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अंतरिक्ष विभाग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.gov.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिवहन नीति – 2020 का मसौदा

इसरो का नैनो उपग्रह

इसरो नैनो उपग्रह (आईएनएस) बहुमुखी और मॉड्यूलर नैनो उपग्रह बस प्रणाली है, इसकी कल्पना भविष्य में विज्ञान और प्रायोगिक पेलोड के लिए की गई है। 3 किलो पेलोड और 11 किलो के कुल उपग्रह द्रव्यमान तक ले जाने की क्षमता के साथ, यह भविष्य के उपयोग के लिए बहुत अधिक अवसर प्रदान करता है। पीएसएलवी प्रमोचन वाहन पर बड़े उपग्रहों के साथ आईएनएस प्रणाली को सह-यात्री उपग्रह के रूप में विकसित किया गया है। इसके प्राथमिक उद्देश्यों में मांग सेवाओं को प्रमोचन करने के लिए मानक उपग्रह बस प्रदान करना और अभिनव पेलोड वहन करने का अवसर प्रदान करना शामिल है।

आईएनएस प्रणाली के प्राथमिक उद्देश्य निम्न हैं:

  • कम लागत वाले मॉड्यूलर नैनो उपग्रह का डिजाइन और विकास करना
  • इसरो प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पेलोड के लिए अवसर प्रदान करना
  • मांग सेवाओंनुसार प्रमोचन करने के लिए मानक बस प्रदान करना
  • विश्वविद्यालयों / अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं के अभिनव पेलोड को वहन का अवसर प्रदान करना

पीएसएलवी-सी 37 द्वारा दो इसरो नैनो उपग्रहों को  आईएनएस -1ए और  आईएनएस -1बी  को सह-यात्री उपग्रहों के रूप में 15 फरवरी, 2017 को प्रमोचन किया गया था। आईएनएस-1सी का पीएसएलवी-सी 40 द्वारा 12 जनवरी, 2018 को सह- यात्री उपग्रह के रूप में प्रमोचन किया गया ।