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अंतरिक्ष विभाग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.gov.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिवहन नीति – 2020 का मसौदा
नवंबर 29, 2018

पी.एस.एल.वी.-सी43/हाइसिस मिशन

पी.एस.एल.वी.-सी43 ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार, श्रीहरिकोटा के प्रथम प्रमोचन पैड (एफ.एल.पी.) से 29 नवंबर, 2018 को 09.57 बजे (भा.मा.स.) उड़ान भरी और भारत के अति स्‍पैक्‍ट्रल प्रतिबिंबन उपग्रह (हाइसिस) तथा 30 अंतरराष्‍ट्रीय सह-यात्री उपग्रहों को सफलतापूर्वक प्रमोचित किया।

ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचक राकेट (पी.एस.एल.वी.) प्रत्‍यावर्ती ठोस और द्रव चरणों सहित एक चार चरण वाला प्रमोचक राकेट है। पी.एस.एल.वी.-सी43 बिना छह स्‍ट्रैप-ऑन वाला पी.एस.एल.वी. का क्रोड मात्र वर्शन है।

हाइसिस करीब 380 कि.ग्रा. भार वाला पी.एस.एल.वी.-सी43 मिशन का प्राथमि‍क उपग्रह है, जो कि एक भू प्रेक्षण उपग्रह है जिसे इसरो के लघु उपग्रह-2 (आई.एम.एस.-2) बस के आस-पास संरूपित किया गया है। हाइसिस का मुख्‍य उद्देश्‍य विद्युत चुंबकीय स्‍पैक्‍ट्रम के दृश्‍य, निकट अवरक्‍त तथा लघु तरंग अवरक्‍त क्षेत्रों में पृथ्‍वी की सतह का अध्‍ययन करना है।

हाइसिस के सह यात्रियों में 8 विभिन्‍न देशों के 1 सूक्ष्‍म तथा 29 नैनो उपग्रह शामिल हैं। इन उपग्रहों का प्रमोचन इसरो के वाणिज्यिक अंग एंट्रिक्‍स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के द्वारा वाणिज्यिक रूप से तय की गई संविदा द्वारा किया गया है।