अगस्त 27, 2015

जीएसएलवी-डी6

जीएसएलवी-डी 6 भारत की भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) की नौवीं उड़ान है। यह जीएसएलवी की पांचवीं विकासात्मक उड़ान भी है और तीसरी बार देश में विकसित क्रायोजेनिक ऊपरी चरण(सीयूएस) में जीएसएलवी उड़ान के दौरान ऑन-बोर्ड वहन किया जा रहा है। इस जीएसएलवी-डी 6 का उड़ान सीयूएस परीक्षण जारी रखने के इरादे से महत्वपूर्ण है। जीएसएलवी भू-तुल्यकालिक स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) में 2 टन वर्ग के संचार उपग्रहों को अंतःक्षेपण करने के लिए डिजाइन किया गया है।

जीएसएलवी-डी 6 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार (एसडीएससी शार), श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से 27 अगस्त, 2015 को जीसैट -6 को जीटीओ में रखने के लिए प्रमोचित किया गया था ।

जीसैट -6, 2117 किलो वजन का उन्नत संचार उपग्रह है, जो देश में एस-बैंड संचार सेवाएं प्रदान करता है। जीसैट -6 ने जीटीओ में पहुंचने के बाद अपने अंतिम भूस्थिर कक्षा तक जाने के लिए स्वयं के प्रणोदन प्रणाली का इस्तेमाल किया और 83 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित किया गया था।

जीएसएलवी-डी 6 वाहन का संविरचन सभी तीन चरण CUS के साथ, पिछले जीएसएलवी-डी 5 मिशन को जनवरी 2014 सफलतापूर्वक भेजे गए के समान हैं । जीएसएलवी-डी 6 के धात्विक नीतभार फेयरिंग का व्यास 3.4 मीटर का है । जीएसएलवी-डी 6 की कुल लंबाई 49.1 मीटर और 416 टन लिफ्टऑफ द्रव्यमान है।

क्रायोजेनिक ऊपरी चरण(सीयूएस) जीएसएलवी-डी 6 में वहन किए जा रहे CUS-06 के रूप में निर्धारित किया गया था। क्रायोजेनिक रॉकेट चरण अधिक कुशल है और यह ठोस और पृथ्वी-संग्रहणीय तरल प्रणोदक रॉकेट चरणों की तुलना में जलता नोदक हर किलोग्राम के लिए अधिक प्रणोद प्रदान करता है।

एस-बैंड दूरमिति और सी-बैंड प्रेषानुकर जीएसएलवी-डी 6 के प्रदर्शन का मानीटरण, अनुवर्तन, परास सुरक्षा / उड़ान सुरक्षा और प्रारंभिक कक्षा निर्धारण (पीओडी) करते हैं।

जीएसएलवी-डी 6 का लक्षित जीटीओ

उपभू

170 कि.मी.

अपभू

35975 कि.मी.

आनति

19.95 डिग्री