पीएसएलवी के तीसरे चरण के लिए 50वां उच्च निष्पादन मोटर केस (HPS3) तैयार किया गया

भारत का वर्कहार्स प्रमोचक ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी), सबसे अधिक विश्वसनीय प्रमोचन वाहनों में से एक है, जिसने अब तक 38 लगातार सफल उड़ानें की है। इसकी सेवा दो दशकों से अधिक के लिए ली गई है और इसने चंद्रयान -1, मंगल कक्षित्र मिशन, स्पेस कैप्सूल रिकवरी एक्सपेरीमेंट और भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (NavIC) की तरह ऐतिहासिक मिशन सहित विभिन्न उपग्रहों का प्रमोचन किया है। अपने तीन विन्यास के साथ एकल प्रक्षेपण में पीएसएलवी ने बहु पेलोड, मल्टी मिशन, बहु कक्षा क्षमता और भू-तुल्यकालिक प्रक्षेपण क्षमता को साबित कर दिया है। पीएसएलवी ने फरवरी 2017 तक 226 उपग्रहों का प्रमोचन किया है।

पीएसएलवी में ठोस और द्रव प्रणोदन प्रणाली बारी-बारी से चार चरणों में है। पीएसएलवी के तीसरे चरण (PS3) का व्यास 2 मीटर और क्षमता 4850 लीटर की है, जिसमें ठोस मोटर का उपयोग होता है। 325 किलो वजन के  PS3 मोटर केस के खोल के निर्माण के लिए एरामिड/इपोक्सी का उपयोग करके तंतु कुंडली प्रक्रिया से बनाया गया और विस्तार स्कर्ट के लिए कार्बन/एरामिड/इपोक्सी का उपयोग करके संकर निर्माण किया गया था। PS3 के चार मोटर केसों का प्रस्फोट परीक्षण किया और जिससे प्रसंस्करण और समग्र मोटर केस की डिजाइन में और अधिक जानकारी मिली । यह देखा गया है कि ध्रुवीय कुंडलन संभावित असमान तनाव वितरण और असमान ओपनिंग, उच्च बस ओपनिंग अनुपात और तेजी से अनुक्रमित बहु तारा पैटर्न ध्रुवीय कुंडलन में होने के कारण न्यून उपयोग किया गया था। इसलिए इसरो के भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए PS3 मोटर केस का डिजाइन और प्रसंस्करण मानकों को पीएसएलवी की पेलोड क्षमता बढ़ाने के लिए अनुकूलित किया गया।

PS3 मोटर केस का उन्नत संस्करण उच्च निष्पादन मोटर केस (HPS3) है। इसके लिए इष्टतम डिजाइन, दोनों गुंबदों के लिए उचित अलग प्रोफाइल का चयन, गुंबद सुदृढीकरण और संशोधित पेचदार बहु ​​धुरी कुंडलन मशीन में विस्तृत बैंड के साथ कुंडलन अपनाकर विकसित किया गया था।

मोटर केस के खोल का निर्माण एरामिड/इपोक्सी का उपयोग करते हुए 60.8 बार के अधिकतम प्रचालनीय दबाव के लिए बनाया गया है। मोटर केस पेचदार घेरा परतों और गुंबद सुदृढीकरण के लिए एरामिड कपड़े का होता है। पीएसएलवी के चौथे चरण के साथ संलग्न करने के लिए स्कर्ट विस्तार को कार्बन/एरामिड/इपोक्सी के संकर से निर्माण 460 केएन संरचनात्मक तन्यता लोड और 215 केएन संपीडक लोड लेने के लिए बनाया गया है। उड़ान भार पर 1.25 डिजाइन कारक को लागू किया जाता है। प्रज्वलक के अंत फिटिंग के दोनों ओर और नोजल के दोनों ओर एल्यूमीनियम मिश्र धातु लगाई गई है। रोसासीन इन्सुलेशन लगाने के बाद, 7500 किलो ठोस प्रणोदक  डाला गया। डिजाइन दबाव परीक्षण, संरचनात्मक योग्यता स्तर लोड परीक्षण, केस प्रस्फोट परीक्षण, बकेट फ्लंज के साथ चक्रण प्रमाण दाब परीक्षण और स्थिर मोटर स्तर स्थैतिक ज्वलन के अर्ह हुआ।

प्रत्येक HPS3 मोटर केस आंतरिक दबाव के साथ संरचनात्मक तनाव परीक्षण पर हाइड्रो प्रूफ दबाव के 1.05 गुना MEOP (अधिकतम उम्मीद ऑपरेटिंग दबाव) परीक्षण, 1.1 गुना उड़ान भार का संरचनात्मक संपीड़न परीक्षण, एमइओपी 1.1 गुना उड़ान लोड का आंतरिक दबाव में, सफलता से पूरा करने के आधार पर निर्माण के बाद स्वीकार कर लिया है । मोटर केस की झरझरा प्रकृति को देखते हुए, हाइड्रो-दबाव परीक्षण में रबर ब्लैडर का प्रयोग किया जाता है।

निर्मित HPS3 मोटर केस का वजन 285 किलो है और प्रदर्शन निष्पादन कारक, जो डिजाइन की दक्षता का सूचक है, 14 किमी है। किए गए परीक्षणों ने डिजाइन और निर्माण प्रौद्योगिकी की पर्याप्तता को साबित किया है। इस उच्च प्रदर्शन मोटर केस के बाद इसे पीएसएलवी-सी 4 मिशन में शामिल किया गया था और केस का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है।

विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी), तिरुवनंतपुरम, प्रक्षेपण वाहन के प्रबंधन के लिए नेतृत्व सेंटर है, जो डिजाइन और उच्च प्रदर्शन ठोस मोटर्स के विकास के लिए जिम्मेदार है। वीएसएससी के कंपोजिट एंटिटि ने अब तक 50 HPS3 मोटर केसों का निर्माण किया है। हाल ही में, पीएसएलवी-C38 मिशन के लिए 50वें केस को वीएसएससी से एसडीएससी शार के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था।