3. प्रस्ताव तैयारी, वैधीकरण, प्रस्तुति तथा चयन का सिंहावलोकन

प्रस्‍तावकों/अति‍थि पर्यवेक्षकों द्वारा आई एस एस डी सी की वेबसाइट पर दिए गए एस्‍ट्रोसैट प्रस्‍ताव संसाधन प्रणाली (ए पी पी एस) सॉफ्‍टवेयर का प्रयोग कर अपने प्रस्‍ताव निर्धारित समय के भीतर इसरो को प्रस्‍तुत करना है। ए पी पी एस, http://www.issdc.gov.in  द्वारा ऑनलाइन उपलब्ध है। ए पी पी एस को डाउनलोड नहीं किया जा सकता है और उसे ऑफलाइन उपयोग में नहीं लाया जा सकता है। आई एस एस डी सी तथा ए एस सी की वेबसाइटों पर ए पी पी एस प्रस्‍तावक गाइड उपलब्‍ध कराए जाएंगे जिसमें प्रस्‍ताव प्रस्‍तुति प्रक्रिया विस्‍तार से दी गई है। इस भाग में उसका सरांश प्रस्‍तुत किया गया है।

3.1   प्रस्ताव की तैयारी हेतु पूर्व-अपेक्षाएं

वैज्ञानिक आवश्यकता के आधार पर एस्ट्रोसैट को एक या अधिक उपकरण से पर्यवेक्षण हेतु प्रस्ताव भेजे जा सकते हैं। प्रस्ताव को ए पी पी एस प्रस्तावक गाइड तथा इस प्रक्रिया दस्तावेज़ के अनुसार तैयार किया जाएगा। पर्यवेक्षित लक्ष्यों की सूची के लिए प्रस्तावक रेड्बुक का संदर्भ ले सकते हैं।

एस्ट्रोसैट प्रस्ताव में कम-से-कम निम्न सूचनाएa अपेक्षित हैं :

  • स्रोत निर्देशांक, यदि बढ़ाया गया हो तो स्रोत का कोणीय आकार, वी परिमाण, 2-10 KeV फ्लक्स, विभिन्न उपकरणों के लिए आकलित गणना दर, उद्भासन समय, यूवीआइटी की ब्राइट स्रोत सूची, पीडीएफ फॉर्मैट में लक्ष्यों के पर्यवेक्षण की संभाव्यता पर एस्ट्रोव्यूअर आऊटपुट। (खण्ड 3.3 में सूचीबद्ध एस्ट्रोसैट टूल का प्रयोग करें)
  • उपकरण संरूपण मापदण्ड, जैसे उपकरण मोड, फिल्टर आदि (हैंडबुक का संदर्भ लें)
  • वैज्ञानिक तथा तकनीकी स्पष्टीकरण

3.2  ए पी पी एस अनुदेश

एपीपीएस के अधीन प्रस्ताव तैयार करने हेतु विभिन्न प्रविष्टियों को भरने का अनुदेश ऑनलाइन उपलब्ध है। इसके लिए ए पी पी एस प्रस्तावक गाइड का भी संदर्भ लिया जा सकता है। प्रस्ताव की तैयारी एवं प्रस्तुति से संबंधित शंकाओं को issdc@istrac.gov.in / astrosathelp@iucaa.in पर मेल किया जा सकता है। शंकाओं का जहाँ तक हो सके समाधान किया जाएगा।

3.3  प्रस्ताव तैयारी हेतु उपकरण

प्रस्तावक एस्ट्रोसैट प्रस्ताव बनाने के लिए निम्न उपकरणों का प्रयोग कर सकते हैं.

  • रुचि अनुसार लक्ष्य की एस्ट्रोसैट दृश्यता अवधि निश्चित करने हेतु एस्ट्रोव्यूअर (http://issdc.gov.in/astroviewer/index.html)
  • स्रोत गणना दर के आकलन हेतु पी आई एम एम एस (http://astrosac-ssc.iucaa.in:8080/WebPIMMS_ASTRO/indes.jsp/ )
  • एक खगोलीय स्रोत के लिए आवश्यक उद्भासन समय के आकलन हेतु यूवीआइटी उद्भासन समय कैल्कुलेटर (http://uvit.iiap.res.in/Software/etc)
  • यूवीआइटी ब्राइट स्रोत चेतावनी उपकरण (http://uvit.iiap.res.in/Software/bswt), निम्न को सुनिश्चित करने के लिए वीआइएस चैनल के फिल्टर स्थापित करने हेतु: क) अतिउद्भासन के विरूद्ध संसूचक की सुरक्षा, ख) एस/सी के अनुवर्तन अपवाह हेतु फील्ड के तारों से पर्याप्त संकेत।
  • स्पेकट्रमी अनुकार उपकरण जैसे एक्‍स-रे स्पेकट्रमी फिटिंग पैकेज (एक्सएसपीईसी), एकीकृत स्पेक्ट्रोग्रैफिक इन्नोवेटिव सॉफ्टवेयर (आइएसआइएस), मॉडलिंग एवं फिटिंग पैकेज (शेरपा) जो कि ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

3.3.1 एस्‍ट्रोव्‍यूवर – अकाशीय स्रोत को देखने में सहायक उपकरण

यह उपकरण अधिकतम एक वर्ष के लिए कुछ चुनिन्‍दा आकाशीय स्रोत के दृश्‍य अवधि की जानकारी प्रदान करता है। साथ ही, कक्षा-वार सभी व्‍यवरोधों को पूरा करने वाले दृश्‍य अवधि के भी विवरण दिए गए हैं जिससे कि प्रस्‍तावक / अतिथि पर्यवेक्षक अपने पर्यवेक्षणों का अधिक सटीकता से तथा मौसम-वार तरीके से योजना बना सके। यू वी आई टी से यह अपेक्षित है कि वह ग्रहण के दौरान ही पर्यवेक्षण करे इसलिए यू वी आई टी नीतभार प्रयोक्‍ताओं के लिए ग्रहण के दौरान परिचिंतित व्‍यवरोधों को पूरा करने वाले दृश्‍य अवधि समय एक पृथक फाइल के रूप में उपलब्‍ध हैं। उपकरण को दैनिक आधार पर नवीनतम कक्षा सूचना को प्रयोग में लाने के उद्देश्‍य से डिजाइन किया गया है और यह ग्राफीय आरेख द्वारा विभिन्‍न व्‍यवरोधी कोण अभिलक्षण उपलब्‍ध कराता है जिससे कि अतिथि पर्यवेक्षक, पर्यवेक्षण की योजना तैयार करते समय स्थिति को समझ सके। चयनित स्रोत की दृश्‍य अवधि को कक्षा-वार आधार में रखा जाता है और अतिथि पर्यवेक्षक को यह प्रयोग हेतु सारणीबद्ध रूप में उपलब्‍ध कराया जाता है। चूंकि कक्षा नति से सामीप्‍य के कारण कुछ स्रोतों के लिए रैम कोण व्‍यवरोध होता है इसलिए इस निष्‍कर्ष (आउटपुट) सारणी में व्‍यवरोध को पूरा करने के लिए फ्‍लैग ‘0’ तथा व्‍यवरोध का उल्‍लंघन करने के लिए ‘1’ दिया गया है। ग्राफीय प्रयोक्‍ता अंतरापृष्‍ठ कार्यक्रम, प्रयोक्‍ता को अन्‍योन्‍यक्रिया में रत होकर आवश्‍यक विवरण प्राप्‍त करने में सहायता प्रदान करते हैं। अतिरिक्‍त सूचना जैसे- ग्रहण तथा गुह्य प्रवेश/निकास भी उपलब्‍ध कराए गए हैं।

      ज्‍यामीतिय व्‍यवरोध :

  • आर ए एम कोण (+आर ओ एल एल तथा वेग सदिश) > 120
  • समापित्र (+आर ओ एल एल तथा दीप्‍त पृथ्‍वी अंग) > 120
  • सूर्यकोण (+आर ओ एल एल तथा सूर्य) > 450 (मिशन की आवश्‍यकतानुसार अधिक भी हो सकता है)
  • + बी डब्‍ल्‍यू तथा सूर्य के बीच कोण > 900
  • तारा संवेदक तथा सूर्य के बीच कोण > 500 +आर ओ एल एल तथा एल्बिडो के बीच कोण > 120

3.3.2 सुवाह्य अन्‍योन्‍यक्रिया बहु-मिशन अनुकारक (पी आई एम एम एस)

एस्‍ट्रोसैट पी आई एम एम एस पैकेज, सुवाह्य अन्‍योन्‍यक्रिया बहु-मिशन अनुकारक पैकेज का कार्यान्‍वयन है जिसे मूलत: नासा/जी एस एफ सी उच्‍च विद्युत खगोल भौतिकी विज्ञान अभिसंग्रह अनुसंधान केंद्र (एच ई ए एस ए आर सी) से वितरित किया गया था। इस कार्यान्‍वयन में एस्‍ट्रोसैट एक्‍स-रे उपकरण के प्रभावी क्षेत्र शामिल हैं और इसे विभिन्‍न निवेश स्‍पेक्‍ट्रमी मॉडल के एल ए एक्‍स पी सी, एस एक्‍स टी, सी जेड टी आई तथा एस एस एम के स्रोत काऊंटर दर आकलन में भी प्रयोग किया जा सकता है। एक प्रयोक्‍ता मैनुअल भी वितरित किया गया है जिसे डाऊनलोड किया जा सकता है तथा वेब पी आई एम एम एस के लिए ऑनलाइन सहायता भी उपलब्‍ध है।

अनुक्रिया फाइल : http://astrosat-ssc.iucaa.in

वेबसाइट पर एल ए एक्‍स पी सी, एस एक्‍स टी तथा सी जेड टी आई नीतभारों के लिए अनुक्रिया मैट्रिक्‍स फाइल तथा अनुमानित पृष्‍ठभूमि स्‍पेक्‍ट्रा उपलब्‍ध कराए गए हैं। इनका प्रयोग एक्‍स-रे स्रोतों के लिए स्‍पेक्‍ट्रमी अनुकरण में किया जा सकता है जैसे- एच ई ए एस ओ एफ टी एक्‍स एस पी ई सी में फेकइट (fakeit) कमांड के साथ।

 3.3.3 यू वी आई टी उद्भासन समय कैल्‍कुलेटर (ई टी सी)

सहायता पृष्‍ठ (हेल्‍प पेज) : http://uvit.iiap.res.in/software/etc/help

वर्तमान संस्‍करण : 2.0.0 (03 मई, 2016) यू वी आई टी उद्भासन समय कैल्‍कुलेटर (ई टी सी) किसी भी पर्यवेक्षण की संभाव्यता को पता लगाने में सहायक सिद्ध होगा। यह विभिन्‍न यू वी आई टी फिल्‍टर में स्रोत से अनुमानित गणना दर का आकलन करता है और इसके पश्‍चात निम्‍न में से भी एक करता है (i) दिए गए पर्यवेक्षण समय के लिए प्राप्‍त संकेत-से-रव अनुपात (एस एन आर) या (ii) दिए गए एस एन आर तक पहुंचने के लिए आवश्‍यक समय। प्रयोक्‍ता, तारा, ब्‍लैक बॉडी, गैलेक्‍सी, विद्युत नियम आदि जैसे खगोलीय स्रोतों/स्‍पेक्‍ट्रा  की रेंज से चयन कर सकते हैं या अपने स्रोत स्‍पेक्‍ट्रम को अपलोड कर सकते हैं।

3.3.4 प्रदीप्‍त स्रोत चेतावनी उपकरण (बी एस डब्‍ल्‍यू टी)

सहायता पृष्‍ठ (हेल्‍प पेज) : http://uvit.iiap.res.in/software/bswt/help

वर्तमान संस्‍करण : 1.5.0 (30 मार्च, 2016)

इस उपकरण का उद्देश्‍य प्रस्‍तावक को इस बात की सूचना देना है कि क्‍या यू वी आई टी द्वारा पर्यवेक्षण हेतु विज्ञान के लक्ष्‍य के समीप का नभ सुरक्षित/असुरक्षित है या नहीं। यह कार्यक्रम सुरक्षा मानकों से अधिक प्रदीप्‍त तारों के लिए स्‍कैन करता है और एफ यू वी तथा एन यू वी टेलिस्‍कोप के सभी 10 फिल्‍टरों में से इन प्रदीप्‍त तारों की गणना दर सूचीबद्ध करता है। यह कार्यक्रम लक्ष्‍य वस्‍तु के 20 arcmin त्रिज्‍या के भीतर के सभी प्रदीप्‍त तारों की पहचान करता है। इसी वेबसाइट पर दिशानिर्देश दस्‍तावेज भी देखें। कृपया नोट करें कि यू वी आई टी द्वारा प्रयोग की जा रहे वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार इस आऊटपुट (निष्‍कर्ष) का प्रयोग वी आई एस (320-550nm) चैनल के फिल्‍टर की जांच के लिए किया जाता है; इस सूची से एन यू वी/एफ यू वी फिल्‍टर की जांच नहीं की जाती है। अत: निम्‍न अनिवार्य जांच आवश्‍यक हैं।

यू वी आई टी सहित सफल पर्यवेक्षण हेतु अनिवार्य जांच

यू वी आई टी की अभिकल्‍पना अत्‍यधिक प्रदीप्‍त स्रोतों के पर्यवेक्षण के लिए नहीं की गई है और यू वी आई टी पर्यवेक्षण क्षेत्र में किसी प्रदीप्‍त स्रोत का होना हार्डवेयर में “प्रदीप्‍त पिंड प्रवर्तन” का कारण हो सकता है जो तीनों संसूचकों को बंद कर सकता है। इसके अतिरिक्‍त, यू वी आई टी के दृश्‍य क्षेत्र के पास किसी अति-प्रदीप्‍त स्रोत का पाया जाना, अनुमान सीमा से परे अत्‍यधिक विकिरण को बिखेर देगा। एक यू वी आई टी में, मूलत: वी आई एस चैनल का प्रयोग अंतरिक्षयान के लिए किया जाता है। यह प्रस्‍तावक की जिम्‍मेदारी है कि वह अपने प्रस्‍तावित पर्यवेक्षण के दौरान सम अनुवर्तन सुनिश्‍चित करे। अत: यू वी आई टी पर्यवेक्षण के लिए प्रस्‍ताव बनाते समय प्रस्‍तावक को अत्‍यधिक सचेत रहना चाहिए। अत: यह सिफारिश की जाती है कि प्रस्‍तावक यू वी आई टी पर्यवेक्षण में किए जाने वाले अनिवार्य जांच दस्‍तावेज में दिए गए दिशानिर्देश का अनुपालन करें। (यू वी आई टी पर्यवेक्षणों के लिए अनिवार्य जांच हेतु http:uvit.iiap.res.in/sites/uvit.iiat.res.in/files/guidines_for_proposal_submission_3.pdf दिशानिर्देश देखे।)

3.4  एस्ट्रोसैट प्रस्ताव की तैयारी

प्रस्ताव बनाने से पूर्व प्रस्तावकों को ए पी पी एस में पंजीकरण करवाना होगा. प्रस्तावों के प्रवेश हेतु प्रस्तावक एपीपीएस सहायता दस्तावेज़ देखें।

एक मान्य प्रस्ताव तैयार करने हेतु प्रस्तावकों को एपीपीएस के चार भागों को पूरा करना होगा। एस्ट्रोसैट प्रस्ताव में वैज्ञानिक तथा तकनीकी स्पष्टीकरण एवं प्रस्तावित लक्ष्यों के निर्देशांक, मूल उपकरण, कुल आवश्यक पर्यवेक्षण समय, उपकरण संरूपण आदि जैसे कई पर्यवेक्षण मापदंड होने चाहिए।

केवल प्रस्तुत मान्य प्रस्तावों की समीक्षा की जाएगी. पर्यवेक्षण किए जाने वाले आवश्यक मापदण्डों को एपीपीएस ने सरलीकृत कर दिया है।

विभिन्न प्रकार के प्रस्ताव जैसे समय सीमा सहित या बिना समय सीमा के नियमित निर्देश, प्रस्तावों का मानीटरन तथा प्रत्याशित टी ओ ओ प्रस्ताव। इनसे संबंधित विवरण प्रस्तावक के गाइड में देखा जा सकता है।

3.4.1 आवरण पृष्ठ

आवरण पृष्ठ पर शीर्षक तथा सारांश, प्रस्तावकों के नाम, प्रधान अन्वेषक या प्रधान पर्यवेक्षक की संपर्क सूचना दी जाए। यदि प्रधान अन्वेषक सिद्धांतवादी है या प्रस्ताव से संबंधित किसी भी तकनीकी सूचना के लिए सह-अन्वेषक को प्रधान संपर्क व्यक्ति के रूप में नामित करना चाहते हैं तो प्रधान अन्वेषक  किसी भी एक सह-अन्वेषक को प्रधान पर्यवेक्षक का काम सौंप सकते हैं। आवरण पृष्ठ पर कुल पर्यवेक्षण समय तथा कुल स्टेर टकटकी (स्‍टेयर) समय (ऊपर रखा कोई उपकरण + कुल पर्यवेक्षण समय) के लिए स्थान होना चाहिए। इसका आकलन प्रधान उपकरण के लिए निर्दिष्ट उद्भासन समय से स्वत: हो जाएगा।

3.4.2 लक्ष्य सूची तथा उपकरण संरूपण

लक्ष्य सूची में प्रत्येक प्रस्तावित लक्ष्य से संबंधित सूचना, जैसे लक्ष्य का नाम, निर्देशांक, लक्ष्य कोणीय आकार, परिवर्तनशीलता, वी परिमाण तथा 2-10 KeV एक्स-रे फ्लक्स आदि होनी चाहिए। मूल उपकरण के लक्ष्य हेतु पर्यवेक्षण समय तथा टकटकी (स्‍टेयर) समय उद्भासन विवरण से स्वत: आकलित किया जाएगा। लक्ष्य के नाम पर निर्णय नासा एक्‍स्‍ट्रागेलेटिक आंकडा़बेस (एनईडी) या खगोलीय आंकडा़ हेतु पहचान, मापन तथा ग्रंथ सूची (सिंबाड) द्वारा लिया जा सकता है तथा इन सर्वरों द्वारा निर्देशांक (J2000) को प्राप्त किया जा सकते हैं। ए पी पी एस प्रस्तावक गाइड से संरूपण विवरण प्राप्त किए जा सकते हैं।

3.4.3 संलग्नक

प्रस्ताव को पूरा करने के लिए निम्न फाइलों को पीडीएफ रूप में संलग्न करना अनिवार्य है।

  • वैज्ञानिक औचित्य
  • तकनीकी औचित्य
  • पीडीएफ रूप में यूवीआइटी ब्राइट स्रोत चेतावनी उपकरण से आउटपुट फाइल 
  • एस्ट्रोव्यूअर आउटपुट 

3.4.4 अनुपूरक सूचना (वैकल्पिक)

प्रस्तावक कोई भी अनुपूरक सूचना जैसे कोई विशेष आवश्‍यकता की सूचना दे सकता है।

3.5  प्रस्ताव का सत्यापन तथा प्रस्तुति

अपने प्रस्ताव को पूरा करने के लिए प्रस्तावक “सत्यापित एवं प्रस्तुत” टैब पर क्लिक कर सकते हैं। नोट करें कि इससे उनका प्रस्ताव जमा नहीं होता बल्कि विभिन्न भागों में छूटे हुए प्रविष्टियों को इंगित करता है। प्रस्तावक इन छूटे हुए विवरणों को पूरा कर सकते हैं। सत्यापन के सफलतापूर्वक पूरा किए जाने पर ही प्रस्ताव जमा करने का बटन दिखाई है। प्रस्ताव के सफलतापूर्वक किए जाने पर प्रस्तावक को पावतती दी जाएगी।

3.6  मान्य प्रस्ताव

विज्ञापन के जवाब में प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव तभी मान्य होंगे यदि, (i) खण्ड 3.4 में बताए अनुसार प्रस्तुती पूरी की गई हो, और (ii) प्रस्ताव इस दस्तावेज़ में बताए गए प्रक्रियाओं के अनुरूप हो।

प्रस्तावों के मूल्यांकन के लिए नियत तारीख के बाद दी जाने वाली सूचनाओं पर विचार नहीं किया जाएगा।

प्रस्ताव के प्रस्तुत किए जाने के साथ ही, प्रधान अन्वेषक तथा सह-अन्वेषक इस दस्तावेज़ में दी गए प्रक्रियाओं का अनुपालन करते हैं। अर्थ निर्वचन में शंका या अप्रत्‍याशित विवाद के मामले में, अंतिम निर्णय ए टी ए सी का होगा।

यह प्रधान अन्वेषक का दायित्व है कि वे ए पी पी एस को प्रत्येक बदलाव के बारे में सूचित करें जो कि वृद्धि, समय निर्णयण, पर्यवेक्षण या आंकडा़ वितरण पर प्रभाव डालता हो। विशेषकर एपीपीएस को, ई  -मेल द्वाराissdc@istrac.gov.in / astrosathelp@iucaa.in पर विषय में प्रस्ताव आइडी संख्या का उल्लेख करते हुए इलेक्ट्रानिक पते में किसी भी प्रकार के बदलाव को सूचित किया जाएगा।

3.7  ए पी पी एस में प्रस्ताव का निपटान

सभी प्राप्त प्रस्तावों के लिए पावती स्वत: ही जारी की जाएगी। प्रस्तुति की अंतिम तारीख को वैज्ञानिक समीक्षा हेतु ए पी पी एस इन्हें एटीएसी को अग्रेषित करेगी और इसी बीच प्राप्त प्रस्तावों का विश्लेषण कर समग्र आंकड़े तैयार करेगी। अध्यक्ष, इसरो द्वारा एटीएसी का गठन किया गया है।

ए टी ए सी प्रत्येक प्रस्ताव को प्राथमिकता के अधार पर क, ख एवं ग वर्गों में (और आवश्यकतानुसार प्रस्ताव के अधीन व्यक्तिगत पर्यवेक्षण को भी) वर्गीकृत करेगी। ए टी ए सी कुछ प्रस्‍तावकों से पर्यवेक्षण अवधि को कम करने या प्रस्तव में लक्ष्यों की संख्या में कटौती करने को कह सकते हैं। ऐसे प्रस्तावों को संशोधन हेतु प्रधान अन्वेषक को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रस्तावक नियत समय में ए टी ए सी द्वरा सिफारिश की गई तब्दीलियों के लिए ही संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत कर पाएँगे। ऐसे आंशिक रूप से आबंटित प्रस्ताव यदि नियत समय से पूर्व प्रस्तुत नहीं किए गए तो उन्हें सफल प्रस्तावों की सूची से हटा दिया जाएगा।

मिशन प्रचालन टीम की सहायता से एस्ट्रोसैट तकनीकी समिति (एटीसी) द्वारा पर्यवेक्षण किए जाने की तकनीकी संभाव्यता पर विचार किया जाएगा।

किसी विशेष कक्षा के दौरान कौन सा पर्यवेक्षण किया जाना है इस पर निर्णय लेने हेतु एटीएसी तथा एटीसी द्वारा पर्यवेक्षणों को दी गई प्राथमिकता, प्रयोग किए जाने वाले मापदंडों में से एक है। तथापि, प्रचालन की दृष्टि से इस बात की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती है कि कोई भी पर्यवेक्षण वास्तव में की जाएगी चाहे उसे कोई भी ग्रेड दिया गया हो।