भू-प्रेक्षण उपग्रहों हेतु अंटार्कटिक भूकेंद्र (ए.जी.ई.ओ.एस.)

इसरो ने भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह (आई.आर.एस.) आंकड़ों की प्राप्ति हेतु भारती स्‍टेशन, लार्समेन हिल्‍स, अंटार्कटिका में भू प्रेक्षण उपग्रहों हेतु अंटार्कटिक भू केंद्र (ए.जी.ई.ओ.एस.) की स्‍थापना की है। इस अत्‍याधुनिक उन्‍नत भू केंद्र की स्‍थापना अगस्‍त, 2013 के दौरान की गई थी जो आई.आर.एस. उपग्रहों (जैसे रिसोर्ससैट-2, रिसैट-1, कार्टोसैट-1) से आंकड़े प्राप्‍त कर रहा है तथा उसे एन.आर.एस.सी., शादनगर, हैदराबाद को भेज रहा है। अंटार्कटिक की यह विस्‍तृत आंकड़ा प्राप्ति ऐंटेना प्रणाली इसरो हेतु भू प्रेक्षण (ई.ओ.) आंकड़ा संग्रहण में सहायता करती है। ध्रुवीय क्षेत्र में भू केंद्र में प्रति दिन प्रत्‍येक मिशन के 10 चक्‍कर की दृश्‍यता की सुविधा है। यह वैश्विक सुदूर संवेदन आंकड़ा अर्जन क्षमता प्रदान करेगा।

आई.आर.एस. उपग्रहों पर रखे ठोस स्थिति रिकार्डर (एस.एस.आर.) पर रिकार्ड किए गए सुदूर संवेदन ए.जी.ई.ओ.एस. में रखे जाते हैं जब उपग्रह उस पर से गुजरता है तथा अगले चक्‍कर के दौरान आंकड़ों की रिकार्डिंग हेतु एस.एस.आर. तैयार हो जाता है। ए.जी.ई.ओ.एस. में रखे गए आंकड़े संचार उपग्रह का प्रयोग करते हुए स्‍थापित लिंक के माध्‍यम से एन.आर.एस.सी., शादनगर को स्‍थानांतरित किए जा रहे हैं।

इस संबंध में, मैत्री, अंटार्कटिक तक भारत के मुख्‍य भू भाग के बीच द्विमार्गी संचार लिंक मुहैया कराने हेतु मैत्री (71 डिग्री द., 11 डिग्री पू.), अंटार्कटिक में पूर्व में 3 मी. के सी-बैंड भू केंद्र को भी स्‍थापित कर अभिचालित किया गया था। स्‍थापना एवं अभिचालन के समय इस भू केंद्र की मुख्‍य नियंत्रण सुविधा (एम.सी.एफ.) हासन में 13 मीटर एंटेना प्रणाली का प्रयोग करते हुए चित्रित एवं जांच की गई थी। बाद में, चौबीसों घंटे प्रचालन हेतु समर्पित संचार लिंक स्‍थापित करने हेतु अंटार्कटिक एंव समुद्र अनुसंधान (एन.सी.ए.ओ.आर.), गोवा हेतु राष्‍ट्रीय केंद्र में एक 7.2 मीटर सी-बैंड केंद्र की स्‍थापना और शुरुआत भी की गई थी। इसे वीडियो कान्‍फरेंसिंग, वीडियो स्‍ट्रीमिंग एवं इंटरनेट ब्राऊजिंग अनुप्रयोगों के लिए अति निम्‍न उन्‍नतांश कोण पर कार्य करने हेतु डिजाइन किया गया था। यह लिंक मैत्री एवं एन.सी.ए.ओ.आर. के बीच लगभग 1 एम.बी.पी.एस. की आंकड़ा दर पर प्रचालित होता है। यह सैटकाम केंद्र वर्ष भर मैत्री में अपने अनुसंधान कार्य करने हेतु भारतीय वैज्ञानिक समुदाय को महत्‍वपूर्ण संचार सहायता प्रदान कर रहा है। एन.सी.ए.ओ.आर., गोवा में भू केंद्र की शुरुआत के साथ, भारतीय केंद्र मैत्री को वर्ल्‍ड वाइड वेब की परिधि में लाया गया है।

भारती (690 द. तथा 760 पू.) पर स्थित ए.जी.ई.ओ.एस. स्‍टेशन एस/एक्‍स बैंड में प्रतिदिन आई.आर.एस. उपग्रह मिशन से आंकड़ा प्राप्‍त करता है। भारत में भारती तथा दो स्‍टेशनों (एन.आर.एस.सी., शादनगर, तथा एन.सी.ए.ओ.आर, गोवा) के बीच एक संचार उपग्रह लिंक 40 एम.बी.पी.एस. के बैंड विस्‍तार सहित स्‍थापित किया गया है, जो अंटार्कटिक स्‍टेशन पर रखे करीबन 100 जी.बी./प्रतिदिन नीतभार आंकड़ा एन.आर.एस.सी., शादनगर को भेजता है। इसके अलावा ए.जी.ई.ओ.एस. पर सभी अर्जित आंकड़े का अनुषंगी प्रसंस्‍करण एन.आर.एस.सी., शादनगर में किया जाता है, जहां से आगे के प्रसंस्‍करण के लिए साझे भंडार क्षेत्र नेटवर्क (एस.ए.एन.) में पूर्व-प्रसंस्‍करित उत्‍पादों को उपलब्‍ध कराया जाता है। इसके अलावा, ए.जी.ई.ओ.एस. रिसैट-1, रिसोर्ससैट-2, कार्टोसैट-1, कार्टोसैट-2, कार्टोसैट-2बी., सरल-1 तथा ओसेन सैट-2 तथा हाल ही में प्रमोचित कार्टोसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह के जैसे वर्तमान भारतीय सुदूर संवेदन मिशनों को टेलीफोन कमांड के अपलिंक प्रदान करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ए.जी.ई.ओ.एस. निरंतर प्रचालित है तथा इसका रख-रखाव इसरो के अभियंताओं द्वारा किया जा रहा है, जोकि नियमित आधार पर भारती स्‍टेशन, अंटार्कटिक में प्रतिनियुक्ति पर हैं।

 

लार्समैन हिल्‍स् में भारती स्‍टेशन

लार्समैन हिल्‍स् में भारती स्‍टेशन

 

(अग्रभूमि) ऐंटेना टर्मिनल हेतु बल्‍ली आधार  (पृष्‍ठभूमि) भारती में नियंत्रण केंद्र का भवन

(अग्रभूमि) ऐंटेना टर्मिनल हेतु बल्‍ली आधार

(पृष्‍ठभूमि) भारती में नियंत्रण केंद्र का भवन 

 

मैत्री भू केंद्र, अंटार्कटिका

मैत्री भू केंद्र, अंटार्कटिका