4. आवृत्ति के पहलू

एस्‍ट्रोसैट की सामान्‍य नीति किए गए पर्यवेक्षण को दोहराने से बचना है यानि कि आवृत्ति से दूर रहना।

सामान्‍यतया, लक्ष्‍य निर्देशांकों तथा मुख्‍य पर्यवेक्षण प्राचलों (विशेषत : उपकरण एवं पर्यवेक्षण विधि) को ध्‍यान में रखते हुए आवृत्ति पर निर्णय लिया जाता है। एक प्रस्‍तावित पर्यवेक्षण की आवृत्ति तब होती है जब अनुमानित विज्ञान संबंधी आंकड़े समान या फिर अपेक्षा से न्‍यून (जैसे- निम्‍न उद्भासन समय) होते हैं, अत: उन्‍हें अस्‍वीकार किया जाता है। हालांकि परिवर्तनशीलता अध्‍ययन हेतु एक ही उपकरण संरूपण का प्रयोग कर एक ही लक्ष्‍य को बार-बार पर्यवेक्षित करने की अनुमति दी जाती है। इसके अतिरिक्‍त, अधिक विस्‍तारित पिंडों में स्रोत के समीप कई अभिलक्ष्‍यनों की आवश्‍यकता पड़ जाती है। जैसे : गैलेक्‍सियों के कोमा कलस्‍टर का 2 डिग्री व्‍यास तक प्रतिबिंबन जिससे कि इसकी विरियल हद को कवर किया जा सके और इसमें कुछ ऐसे निर्देशांक हो जो स्रोत के पूर्व पर्यवेक्षण से अत्‍यधिक भिन्‍न न हों।

आवृत्ति पर निर्णय लेने एवं मामलों के समाधान की जिम्‍मेदारी प्रधान अन्‍वेषक, एस्‍ट्रोसैट के परामर्श से ए टी ए सी द्वारा की होगी। ए टी ए सी एक प्रस्‍तावित पर्यवेक्षण तथा पूर्व चक्र के पर्यवेक्षण में आवृत्ति की अनुमति दे सकता है। इनको उन प्रस्‍तावों तक सीमित रखा जाए जो यह विश्‍वासोत्‍पादक प्रमाण प्रस्‍तुत करे कि अतिरिक्‍त आंकडा़ वैज्ञानिक तौर पर संगत है।