May 26, 1999

पीएसएलवी-सी2

पीएसएलवी-सी2, भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचक रॉकेट (पीएसएलवी) के दूसरे संक्रियात्मक प्रमोचन ने 727 कि.मी. ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकाली कक्षा में तीन उपग्रहों को स्थापित किया- प्रमुख नीतभार के रूप में भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह (आईआरएस-पी4) तथा सहायक नीतभारों के रूप में कोरियाई कैटसैट-3 और जर्मन डीएलआर-टबसैट। जहाँ आईआरएस-पी4 (ओशनसैट) का भार 1050 कि.ग्रा. है, वहीं किटसैट-3 तथा डीएलआर-टबसैट का भार क्रमशः 107 कि.ग्रा. तथा 45 कि.ग्रा. है। दो सहायक नीतभारों को एक दूसरे के व्यासीय रूप से विपरीत पीएसएलवी उपकरण कक्ष पर आरूढ़ किया गया है। प्रमुख नीतभार, आईआरएस-पी4 को पीएसएलवी की पिछली उड़ानों के समान ही उपकरण कक्ष के शीर्ष पर आरूढ़ किया गया है। उड़ान अनुक्रम में, आईआरएस-पी4 को पहले, और उसके पीछे किटसैट-3 तथा डीएलआर-टबसैट को क्रमशः अंतःक्षेपित किया जाता है। 

294 टन उत्थापन भार सहित, 44.4 मी. ऊँचा पीएसएलवी चार चरण वाला यान है, जिसके पहले व तीसरे चरण में ठोस प्रणोद और दूसरे तथा चौथे चरण में द्रव प्रणोद का उपयोग किया जाता है। इसके पहले चरण में छह ठोस प्रणोद स्ट्रैप-ऑन मोटर का भी उपयोग होता है। पीएसएलवी को चेन्नई से लगभग 100 कि.मी. उत्तर की ओर स्थित इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार, श्रीहरिकोटा से प्रमोचित किया जाता है। 

पीएसएलवी की पहली संक्रियात्मक उड़ान 29 सितम्बर, 1997 को घटित हुई जिसने आईआरएस -1 डी को ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकाली कक्षा में स्थापित किया। अंतरिक्ष विभाग का वाणिज्यिक भाग, एन्ट्रिक्स निगम, इसरो की ओर से पीएसएलवी प्रमोचन सेवाओं का विपणन करता है। 

  चरण-1 चरण-2 चरण-3 चरण-4
नामावली कोर पीएस1 + स्ट्रैप-ऑन पीएसओएम 6 सं पीएस 2 पीएस 3 पीएस 4
नोदक ठोस एचटीपीबी आधारित द्रव यूडीएमएच + एन2ओ4 ठोस एचटीपीबी आधारित द्वि-नोदक एमएमएच + एन2ओ4
नोदक भार (टन) 138.0 + 6X9.0 40.6 7.2 2.0
चरण भार (टन) 229 46 8.4 2.89
अधिकतम प्रणोद (केएन) 4628 + 662 x 6 725 340 7.4 x 2
ज्वलन समय (से.) 107.4
45
163 76 415
चरण व्यास (मी.) 2.8
1.0
2.8 2.0 1.3
चरण लंबाई (मी.) 20
10
12.5 3.6 2.1