एच.टी.पी.बी. आधारित नोदक वाले रोहिणी परिज्ञापन रॉकेट (आर.एच. 200) का पहला प्रमोचन

हाइड्रोक्सिल टर्मिनेटेड पॉलीब्‍युटाडीन (एच.टी.पी.बी.) पर आधारित नए नोदक फॉर्मूलों वाला भारत का प्रसिद्ध रोहिणी परिज्ञापन रॉकेट, आर.एच.200 (चित्र 1) थुंबा भूमध्‍यरेखीय रॉकेट प्रमोचन स्‍टेशन (टी.ई.आर.एल.एस.), वी.एस.एस.सी. से 16 सितंबर 2020 को 1217 बजे सफलतापूर्वक प्रमोचित किया गया। यह आर.एच.200 (मौसमविज्ञानी) परिज्ञापन रॉकेट की 180वीं उत्‍तरोत्‍तर सफल उड़ान तथा एच.टी.पी.बी. आधारित नोदक वाली पहली उड़ान थी। इस मिशन ने 123 सेकेंड में 60.61 कि.मी. की अनुमानित तुंगता के बजाय 62.71 कि.मी. की तुंगता प्राप्‍त की तथा चॉफ नीतभार को सफलतापूर्वक रिलीज किया। मोटर का कार्य सामान्‍य था।

RH 200 rocket on the launcher

चित्र: प्रमोचक पर आर.एच.200 रॉकेट

भारत ने 21.11.1963 को भारतीय जमीन से पहला परिज्ञापन रॉकेट प्रमोचित कर, थुंबा भूमध्‍यरेखीय रॉकेट प्रमोचन स्‍टेशन की स्‍थापना के साथ अपनी अंतरिक्ष यात्रा शुरू की थी। बाद में 20.11.1967 को भारत में बने पहले परिज्ञापन रॉकेट आर.एच.75 को सफलतापूर्वक प्रमोचित किया गया। विगत वर्षों में इसरो ने विभिन्‍न प्रकार के वैज्ञानिक परीक्षणों और मौसम विज्ञान संबंधी अध्‍ययनों के लिए अनेक रॉकेट विकसित किये। वर्तमान में आर.एच.200, आर.एच.300 रॉकेट, मार्क-II और आर.एच.560, मार्क-III रॉकेट प्रचालनरत हैं, जिन्‍हें हमारी रॉकेट यात्रा के प्रारंभिक चरण के दौरान विकसित किया गया था।

आर.एच.200 के पहले और दूसरे चरणों को ठोस मोटरों से ऊर्जा प्राप्‍त होती है। आर.एच.200 के प्रारंभ समय से ही दोनों ठोस चरण पॉलीविनाइल क्‍लोराइड (पी.वी.सी.) आधारित नोदक से चलाए जाते हैं। पी.वी.सी. आधारित नोदकों की तुलना में एच.टी.पी.बी. आधारित नोदक अधिक शक्तिशाली, उच्‍च यांत्रिक और अंतरफलक विशेषतायुक्‍त होते हैं तथा इसमें न्‍यून प्रक्रमण ताप की वजह से कम खामियां होती हैं। इन लाभों को देखते हुए आर.एच.200 के लिए एच.टी.पी.बी. आधारित नोदक से पी.वी.सी. आधारित नोदक को प्रतिस्‍थापित करने के प्रयास किये गए तथा वांछित गुणवत्‍ता पाने के लिए अनेक प्रयास किये गए। इसके अतिरिक्‍त एच.टी.पी.बी. नोदन के साथ मिश्रित पेपर ट्यूब आधारित रोधन को अंतरफलक गुणधर्म और दृढ़ता बढ़ाने के लिए कार्यान्वित किया गया।

पहली उड़ान से पहले, प्रथम चरण के लिए 4 स्‍थैतिक परीक्षण और दूसरे चरण के लिए दो स्‍थैतिक परीक्षण संचालित कर, आर.एच.200 चरणों के निष्‍पादन की जांच की गई।