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चंद्रयान-2 पूछे जाने वाले प्रश्न

FAQ
Chandrayaan 2

पूछे जाने वाले प्रश्न

  • 1. चन्‍द्रयान-1 क्‍या है।

    चन्‍द्रयान-1 चन्‍द्रमा पर भेजा गया भारत का पहला मिशन था। संस्‍कृत और हिन्‍दी में ''चन्‍द्र'' का अर्थ है चन्‍द्रमा और ''यान'' कहते हैं वाहन को अर्थात चन्‍द्रमा पर भेजा गया अंतरिक्ष वाहन।
  • 2. चन्‍द्रयान-1 कब और कहां से छोड़ा गया था?

    चन्‍द्रयान-1 भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन पीएसएलवी-सी II से 22 अक्‍टूबर 2008 को श्री हरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्‍द्र से छोड़ा गया था।
  • 3. चन्‍द्रयान-1 ने कब तक काम किया?

    इस अंतरिक्ष यान ने चन्‍द्रमा की 3400 से ज्‍यादा परिक्रमाएं कीं और यह 312 दिन अर्थात 29 अगस्‍त तक काम करता रहा ।
  • 4. चन्‍द्रयान-1 पर कौन-कौन से वैज्ञानिक उपकरण रखे गये थे?

    चन्‍द्रयान-1 पर 11 वैज्ञानिक उपकरण रखे गये थे। इनमें से पांच भारतीय थे और शेष छह ई एस ए (3), नासा (2) और बुल्‍गारियाई विज्ञान अकादमी (1) के थे जिनका चयन इसरो की घोषणा (ए ओ) के जरिये किया गया था। ई एस ए वाले दो उपकरण भारतीय सहयोग से विकसित किये गये थे।
  • 5. चन्‍द्रयान-1 की उपलब्धियां क्‍या रहीं?

    चन्‍द्रयान-1 चन्‍द्रमा पर पानी होने की पक्‍की पुष्टि की। यह खोज सबसे अलग थी। चन्‍द्रयान-1 ने चन्‍द्रमा के उत्‍तरी ध्रुव क्षेत्र में बर्फ के रूप में पानी जमा होने की भी खोज की। इसने चन्‍द्रमा की सतह पर मैग्निशियम, एल्‍युमिनियम और सिलिकॉन होने का भी पता लगाया। चन्‍द्रमा का वैश्विक मानचित्र तैयार करना इस मिशन की एक और बड़ी उपलब्धि थी।
  • 6. चन्‍द्रमा का अध्‍ययन क्‍यों महत्‍वपूर्ण है?

    चन्‍द्रमा के अस्तित्‍व में आने और उसके क्रमिक विकास से जुड़ी जानकारी प्राप्‍त करके हमें समूचे सौरमंडल और हमारी पृथ्‍वी का इतिहास समझने में सहायता मिलेगी।
  • 7. चंद्रमा का तापमान कितना है?

    चंद्रमा का तापमान अत्‍यधिक ज्‍यादा और अत्‍यधिक कम है। इसके जिस भाग पर सीधे सूर्य की रोशनी पड़ती है वहां 130 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होता है और बेहद गर्मी रहती है। पर रात के वक्‍त यह शून्‍य से 180 डिग्री सेल्सियस कम हो जाता है और जबर्दस्‍त ठंड रहती है।
  • 8. क्‍या चंद्रमा पर जीवन है?

    अभी तक किसी चंद्र मिशन को चंद्रमा पर जीवन होने के प्रमाण या संकेत नही मिले हैं।
  • 9. हमें चंद्रमा का एक भाग ही क्‍यों दिखाई देता है?

    चंद्रमा के परिक्रमा करते रहने के कारण पृथ्‍वी की तरफ उसका वही एक भाग दिखाई देता है। इसका कारण यह है कि पृथ्‍वी की गुरूत्‍वाकर्षण शक्ति के चंद्रमा के घूमने की गति इतनी कम हो जाती है कि उसे अपनी धूरी पर घूमने में उतना ही समय लगता है जितना उसे पृथ्‍वी की परिक्रमा पूरी करने में लगता है जो 27 दशमलव तीन दिन के बराबर है।
  • 10. चंद्रमा पृथ्‍वी से कितनी दूर है?

    पृथ्‍वी और चंद्रमा के बीच औसत दूरी 3,84,000 किलोमीटर है।
  • 11. चंद्रमा पृथ्‍वी से कितना भिन्‍न है?

    चंद्रमा का व्‍यास करीब 3,476 किलोमीटर है जो पृथ्‍वी के व्‍यास का एक चौथाई है। चंद्रमा का भार पृथ्‍वी के भार से 81 गुणा कम है। चंद्रमा की सतह पर गुरूत्‍वाकर्षण शक्ति पृथ्‍वी की गुरूत्‍वाकर्षण शक्ति के सिर्फ छठे भाग जितनी है। चंद्रमा पर पृथ्‍वी जैसा वायुमंडल नही है और इसीलिए वहां तरल पानी नही है।
  • 12. चंद्रयान-2 क्‍या है?

    चंद्रयान-2 असल में चंद्रयान-1 मिशन की ही अगली कड़ी है। चंद्रयान-2 में ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं।
  • 13. चंद्रयान-2 और चंद्रयान-1 में क्‍या फर्क है?

    चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह पर अपना ''विक्रम'' मॉड्यूल उतारने की कोशिश करेगा और छह पहियों वाले रोवर ''प्रज्ञान'' को चांद पर फिट कर देगा और इसके जरिए कई वैज्ञानिक परीक्षण किए जाएंगे। जबकि चंद्रयान-1 यह कार्य नही कर पाया था। चंद्रयान-1 का लिफ्ट ऑफ भार 1380 किलोग्राम था जबकि चंद्रयान-2 का भार 3850 किलोग्राम है।
  • 14. चंद्रयान-2 के लक्ष्‍य क्‍या हैं?

    चंद्रयान-2 का उद्देश्‍य चंद्रमा पर उतकर उसकी सतह के अध्‍ययन के लिए रोवर फिट करना है ताकि चंद्रयान-1 के वैज्ञानिक कार्यों का दायरा और बढ़ाया जा सके।
  • 15. चंद्रयान-2 कितने उपकरण ले जा रहा है?

    ऑर्बिटर में चंद्रमा की सतह का मानचित्र बनाने और वहां के वायुमंडल (बाहरी वातावरण) के अध्‍ययन के लिए आठ वैज्ञानिक पे-लोड रखे गये हैं। लैंडर में चंद्रमा की सतह और उपसतह के परीक्षणों के लिए तीन वैज्ञानिक पे-लोड लगाए गये हैं। रोवर में दो पे-लोड हैं जिनसे हमें चंद्रमा की सतह के बारे और ज्‍यादा जानकारी मिल सकेगी। नासा में भी एक अप्रत्‍यक्ष परीक्षण चंद्रयान-2 से किया जाएगा।
  • 16. ऑर्बिटर,लैंडर और रोवर मिशन कितने समय चलेगा?

    ऑर्बिटर का मिशन कार्यकाल एक वर्ष होगा जबकि लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) का कार्यकाल चंद्रमा के एक दिन यानि पृथ्‍वी के 14 दिनों का होगा।
  • 17. चंद्रयान-2 को किस प्रक्षेपण यान से अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा?

    चंद्रयान-2 को प्रक्षेपण यान जीएसएलवी-एमके III एम-1 से अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा।
  • 18. चंद्रयान-2 कब छोड़ा जाएगा?

    चंद्रयान-2 श्री‍हरिकोटा से 15 जुलाई 2019 को 02:51 बजे जीएसएलवी-एमके III एम-1 से छोड़े जाने का कार्यक्रम है।
  • 19. प्रक्षेपण के बाद विक्रम चंद्रमा की सतह पर कब उतरेगा?

    चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर के 6 सितम्‍बर 2019 को उतरने की संभावना है।
  • 20. रोवर चंद्रमा पर कितनी दूरी तक चलेगा?

    रोवर चंद्रमा पर उतरने की जगह से पांच सौ मीटर की दूरी तक चल सकता है।
  • 21. चंद्रयान-2 मिशन के चुनौतिपूर्ण पहलू क्‍या है?

    इस मिशन की कुछ तकनीकी चुनौतियाँ हैं:
    • चंद्रमा की सतह पर उतरते समय बेहद कम स्‍वचालित गति सुनिश्चित करने के लिए थौटलेवल इंजनों वाला प्रोपल्‍शन सिस्‍टम;
    • मिशन मैनेजमेंट-विभिन्‍न चरणों पर प्रोपलैंट मैनेजमेंट, इंजन जलाना, कक्षा(ऑर्बिट) और प्रक्षेप पथ (ट्रैवेलरी) का डिजाइन
    • लैंडर विकास-दिशा सूचक (‍नेविगेशन), निर्देशन और नियंत्रण, दिशा बताने और बाधा से बचने के लिए नेविगेशन सेंसर और आराम से उतरने के लिए लैंडर लौग मैकेनिज्‍म;
    • रोवर विकास- लैंडर मैकेनिज्‍म से रोल डाउन, चंद्रमा की सतह पर रोविंग मैकेनिज्‍म, पावर प्रणालियों का विकास और परीक्षण, थर्मल(तापीय) प्रणालियां, संचार और मोबिलिटी प्रणालियां
  • 22. दुनिया की अंतरिक्ष ऐजेंसियों ने चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग के कितनी बार प्रयास किये है? इन मिशनों को कितनी बार सफलता मिली?

    अभी तक चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के कुल 38 प्रयास किये गए हैं जिनमें से 52 प्रतिशत मौकों पर सफलता मिली है