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अंतरिक्ष विभाग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.gov.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिवहन नीति – 2020 का मसौदा
जनवरी 24, 2019

पी.एस.एल.वी.-सी44

भारत के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचक राकेट (पी.एस.एल.वी.-सी44) ने माइक्रोसैट-आर. तथा कलामसैट-वी2 उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक अंत:क्षेपित किया ।

पी.एस.एल.वी.-सी44 ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार, श्रीहरिकोटा के प्रथम प्रमोचन पैड से                                                 4 जनवरी, 2019 को 23:37 बजे (भा.मा.स.) अपनी 46वीं उड़ान भरी ।

उड़ान भरने के लगभग 13 मिनट 26 सेकेंड बाद, माइक्रोसैट-आर. - प्रतिबिंबन उपग्रह को 274 कि.मी. की उसकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक अंत:क्षेपित किया गया ।

तदुपरांत, चरण को दो बार पुन:-प्रारंभ करने के पश्‍चात्, परीक्षण आयोजित करने के लिए एक कक्षीय प्‍लैटफार्म स्‍थापित करने हेतु राकेट के चतुर्थ चरण (पी.एस.4) को 453 कि.मी. की उच्‍च वृत्‍ताकार कक्षा में पहुँचाया    गया । कलामसैट-वी2, विद्यार्थी उपग्रह पी.एस.4 को कक्षीय प्‍लैटफार्म के रूप में उपयोग करने वाला पहला उपग्रह है।