मंगल ग्रह के आसपास अपनी 100 वीं कक्षा में मंगल कक्षित्र अंतरिक्ष यान

मंगल कलर कैमरा (एमसीसी) से, 9 मई 2015 को 16:11:23 यूटी पर 535 किलोमीटर की ऊंचाई पर और ~25 मीटर के विभेदन पर लिया गया प्रतिबिंब । ब्लैकआउट मोड में जाने से पहले का यह अंतिम प्रतिबिंब है। प्रतिबिंब सिनाई और लसल क्रेटर के बीच के क्षेत्र को दर्शाता है ।

भारत का मंगल कक्षित्र अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह के आसपास अपनी कक्षा की 100वीं कक्षा (22 जून 2015:शुरू समापन: 25 जून, 2015) में है । अंतरिक्ष यान मंगल कक्षा में छह महीने के मिशन के लिए बनाया गया था, जो 24 मार्च, 2015 को पूरा हुआ था। इसके साथ ही, मंगल कक्षित्र मिशन के प्राथमिक उद्देश्यों को प्राप्त किया गया है।

मंगल कक्षित्र अंतरिक्ष यान ने अपने प्रमुख मिशन जीवन से आगे कार्य कर रहा है और स्वस्थ और प्रचालनीय है। अंतरिक्ष यान, जो पहले 'ब्लैकआउट चरण' (पृथ्वी से सूर्य के पीछे मंगल के जाने के कारण) में प्रवेश कर चुका था, धीरे धीरे उस चरण से बाहर आ रहा है। अंतरिक्ष यान स्वास्थ्य डेटा अब प्राप्त हो रही है। मंगल ग्रह अंतरिक्ष यान की वर्तमान अण्डाकार कक्षा में 474 किलोमीटर की दूरी पर पेरियारियन(निकटतम बिंदु) और एपीओएयरियन (मंगल ग्रह के लिए सबसे दूर वाला बिंदु) 71, 132 किमी है।

अंतरिक्ष यान ऑनबोर्ड के पेलोड पिछले मई 2015 में प्रचालित थे, और सभी पेलोड के प्रदर्शन संतोषजनक थे। अंतरिक्ष यान के मंगल रंगीन कैमरा (एमसीसी) ने अभी तक 405 फ्रेम ले लिए हैं। सभी पेलोड्स का प्रचालन अब से कुछ सप्ताहों में पुनरारंभ होगा।