कार्टोसैट -1 ने कक्षा में एक दशक (2005-2015) पूरा किया

5 मई, 2005 को कार्टोसैट -1 उपग्रह के प्रक्षेपण (अग्र कैमरा +26 डिग्री और पश्च कैमरा -5 डिग्री) ने पेलोड के अनूठे विन्यास के साथ भारतीय सुदूर संवेदन अनुप्रयोगों में नए युग की शुरुआत की है, जो मानचित्रकारी क्षेत्रों में अनुप्रयोगों के लिए 2.5 मीटर ट्रैक पर स्टीरियो विभेदन, बड़े पैमाने पर स्थलाकृतिक मानचित्रण, आदि को प्रदान करता है ।

कार्टोसैट -1 डेटा की प्रमुख उपलब्धियों में से एक है पूरे देश के लिए राष्ट्रीय स्तर डिजिटल एलिवेशन मॉडल (डीईएम) के 1/3 चाप सेंकड और ऑर्थो प्रतिबिंब आधार 1/12 चाप सेकंड पर डाटा जनन है । कार्टोडीईएम उपग्रह डाटा जनन को बृहत प्रमाणन के रखरखाव चित्ररेखापुंज प्रारूप में किया जाता है, जोकि  देश में विकसित संवर्धित स्टीरियो पट्टी त्रिभुजन (ASST) सॉफ्टवेयर का उपयोग कर स्वचालित किया गया था । सॉफ्टवेयर ने  कार्टोसैट -1 डाटा संसाधन के लिए 2800 विशेष जनित भू नियंत्रण बिंदुओं(GCP) का उपयोग किया है । इसके अलावा, सामान्य रूप से भारतीय उपयोगकर्ता समुदाय और विशेष रूप से शैक्षिक समुदाय के लिए, 30 मीटर की कार्टोडीईएम उत्पादों को इसरो के भुवन पोर्टल के माध्यम से मुफ्त में उपलब्ध कराया गया है और आज तक 74,000 उत्पादों को उपयोगकर्ताओं द्वारा डाउनलोड किया गया है। कार्टोसैट -1 स्टीरियो डाटा को कार्टोसैट -1 वैज्ञानिक आकलन कार्यक्रम (सी-एसएपी) के तहत उत्पन्न उच्च गुणवत्ता डीईएम के अधीन वैश्विक समुदाय द्वारा मान्य किया गया है ।

कार्टोसैट 1 डाटा के तहत कुछ मुख्य अनुप्रयोग हैं (i) 152 शहरों के लिए राष्ट्रीय शहरी सूचना प्रणाली के लिए 1:10,000 पैमाने पर शहर के मूल मानचित्र, (ii) मानचित्रण उपयोगों के लिए बड़े पैमाने 1:10,000 पर स्थलाकृतिक नक्शों का जनन (iii) आईएनसीओआईएस के लिए भारतीय तटों पर सुनामी और चक्रवात की वजह से बाढ़ के जोखिम के लिए स्पष्ट पृथ्वी आर्थोमेटिक ऊंचाई के साथ डीटीएम का जनन, (iv) त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (एआईबीपी) के तहत निर्मित सिंचाई क्षमता की स्थिति और 103 सिंचाई परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण अंतराल की पहचान का आकलन, (v) विकेंद्रीकृत योजना के लिए अंतरिक्ष आधारित जानकारी समर्थन (एसआईएस-डी पी) के अधीन राज्य स्तर पर डीईएम और आर्थो-प्रतिबिंबों के मोसाइक का जनन, (vi) जलग्रहण की योजना और उसके समवर्ती का मानिटरण और नियमित अंतराल पर मूल्यांकन, (vii)  भारत-जल संसाधन सूचना प्रणाली (भारत-WRIS), आदि ।

आज की तारीख में, लगभग एक लाख प्रतिबिंबों को उपयोगकर्ता समुदाय के लिए प्रचारित किया गया है। प्रतिबिंबित उत्पादों के अद्वितीय प्रकृति और कार्टोसैट -1 की गुणवत्ता के कारण अंतर्राष्ट्रीय उपयोगकर्ता समुदाय ने गहरी रुचि दिखाई है और 12 भू स्टेशनों (जर्मनी, रूस, चीन, अल्जीरिया, ईरान) को, कार्टोसैट -1 डाटा से उच्च विभेदन डीईएम और कार्टोग्राफिक अनुप्रयोगों जनित करने और सीधे डाउनलोड करने के लिए, स्थापित किए गए हैं ।

आज, कार्टोसैट -1 आधारित डेटासेट उच्च विभेदन प्रतिबिंब संदर्भ और कई राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर के प्राकृतिक संसाधनों के विभिन्न विषयों और प्रबंधन अनुप्रयोगों कार्यक्रम के विकास में भुवन के लिए मानक उत्पाद बन गए हैं। इनमें कृषि, शहरी नियोजन, जल संसाधन, भूस्खलन अध्ययन, ग्लेशियर अध्ययन, भूजल संभावित क्षेत्रीकरण, आपदा प्रबंधन समर्थन, ग्रामीण विकास, वन बायोमास आकलन, आदि शामिल हैं ।

हालांकि, पांच साल के मिशन जीवन के लिए इसे बनाया गया है, कार्टोसैट -1 ने 10 से अधिक वर्षों की सेवा प्रदान की है और अभी भी ट्रैक स्टीरियो विभेदन के साथ उच्च गुणवत्ता प्रदान कर रहा है। इस अवसर पर कार्टोसैट -1 की उपलब्धि पर उपयोगकर्ता समुदाय को संभावित विचार-विमर्श करने के लिए और भविष्य की आवश्यकताओं से डेटा का उपयोग करने के लिए "कार्टोसैट 1: कक्षा में 10 साल" नामक विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) हैदराबाद में मई 05, 2015 को आयोजित किया गया था । इस महत्वपूर्ण अवसर पर “कार्टोसैट -1: 10 साल समापन (2005-2015)" बृहत लेख संग्रह विमोचित किया गया है।

शहरी मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और राज्य सुदूर संवेदन उपयोग केंद्रों (SRSACs), के वैज्ञानिकों और विभिन्न इसरो केंद्रों के इंजीनियर्स अर्थात्, एनआरएससी, इस्ट्रैक, सैक,एड्रीन, आईजैक सहित, केन्द्र और राज्य सरकार के संगठनों, उद्योग से लगभग 350 प्रतिभागियों ने संगोष्ठी में भाग लिया। सभी वैज्ञानिकों/इंजीनियर्स (सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित) का योगदान इस लैंड मार्क घटना पर रहा । उपयोगकर्ता समुदाय के बीच भविष्य के उच्च विभेदन उपग्रहों और अंतरिक्ष उपकरण क्षमताओं को प्रस्तुत किया गया जिसमें सभी ने गहरी रुचि दिखाई है।

कार्टोसैट -1: 10 साल पूरा होने के उपलक्ष्य पर लेख संग्रह का विमोचन

कार्टोसैट -1: 10 साल पूरा होने के उपलक्ष्य पर लेख संग्रह का विमोचन

मंच पर (बाएं से दाएं) श्री लालकृष्ण रत्नकुमार, डीडी (एनआरएससी), श्री बीएस चंद्रशेखर, निदेशक, इस्ट्रैक, डॉ कृष्ण मूर्ति वाईवीएन, वैज्ञानिक सचिव, इसरो, डॉ आरआर नवलगुंद, प्रो विक्रम साराभाई विशिष्ट प्रोफेसर, डॉ टी एलेक्स, सदस्य, अंतरिक्ष आयोग, डॉ एम अन्नादुरई, निदेशक, आईएसएसी और डॉ वीके डढवाल, निदेशक, एनआरएससी।