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DRAFT NATIONAL SPACE TRANSPORTATION POLICY -2020

मंगल कक्षित्र मिशन की रूपरेखा (प्रोफाइल)

1. भू-केन्द्रित चरण (जियोसेंट्रिक फेस)

अंतरिक्ष यान को प्रमोचक द्वारा एक दीर्घवृत्‍तीय पड़ाव (पार्किंग) कक्षा में प्रविष्‍ट कर दिया जाता है। 6 मुख्‍य इंजनों के दहन द्वारा युक्ति संचालन से धीरे-धीरे अंतरिक्ष यान को प्रस्‍थान अतिपरवलयिक (हाइपरबोलिक) प्रक्षेप पथ (ट्रेजेक्‍टरी) में लाया जाता है इसके साथ ही यान पृथ्‍वी की परिक्रमा वेग+V बूस्‍ट के साथ पृथ्‍वी के प्रभाव क्षेत्रसे बाहर निकल जाता है। पृथ्‍वी की सतह से 918347 कि.मी. ऊपर उसका प्रभाव क्षेत्र समाप्‍त हो जाता है और तब कक्षित्र पर पड़ने वाला क्षोभकारी बल मुख्‍यता सूर्य के कारण होता है।  अंतरिक्ष यान को कम से कम ईंधन खर्च कर मंगल तक कैसे पहुँचाया जाय यह एक मूल चिंता का विषय होता है। अंतरिक्ष यान को न्‍यूनतम संभव ईंधन द्वारा मंगल तक भेजने के लिए इसरो द्वारा होइमैन ट्रॉंसफर ऑर्बिट अर्थात न्‍यूनतम ऊर्जा अंतरण कक्षा नामक विधि का प्रयोग किया गया है।

2. सूर्य केन्‍द्री चरण

अंतरिक्ष यान पृथ्‍वी से विदा ले कर स्‍पर्श रेखीय दिशा में आगे जाता है जहॉं पर स्‍पर्श रेखीय रूप में उसका सामना मंगल ग्रह के साथ होता है। उस दौरान अंतरिक्ष यान का उड़ान पथ मोटे तौर पर सूर्य के घेरे का डेढ़ गुणा होता है। अंतत: वह मंगल ग्रह में ठीक उसी समय प्रविष्ट होगा जब मंगल ग्रह भी वहॉं होगा। यह स्‍पर्श पथ कुछ घट-बढ़ के साथ तभी संभव होता है जब पृथ्‍वी, मंगल और सूर्य की पारस्‍परिक स्थिति लगभग 40 डिग्री का कोण बनाती है। इस प्रकार की परिस्थिति लगभग 780 दिनों के अंतराल पर उत्‍पन्‍न होती है। पृथ्वी व मंगल के मध्‍य ऐसे न्‍यूनतम ऊर्जा सुअवसर नवंबर 2013, जनवरी 2016 तथा मई 2018 आदि को उपलब्‍ध रहेंगे।

3. मंगल ग्रह संबंधी चरण

अंतरिक्ष यान अब अतिपरयवलित प्रक्षेप पथ (हायपरबोलिक ट्रेजेक्‍टरी) में मंगल ग्रह के प्रभाव क्षेत्र में पहुँच जाता है। जैसे ही अंतरिक्ष यान मंगल के निकटतम उपगमन पर पहुँचता है उसे डेल्टा वी (∆V) रेट्रो अर्थात मंगल कक्षा प्रविष्टि (एमओआई) युक्ति संचालन प्रदान कर मंगल की नियोजित कक्षा में पकड़ लिया जाता है। उपर दिए गए चित्र में पृथ्‍वी-मंगल प्रक्षेप पथ को दर्शाया गया है। इसरो द्वारा मंगल कक्षित्र अभियान को नवंबर 2013 के दौरान उपलब्‍ध न्‍यूनतम उर्जा अंतरण सुअवसर का लाभ उठा कर प्रमोचित करने का प्रस्‍ताव है।