मई 05, 2017

जीसैट-9

दक्षिण एशिया सैटेलाइट जीसैट-9 भारत के द्वारा निर्मित भूस्थिर संचार उपग्रह है। जीसैट-9 का प्राथमिक उद्देश्य दक्षिण एशियाई देशों के कवरेज के साथ कू बैंड में विभिन्न संचार अनुप्रयोगों को प्रदान करना है।

जीसैट-9 इसरो के मानक I-2K बस पर संविरचन किया गया है। 2230 किलो के उत्थापन द्रव्यमान के साथ उपग्रह की मुख्य संरचना केंद्रीय सिलेंडर के चारों ओर घनकार में निर्मित है। जीसैट-9 कू-बैंड में काम कर रहे संचार ट्रांसपोंडरों को वहन करता है।

जीसैट-9 के दो सौर व्यूह अल्ट्रा ट्रिपल जंक्शन सौर कोशिकाओं से मिलकर लगभग 3500 वॉट विद्युत शक्ति जनित करते हैं। सूर्य और पृथ्वी के संवेदक जायरोस्कोप के साथ-साथ उपग्रह के लिए अभिविन्यास संदर्भ प्रदान करते हैं। उपग्रह के अभिवृत्ति और कक्षा नियंत्रण प्रणाली (एओसीएस) संवेग पहियों, चुंबकीय आर्घूनित्र और प्रणोदकों की सहायता से इसका अभिविन्यास करता हैं। उपग्रह नोदन प्रणाली में द्रव अपभू मोटर (लैम) और प्रारंभिक कक्षा उत्थान और केंद्र प्रस्थापन के लिए द्रव प्रणोदकों का उपयोग कर रासायनिक प्रणोदक शामिल हैं। उपग्रह प्लाज्मा प्रणोदकों को भी वहन करता है, केंद्र प्रस्थापन में सहायता करते हैं।

जीसैट-9 को शुक्रवार, 05 मई, 2017 को जीएसएलवी-एफ09 के द्वारा सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार (एसडीएससी), श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड (एसएलपी) से प्रमोचित किया गया था। ।

प्रमोचन भार / Launch Mass: 
2230 किग्रा
मिशन कालावधि / Mission Life : 
12 वर्ष
शक्ति / Power: 
3500 वाट
प्रमोचक राकेट / Launch Vehicle: 
GSLV-F09 / GSAT-9
उपग्रह का प्रकार / Type of Satellite: 
संचार
निर्माता / Manufacturer: 
इसरो
स्‍वामी / Owner: 
इसरो
अनुप्रयोग / Application: 
संचार
कक्षा का प्रकार / Orbit Type: 
GSO
नीतभार / Payloads: 
Ku-band Transponders