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Department of Space, Indian Space Research Organisation

PUBLIC NOTICE - ATTENTION : JOB ASPIRANTS

Filling up the post of Controller in U R Rao Satellite Centre (URSC), Department of Space, ISRO, Bengaluru in Level 14 of Pay Matrix (7th CPC) on Deputation basis (Last date for submission is 15/11/2021)
Announcement of Opportunity for Chandrayaan-2 science data utilisationLast date for submission of proposals is Oct 31, 2021
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इसरो द्वारा यूनिस्‍पेस नैनो उपग्रह समुच्‍चयन एवं प्रशिक्षण (उन्‍नति)

अंतरिक्ष में प्रवीण अग्रणी राष्‍ट्रों में से एक, भारत बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग पर समिति (सी.ओ.पी.यू.ओ.एस.) के सदस्‍य के रूप में संयुक्‍त राष्‍ट्र बाह्य अंतरिक्ष कार्य कार्यालय (यू.एन.ओ.ओ.एस.ए.) के साथ उसकी शुरूआत से ही सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है।

फरवरी 2017 में वियेन्‍ना में सी.ओ.पी.यू.ओ.एस. की वैज्ञानिक एवं तकनीकी उप समिति के 54वें सत्र के दौरान, यू.एन.ओ.ओ.एस.ए. ने सदस्‍य देशों के लाभार्थ नई पहलें प्रस्‍तावित करने हेतु सदस्‍य देशों से अनुरोध किया। जून 2018 में, संयुक्‍त राष्‍ट्र बाह्य अंतरिक्ष के अन्‍वेषण एवं शांतिपूर्ण उपयोग के प्रथम सम्‍मेलन की 50वीं वर्षगांठ (यू.एन.आई.एस.पी.ए.सी.ई. +50) मनाने के उपलक्ष्‍य में अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय वियेन्‍ना में एकत्र हुआ । सैद्धांतिक पाठ्यक्रम तथा समुच्‍चयन, समेकन एवं जांच (ए.आई.टी.) पर प्रशिक्षण के समायोजन के माध्‍यम से भारत ने इस सम्‍मेलन में नैनो उपग्रहों के विकास पर उन्‍नति (इसरो द्वारा यूनिस्‍पेस नैनो उपग्रह समुच्‍चयन एवं प्रशिक्षण) नामक क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषण की।

यू.आर. राव उपग्रह केंद्र (यू.आर.एस.सी.) जो उपग्रह निर्माण में इसरो का प्रमुख केंद्र है, ने सैद्धांतिक एवं व्‍यावहारिक पक्ष पर समान जोर देते हुए इस कार्यक्रम की मूलभूत संरचना का डिजाइन किया। यह कार्यक्रम तीन बैचों में चलाए जाने की योजना बनाई गई है।

उन्‍नति में दो सैद्धांतिक माड्यूल शामिल हैं जिनमें प्रतिभागियों को उपग्रह प्रौद्योगिकी (माड्यूल 1) तथा नैनो उपग्रह (माड्यूल 2) की मूलभूत जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को उपग्रहों, उपग्रहों की विविध उप-प्रणालियों एवं उनके कार्य, संरूपण व्‍युत्‍पत्ति तथा प्रमोचन के पश्‍चात् मिशन कार्यों के पहलुओं की डिजाइन की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण (माड्यूल 3) में नैनो उपग्रहों का समुच्‍चयन, समेकन एवं जांच शामिल है।  

माननीय राज्‍यमंत्री (अंतरिक्ष), अध्‍यक्ष, इसरो एवं निदेशक, यू.आर.एस.सी. के साथ कार्यक्रम के प्रति‍भागी

माननीय राज्‍यमंत्री (अंतरिक्ष), अध्‍यक्ष, इसरो एवं निदेशक, यू.आर.एस.सी. के साथ कार्यक्रम के प्रति‍भागी

उपरोक्‍त कार्यक्रम का पहला बैच 15 जनवरी, 2019 को प्रारंभ हुआ और 15 मार्च, 2019 तक जारी रहेगा। 17 देशों से 30 प्रतिभागियों का उन्‍नति कार्यक्रम के पहले बैच के लिए चयन किया गया। कार्यक्रम का सैद्धांतिक सत्र इसरो अतिथि-गृह, देवनहल्‍ली में आयोजित किया जाएगा एवं प्रायोगिक सत्र यू.आर.एस.सी. परिसर में आयोजित होगा।

17 जनवरी, 2019 को उद्घाटन सत्र

17 जनवरी, 2019 को उद्घाटन सत्र

निदेशक, यू.आर.एस.सी. की अध्‍यक्षता में उद्घाटन सत्र के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ जिसके बाद कार्यक्रम से सभी को परिचित कराया गया। उन्‍नति का औपचारिक रूप से उद्घाटन 17 जनवरी, 2019 को माननीय मुख्‍य अतिथि, राज्‍यमंत्री (अंतरिक्ष), डॉ जितेंद्र सिंह जी द्वारा सचिव, अं.वि./ अ‍ध्‍यक्ष, इसरो, डॉ. कै. शिवन, निदेशक, यू.आर.एस.सी., श्री पी. कुन्‍नीकृष्‍णन एवं अपर सचिव, डी. एवं आई.एस.ए./ विदेश मंत्री, श्री इंद्र मणि पाण्‍डेय की गरिमामय उपस्थिति में किया गया।

15 जनवरी, 2019 परिचय सत्र के दौरान प्रतिभागी

15 जनवरी, 2019 परिचय सत्र के दौरान प्रतिभागी

यह कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होने वाला है क्‍योंकि इसमें नैनो उपग्रह प्रौद्योगिकी के बारे में गहन ज्ञान प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार के अंतरराष्‍ट्रीय कार्यक्रम से भारत उपग्रह प्रौद्यागिकी में अपने ज्ञान आधार और बृहत अनुभव अन्‍य देशों के साथ साझा कर रहा है। अक्‍तूबर 2019 एवं अक्‍तूबर 2020 में उन्‍नति के दो और बैचे शुरू करने की योजना है।