मोम अंतरिक्ष यान पर लंबी ग्रहण से बचाव का कौशल सफलतापूर्वक निष्पादित

उपग्रह के लिए लगने वाले लंबी अवधि के सूर्यग्रहण से बचने के लिए मंगल कक्षित्र मिशन (मोम) अंतरिक्ष यान पर कक्षीय कौशल प्रदर्शन किया गया । आने वाले दिनों में ग्रहण की अवधि 8 घंटे के लंबे समय की हो सकता थी । उपग्रह की बैटरी को केवल 1 घंटे 40 मिनट तक की ग्रहण अवधि को संचलन करने के लिए बनाया गया है, एक लंबे समय तक ग्रहण से बैटरी सुरक्षित सीमा से परे सूख जाता । 17 जनवरी, 2017 को किए कौशल प्रदर्शन से इस लंबी ग्रहण अवधि के दौरान ग्रहण को शून्य तक नीचे लाया गया ।

17 जनवरी की शाम को, सभी आठ 22N प्रणोदकों को 431 सेकंड की अवधि के लिए ज्वलन किया गया था, ताकि 97.5 मी./सें. के वेग अंतर को प्राप्त किया जा सके। इससे मोम अंतरिक्ष यान नए कक्षा में चला गया, जिससे सितम्बर 2017 तक पूरी तरह से ग्रहण से बचा जा सकेगा । इस कौशल के लिए 20 किलो प्रणोदक का उपयोग हुआ और 13 किलो इसके आगे के मिशन जीवन के लिए प्रणोदक शेष है ।


अंतरिक्ष यान का स्वास्थ्य सामान्य है। मोम के लिए अगला लंबी अवधि का सूर्यग्रहण वर्ष 2020 में होने की संभावना है।

मोम अंतरिक्ष यान पर ग्रहण से बचाव का कौशल

मोम अंतरिक्ष यान पर ग्रहण से बचाव का कौशल