दूर दर्शन

भारत में टेलिविजन विस्‍तार के लिए, इन्‍सैट की उत्‍प्रेरक के रूप में बड़ी भूमिका रही है। उपग्रह टेलीविजन सुविधा अब भारत की समस्‍त जनता को उपलब्‍ध है। भारतीय भू भाग के 81 प्रतिशत से भी अधिक क्षेत्र व 92 प्रतिशत से भी अधिक जनसंख्‍या को भौमिक आवरण उपलब्‍ध है। देश का टेलिविजन सेवा प्रदाता दूर दर्शन, इन्‍सैट उपग्रहों का प्रमुख प्रयोक्‍ता है। इस समय दूर दर्शन के 32 चैनल इन्‍सैट-3ए, इन्‍सैट-3सी तथा इन्‍सैट-4बी के सी बैंड  ट्रांसपांडरों पर चल रहे हैं । इन सभी उपग्रह चैनलों का डिजीटल प्रसारण किया जाता है। 

दूर दर्शन द्वारा निम्‍न उपग्रह टेलिविजन सेवाएं दी जा रही हैं :- 

राष्‍ट्रीय नेटवर्क सेवा (डी डी-1) दूरदर्शन समाचार (डी डी-2), डी डी स्‍पोर्टस, डी डी इंडिया, डी डी भारती तथा डी डी-एचडी

केरल, कर्नाटक, जम्‍मू एवं काश्‍मीर,  तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ऑंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्‍तर प्रदेश, महाराष्‍ट्र, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्‍थान, त्रिपुरा, ओड़िसा, बिहार, मध्‍य प्रदेश, उत्‍तराखंड, हरियाणा, मिजोरम, झारखंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, छत्‍तीसगढ़, अण्‍डमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप समूह में प्रादेशिक सेवाएं।

डीडी-1 नेटवर्क, डीडी समाचार नेटवर्क तथा प्रादेशिक सेवाओं की आवश्‍यकताओं के लिए इन्‍सैट प्रणाली के माध्‍यम से करीब 1415 प्रेषित्र (ट्रॉंस्‍मीटर) काम कर रहे हैं। डीटीएच सेवा ("डी डी डायरेक्‍ट+") के माध्‍यम से 59 दूरदर्शन तथा निजी टीवी चैनल प्रसारित हो रहे हैं ।  अण्‍डमान व निकोबार द्वीप समूह के लिए सी-बैंड में 10 चैनलों वाला प्रस्तावित डीटीएच सितंबर 17, 2009 से शुरु हो गया है। भारत में जनवरी 03, 2010 को कामनवेल्‍थ खेलों के उद्घाटन के साथ ही डीटीएच सेवा भी शुरू हो गई थी। 

अब एचडीटीवी में "मॉंग पर चलचित्र " सेवा के शुरु होने के कारण डीटीएच सेवाएं लोकप्रिय हो रही है। संपूर्ण भारत में छोटे से डिश एंटेना द्वारा डीटीएच टेलिविजन सेवा देने के लिए उच्‍च शक्ति कू-बैंड ट्रांसपोंडरों का प्रयोग किया जा रहा है ।

डीटीएच सेवाओं के लिए इन्‍सैट/जीसैट तथा लीज पर लिए गए उपग्रहों के लगभग 75 कू-बैंड ट्रांस्‍पांडरों की मदद ली जा रही है ।  डीडी डायरेक्‍ट+ समेत विभिन्‍न सेवा प्रदाताओं से  40 मिलियन से अधिक डीटीएच कनैक्‍शन लिए गए हैं