जुलाई 18, 1980

एसएलवी-3E2

उपग्रह प्रक्षेपण यान-3 (एसएलवी-3ई2), भारत के पहले प्रायोगिक उपग्रह प्रक्षेपण यान को 18 जुलाई 1980 को शार केंद्र श्रीहरिकोटा से, सफलतापूर्वक प्रमोचन किया गया था, जिससे रोहिणी उपग्रह, आरएस-1, को कक्षा में स्थापित किया गया था। एसएलवी -3 22 मीटर लंबा, सभी ठोस चार चरण वाहन, 17 टन वजनी, निम्न भू कक्षा में 40 किलो वर्ग के पेलोड को रखने के लिए सक्षम था।