अंतरिक्ष क्षेत्र का कायाकल्‍प करने के लिए इसरो और ए.आइ.एम. के साथ भारत के स्‍टार्टअपों का सशक्‍तीकरण

Empowering India's Startups to transform Space Sector with ISRO and AIM Empowering India's Startups to transform Space Sector with ISRO and AIM

09 सितंबर 2020

सचिव, अंतरिक्ष विभाग ने माननीय सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री - श्री नितिन गडकरी, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, श्री के विजय राघवन; उपाध्‍यक्ष, नीति आयोग; मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी, नीति आयोग और डॉ. वी. के सारस्‍वत, सदस्‍य, नीति आयोग की उपस्थिति में नीति आयोग के अंतर्गत अटल न्‍यू इंडिया चैलेंजेज (ए.एन.आइ.सी.) – एराइज़ कार्यक्रम के एक भाग के रूप में अंतरिक्ष क्षेत्र की तीन चुनौतियों की घोषणा की। ये तीन क्षेत्र निम्‍नलिखित हैं:- 

  1. नोदन – हरित नोदक, वैद्युत नोदन, उन्‍नत श्‍वसन क्रिया
  2. भू-स्‍थानिक सूचना – फसल मॉनीटरन, मौसम पूर्वानुमान और कार्यक्रम मूल्‍यांकन में उपयोगी मशीन लर्निंग/कृत्रिम बुद्धि (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का उपयोग करते हुए भू-स्‍थानिक सूचना  
  3. रोबोटिक्‍स/संवर्धित वास्‍तविकता/आभासी वास्‍तविकता – अंतरिक्ष अन्‍वेषण में सहायक रोबोटिक्‍स का अनुप्रयोग, संवर्धित वास्‍तविकता/आभासी वास्‍तविकता तकनीकियाँ 

 

10 सितंबर 2020

9 सितंबर को ए.एन.आइ.सी.-एराइज़ के शुभारंभ के बाद अंतरिक्ष विभाग, ए.आइ.एम. और नीति आयोग ने संयुक्‍त रूप से अंतरिक्ष क्षेत्र में विशेषत: स्‍टार्टअप और एम.एस.एम.ई. के लिए   “अंतरिक्ष क्षेत्र का कायाकल्‍प करने के लिए इसरो और ए.आइ.एम. के साथ भारत के स्‍टार्टअअपों का सशक्‍तीकरण” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया।

सचिव, अंतरिक्ष विभाग ने वेबिनार को संबोधित किया तथा वापस-खरीदी व्‍यवस्‍था सहित स्‍टार्टअपों को प्रोत्‍साहित करने के लिए इसरो में बनाए जा रहे अनेक अवसरों तथा प्रावधानों का विवरण दिया। उन्‍होंने इसरो के अंतर्गत होने वाले स्‍टार्टअप कार्यक्रम “अंतरिक्ष उद्यमिता एवं उद्यम विकास (एस.ई.ई.डी.)” की घोषणा की, जो प्रारंभिक विमर्श चरण में है। उन्‍होंने राय व्‍यक्‍त की है कि यह कार्यशाला अंतरिक्ष क्षेत्र में एम.एस.एम.ई. तथा स्‍टार्टअपों के लिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर विमर्श करने के लिए इस कार्यक्रम में और अधिक ऊर्जा प्रदान करेगी।

निम्‍नलिखित विषयों पर सत्र संचालित किये गए:

  1. स्‍टार्टअपों के लिए वैश्विक प्रौद्योगिकी महा‍रथियों की साझेदारी सुनिश्चित करके आत्‍मनिर्भर भारत का निर्माण
  2. वी.सी./प्रारंभिक नि‍वेशक, उष्‍मायकों, त्‍वरित्रों की भूमिका
  3. प्रस्‍तावित इसरो स्‍टार्टअप सहायता कार्यक्रम का विवरण
  4. भू-प्रेक्षण तथा अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में अवसर

जी.ई., सिस्‍को और सैप (एस.ए.पी.), क्‍योरफिट, टी.-हब तथा न्‍यूमा एक्‍सेलरेटर्स जैसे उद्योगों के प्रतिष्ठित वक्‍ताओं ने नए स्‍टार्टअपों पर अपने अनुभव साझा किये।

इसरो के अधिकारियों ने अंतरिक्ष क्षेत्र के मुख्‍य क्षेत्रों एवं अवसरों पर प्रस्‍तुति दी।

50 से अधिक स्‍टार्टअपों ने इसमें भाग लिया, जबकि 590 से अधिक ऑफलाइन तरीके से शामिल हुए।