प्रोफ़ेसर सतीश धवन (1972-1984)

प्रोफ़ेसर सतीश धवन

 

प्रोफ़ेसर सतीश धवन (25 सितंबर 1920 – 3 जनवरी 2002) एक भारतीय रॉकेट वैज्ञानिक थे जिनका जन्म भारत के श्रीनगर में और शिक्षा संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में संपन्न हुई। उन्हें भारतीय वैज्ञानिक समुदाय द्वारा भारत में प्रायोगिक तरल गतिकी अनुसंधान का जनक और विक्षोभ और परिसीमा परतों के क्षेत्र के प्रख्यात शोधकर्ताओं में से एक माना जाता है।

 

उन्होंने 1972 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के रूप में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक विक्रम साराभाई का स्थान ग्रहण किया। वे अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार के सचिव भी रहे हैं। उनकी नियुक्ति के बाद के दशक में उन्होंने असाधारण विकास और शानदार उपलब्धियों के दौर से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को निर्देशित किया।

 

जिस समय वे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के अध्यक्ष थे, उस समय भी उन्होंने परिसीमा परत अनुसंधान के लिए पर्याप्त प्रयास समर्पित किया। उनके सर्वाधिक महत्वपूर्ण योगदान हर्मन शिलिच्टिंग की मौलिक पुस्तक बाउंड्री लेटर में प्रस्तुत है।

 

वे बेंगलूर स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के लोकप्रिय प्रोफ़ेसर थे। उन्हें आईआईएससी में भारत के सर्वप्रथम सुपरसोनिक विंड टनल स्थापित करने का श्रेय जाता है। उन्होंने वियुक्त परिसीमा स्तर प्रवाह, तीन-आयामी परिसीमा परत और ट्राइसोनिक प्रवाहों की पुनर्परतबंदी पर अनुसंधान का भी बीड़ा उठाया।

 

प्रोफ़ेसर सतीश धवन ने ग्रामीण शिक्षा, सुदूर संवेदन और उपग्रह संचार पर अग्रगामी प्रयोग किए। उनके प्रयासों से इन्सैट-एक दूरसंचार उपग्रह, आईआरएस-भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह और ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान (पीएसएलवी) जैसी प्रचालनात्मक प्रणालियों का मार्ग प्रशस्त हुआ जिसने भारत को अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले राष्ट्रों के संघ में खड़ा कर दिया।

 

2002 में उनकी मृत्यु के बाद, दक्षिण भारत के चेन्नई की उत्तरी दिशा में लगभग 100 कि.मी. की दूरी पर श्रीहरिकोटा, आंध्रप्रदेश में स्थित भारतीय उपग्रह प्रमोचन केंद्र का प्रोफ़ेसर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के रूप में पुनर्नामकरण किया गया।

 
 
 

प्रोफ़ेसर सतीश धवन

 
शिक्षा
पंजाब विश्वविद्यालय लाहौर (तत्कालीन अविभाजित भारत और अब पाकिस्तान में)

गणित और भौतिक शास्त्र में बी.ए.
अंग्रेज़ी साहित्य में एम.ए.
मेकानिकल इंजीनियरिंग में बी.ई, 1945
मिनेसोटा विश्वविद्यालय, मिनियापोलिस

वैमानिक इंजीनियरिंग में एमएस, 1947
कैलिफ़ोर्निया इन्स्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलोजी,

वैमानिक इंजीनियर की डिग्री, 1949
वैमानिकी और गणित में पी.एच.डी, 1951 (परामर्शदाता के रूप में प्रोफ़ेसर हैन्स डब्ल्यू. लीपमैन

 
जन्म दिनांक
25 सितंबर 1920(1920-09-25), श्रीनगर, भारत
 
राष्ट्रीय मान्यता
पद्मविभूषण, इंदिरा गाँधी पुरस्कार
 
क्षेत्र
यांत्रिकी और वांतरिक्ष इंजीनियरिंग
 
 
संस्थान
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, भारतीय विज्ञान संस्थान, कैलिफ़ोर्निया इन्स्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलोजी, नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेटरीज़, भारतीय विज्ञान अकादमी और भारतीय अंतरिक्ष आयोग
डॉक्टोरल परामर्शदाता:
डॉ. हैन्स डब्ल्यू. लीपमैन
के लिए विख्यात
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम
कॅरिअर
इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ साइंस, बेंगलूर, भारत
वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, 1951
प्रोफ़ेसर और अध्यक्ष वैमानिकीय इंजीनियरिंग विभाग, 1955
निदेशक, 1962-1981
कैलिफ़ोर्निया इन्स्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलोजी, यू.एस.ए.
विज़िटिंग प्रोफ़ेसर, 1971-72
राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाएँ, बेंगलूर, भारत
अध्यक्ष, अनुसंधान परिषद, 1984-93
भारतीय विज्ञान अकादमी
अध्यक्ष, 1977-1979
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
अध्यक्ष, 1972-1984
भारतीय अंतरिक्ष आयोग
अध्यक्ष, 1972-1984

प्रोफ़ेसर सतीश धवन

 
पुरस्कार
पद्मविभूषण. (भारत का द्वितीय सर्वोच्च नागरिक सम्मान), 1981
इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार, 1999
विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार, भारतीय विज्ञान संसाधन
विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार, कैलिफ़ोर्निया इन्स्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलोजी, 1969