दूरचिकित्सां

दूरचिकित्‍सा, अन्‍तरिक्ष प्रौद्योगिकी का सामाजिक हितार्थ एक अद्वितीय अनुप्रयोग है।  इसरो का दूरचिकित्‍सा कार्यक्रम सन् 2001 में शुरु हुआ था। इस कार्यक्रम में इसरो द्वारा सुदूर क्षेत्रों, गांवों, मेडिकल कॉलेज के अस्‍पतालों एवं सचल यूनिटों तथा शहर व नगरों के अति विशिष्ट (सुपर स्पेशिएल्टी) अस्‍पतालों के बीच भारतीय उपग्रहों की मदद से संपर्क स्‍थापित कराया जा रहा है। इसरो के दूरचिकित्‍सा कार्यक्रम में जम्‍मू व काश्‍मीर, लद्दाख, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप समूह तथा उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों सहित मुख्‍य भूमि के विभिन्‍न राज्‍यों व क्षेत्रों में यह व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध कराई जा रही है। दूरचिकित्‍सा कार्यक्रम के अंतर्गत केरल, कर्नाटक, छत्‍तीसगढ़, पंजाब, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, ऑंध्र प्रदेश, महाराष्‍ट्र, झारखण्‍ड  तथा राजस्‍थान के कई आदिवासी इलाकों को भी शामिल किया गया है ।

Extension of healthcare through telemedicine mobile van during Koshi river floods in Bihar.

वर्तमान में इसरो के दूर-चिकित्‍सा नेटवर्क पर 384 चिकित्‍सालय शामिल हैं। इनमें 60 विशिष्‍ट चिकित्‍सालय 306 सुदूर/ग्रामीण/जिला मेडिकल कॉलेज चिकित्‍सालय तथा 18 सचल दूरचिकित्‍सा यूनिटें शामिल हैं। सचल दूरचिकित्‍सा यूनिटों में नेत्र रोग, हृदय रोग, रेडियोलॉजी, मधुमेह, स्‍तन रोग, सामान्‍य चिकित्‍सा, महिला व बाल स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी इलाज की व्‍यवस्‍था है। 

जहां तक दूरचिकित्‍सा सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, संचार उपस्‍करों व बेंड विस्‍तार का प्रश्‍न है, ये सब अंतरिक्ष विभाग/इसरो द्वारा उपलब्‍ध कराए जाते हैं। परंतु, सरकारी तथा विशिष्‍ट चिकित्‍सालयों को मूल संरचनाओं, जनशक्ति व प्रणाली सहायता पाने के लिए निधियां अबंटित करनी पड़ती है। विभिन्‍न राज्‍य सरकारों, स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं, विशिष्‍ट चिकित्‍सालयों व उद्योगों के सहयोग से इस के लिए प्रौद्योगिकी विकास तथा मानक व मूल्‍यप्रभावी व्‍यवस्‍था तैयार की गई है। अंतरिक्ष विभाग द्वारा संबंधित पार्टियों के बीच राज्‍य सरकारों तथा विशिष्‍ट चिकित्‍सालयों के साथ संपर्क कर समझौता ज्ञापन के माध्‍यम से सहमति पैदा की जाती है।

दूरचिकित्‍सा कार्यक्रम के अंतर्गत किए गए नवीनतम कार्य में एडुसैट (जी सैट-3) की अनुपलब्‍धता के कारण प्रभावित नोड़ों का अन्‍तरण व उन्‍हें कार्यकारी बनाना शामिल है। एडुसेट पर कार्यरत 190 नोडों में से अधिकांश को कार्यकारी जीसैट-12 उपग्रह पर अंतरित कर दिया गया है। इस समय लगभग 139 नोड इन्‍सैट-3ए तथा बाकी नोड इन्‍सैट-3सी तथा इन्‍सैट-4ए उपग्रहों पर काम कर रहे हैं। सेवाओं में निरंतरता बनाए रखने के लिए दूरचिकित्‍सा प्रणाली के वास्‍ते वार्षिक अनुरक्षण सहायता उपलब्‍ध करने की प्रक्रिया पर इसरो कार्य कर रहा है ।

डेकू, अहमदाबाद में दूरचिकित्‍सा मानीटरन नोड की स्‍थापना की गई है । इसे परीक्षण तथा छोटी-मोटी गड़बडियों को सुधारने में प्रयोक्‍तओं की सहायता के लिए प्रयुक्‍त किया जाता है। 

दूरचिकित्‍सा नोडों के उपयोग तथा राज्‍य/चिकित्‍सा संस्‍थानों के भावी कार्यक्रमों के आकलन हेतु डेकू, अहमदाबाद में एक दूरचिकित्‍सा प्रयोक्‍ता सम्‍मेलन का आयोजन किया गया ।  इसरो दूरचिकित्‍सा नेटवर्क पर सतत आयुर्विज्ञान शिक्षा भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम बहु आयामी है जिसके उद्देश्य राष्‍ट्रीय विकास के लिए दूरसंचार, टेलिवीजन प्रसारण, मौसम पर्यवेक्षण तथा प्राकृतिक संसाधन, प्रबंधन हेतु सटीक आंकडे तैयार करने के लिए महत्‍वपूर्ण अवसंरचनाएं उपलब्‍ध कराना है ।  दूरचिकित्‍सा  ने शिक्षा व जन स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी परिवर्तन किया है  तथा आज अंतरिक्ष अनुसंधान का फल आम आदमी व समाज को मिल रहा है ।