‍य गुणवत्‍ता, संतुष्टि के स्‍तर, प्रतिभागियों की संख्‍या, प्रतिभागियों के संतुष्टि स्‍तर तथा सुझावों पर राय ली जाती है।

नवंबर 2014 से फरवरी 2017 तक 26 सी.एम.ई. कार्यक्रमों का संचालन किया गया। औसत सत्र 71 मिनट का होता है, जिसमें से व्‍याख्‍यान सत्र 47 मिनट का तथा चर्चात्‍मक सत्र 24 मिनट का होता है। शिक्षण के तरीकों में पावर प्‍वाइंट प्रस्‍तुति, अचल चित्र तथा वीडियो क्लिप, सी.एम.ई. शामिल है। कार्यक्रमों में अब तक डाक्‍टर, प्रोफेसर, मेडिकल से लेकर पैरा-मेडिकल छात्रों से लेकर करीब 5250 चिकित्‍सीय वृत्तिकों ने भाग लिया है। करीब 150 अन्‍य स्‍टाफ जैसे तकनीशियनों, नर्सों, परिचरों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। चर्चात्‍मक सत्रों में कुल 284 प्रश्‍न पूछे गए। सी.एम.ई. द्वारा शामिल किए गए मुख्‍य विषयों में बालचिकित्‍सा, स्‍त्रीरोग विज्ञान, सामान्‍य चिकित्‍सा (औषधी), विकलांग विज्ञान, कार्डियो-वास्‍कुलर रोग, मधुमेह, अन्‍य उच्‍च रक्‍तचाप जैसी जीवन शैली रोग, कैंसर विज्ञान (अंकोलोजी), त्‍वचा विज्ञान, यूरोलोजी, प्‍लमोनोलोजी, न्‍यूरोलोजी, मनोरोग विज्ञान, नेत्र विज्ञान, प्रयोगशाला जाँच तथा नैदानिक अनुप्रयोग है।

सी.एम.ई. कार्यक्रमों में भाग लेने वाले डाक्‍टर संतुष्‍ट है तथा उनकी यह राय है कि चिकित्‍सा जगत के वृत्तिक सी.एम.ई. के माध्‍यम से अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं। उन्‍हें यह भी लगा कि शैक्षणिक तथा प्रशिक्षण उद्देश्‍यों हेतु सी.एम.ई. कार्यक्रम का प्रयोग डाक्‍टरों, मेडिकल छात्रों, पैरा-मेडिकल स्‍टाफों तथा सामान्‍य जन के लिए भी किया जा सकता है। उन्‍होंने इस पर भी जोर दिया कि सी.एम.ई. कार्यक्रमों को जारी रखा जाए तथा इसे देश के सुदूर क्षेत्रों के लिए भी बढ़ाया जाए। अधिकांश प्रतिभागी दूरचिकित्‍सा केंद्र सी.एम.ई. के विषय वस्‍तु तथा उपयोगिता से संतुष्‍ट है। प्रतिभागी केंद्रों द्वारा प्राप्‍त सभी सुझावों तथा एस.आर.ई.डी./पी.पी.ई.जी. द्वारा दिए गए इस कार्यक्रम के तकनीकी गुणवत्‍ता से संबंधित सभी सुझावों का कार्यान्‍वयन तकनीकी टीम द्वारा किया जा रहा है।

26वां सी.एम.ई. कार्यक्रम पर वीडियो

Interaction Between Expert Doctors and Centres

Interaction Between Expert Doctors and Centres

 

Behind the Screen

Behind the Screen

 

Participants Interacting with Specialist Doctor

Participants Interacting with Specialist Doctor