डॉ. कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन (1994-2003)

डॉ. कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन संप्रति योजना आयोग के सदस्य हैं। डॉ. कस्तूरीरंगन ने 27 अगस्त, 2003 में पद छोड़ने से पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष और भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग के सचिव के रूप में 9 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का शानदार तरीक़े से संचालन किया।

वे प्रथम इसरो उपग्रह केंद्र के निदेशक थे, जहाँ उन्होंने नई पीढ़ी के अंतरिक्ष यान, भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह (इन्सैट-2) तथा भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह (आईआरएस-1ए व 1बी) और साथ ही, वैज्ञानिक उपग्रहों से संबंधित गतिविधियों का सर्वेक्षण किया।

वे भारत के प्रथम दो प्रायोगिक भू-प्रेक्षण उपग्रह, भास्कर- I व II के परियोजना निदेशक भी थे और बाद में प्रथम संक्रियात्मक भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह, आईआरएस-1ए के समग्र निर्देशन की जिम्मेदारी सँभाली।

डॉ. कस्तूरीरंगन ने बंबई विश्वविद्यालय से ऑनर्स सहित विज्ञान स्नातक की पदवी और भौतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर पदवी तथा भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद में काम करते हुए 1971 में प्रायोगिक उच्च ऊर्जा खगोल-विज्ञान में डॉक्टरेट डिग्री प्राप्त की।

इसरो के अध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व में अंतरिक्ष कार्यक्रमों ने कई प्रमुख उपलब्धियाँ हासिल कीं जिनमें भारत के प्रतिष्ठित प्रमोचन यान, ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन यान (पीएसएलवी) और अभी हाल ही में, अत्यधिक महत्वपूर्ण भू-तुल्यकाली उपग्रह प्रमोचन यान (जीएसएलवी) का प्रथम सफल उड़ान परीक्षण शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने समुद्री प्रेक्षण उपग्रह आईआरएस-पी3/पी4 के प्रमोचनों के साथ-साथ, विश्व के सर्वोत्तम नागरिक उपग्रह, आईआरएस-1सी और 1डी का अभिकल्पन, विकास और प्रमोचन, इन्सैट उपग्रहों की दूसरी पीढ़ी की प्राप्ति और तीसरी पीढ़ी के प्रवर्तन का देख-रेख कार्य भी सँभाला। इन प्रयासों ने भारत को अंतरिक्ष कार्यक्रम वाले मुट्ठी भर प्रमुख छह देशों के बीच पूर्व-प्रख्यात अंतरिक्ष-अग्रगामी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।

खगोलशास्त्री के रूप में डॉ.कस्तूरीरंगन की दिलचस्पियों में शामिल हैं उच्च ऊर्जा एक्स-किरण और गामा किरण खगोल-विज्ञान और साथ ही, प्रकाशिक खगोल-विज्ञान में अनुसंधान। उन्होंने ब्रह्मांडीय एक्स-किरण स्रोतों, खगोलीय गामा-किरण और निचले वायुमंडल में ब्रह्मांडीय एक्स-किरणों के प्रभाव से संबंधित अध्ययनों में व्यापक और महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

डॉ.कस्तूरीरंगन भारत और विदेशों के कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अकादमियों के सदस्य हैं। संप्रति वे बेंगलूर स्थित भारतीय विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष और भारतीय विज्ञान कांग्रेस के महाध्यक्ष हैं।

वे इंडियन एकाडमी ऑफ़ साइंसस, इंडियन नेशनल साइंस एकाडमी, नेशनल एकाडमी ऑफ़ साइंसस ऑफ़ इंडिया, इंडियन नेशनल एकाडमी ऑफ़ इंजीनियरिंग, एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया, नेशनल टेलीमैटिक्स फ़ोरम, द इंडियन मीटियरोलॉजिकल सोसाइटी और द थर्ड वर्ल्ड एकाडमी ऑफ़ साइंसस के फ़ेलो हैं।

वे इंस्टिट्यूशन ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन्स इंजीनियर्स के प्रतिष्ठित फ़ेलो, एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया के संस्थापक सदस्य, भारतीय भौतिकी संघ, भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ, भारतीय सुदूर संवेदन सोसाइटी के आजीवन सदस्य, भारतीय वैमानिकी सोसाइटी तथा केरल विज्ञान अकादमी के सम्मानी सदस्य हैं।

वे अंतर्राष्ट्रीय वायुविकी संघ और अंतर्राष्ट्रीय वैमानिकी अकादमी के भी सदस्य हैं और उसके न्यास मंडल के सदस्य हैं। उन्होंने कुछ प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय समितियों की अध्यक्षता की है, जैसे अंतर्राष्ट्रीय भू-प्रेक्षण उपग्रह समीति (सीईओएस), कोसपार/आईसीएसयू के विकासशील देशों में अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए पैनल, यूएन-ईएससीएपी के वरिष्ठ अधिकारिक स्तर पर समिति की बैठक, जिसने प्रदेश के मंत्रियों द्वारा "दिल्ली घोषणा" को अपनाने की अगुआई की (1999-2000)।

वे यू.एन. सेंटर फ़ॉर स्पेस साइंस एंड टेक्नॉलोजी एजुकेशन (यूएन-सीएसएसटीई), आईआईटी चेन्नई के निदेशक मंडल, रामन रिसर्च इन्स्टिट्यूट की शासी परिषद और राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशाला के अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष भी हैं।

उन्होंने इंजीनियरिंग में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, वांतरिक्ष में श्री हरि ओम आश्रम डॉ. विक्रम साराभाई प्रेरिट पुरस्कार, खगोल-विज्ञान में एम.पी.बिरला स्मारक पुरस्कार, अनुप्रयुक्त विज्ञान में श्री एम.एम.छुगानी स्मारक पुरस्कार, विज्ञान प्रौद्योगिकी में एच.के.फ़िरोदिया पुरस्कार, विश्वभारती, शांतिनिकेतन द्वारा रतींद्र पुरस्कार, अंतरिक्ष के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ.एम.एन साहा जन्म शताब्दी मेडल जैसे पुरस्कार हासिल किए।

वे पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण से सम्मानित हैं। उन्होंने खगोल-विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, अंतरिक्ष उपयोग के क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 200 से अधिक आलेख प्रकाशित किए हैं और 6 पुस्तकों को संपादित किया है।

 

डॉ.कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन

 
शिक्षा
ऑनर्स के साथ बी.एस.सी. (भौतिक शास्त्र), 1961, बंबई विश्वविद्यालय
इलेक्ट्रानिक्स में विशेषज्ञता के साथ एम.एस.सी. (भौतिक शास्त्र), 1963, बंबई विश्वविद्यालय
पी.एच.डी. (खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी), 1971, भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल)
 
जन्म दिनांक
24 अक्तूबर, 1940, एर्नाकुलम (केरल), भारत
 
राष्ट्रीय मान्यता:
पद्म विभूषण (2000),
पद्म भूषण (1992),
पद्मश्री (1982)
 
शिक्षावृत्ति/सदस्यता (राष्ट्रीय) :
भारतीय विज्ञान अकादमी के फ़ेलो (एफ़एएससी)
भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के फ़ेलो (एफ़एनए)
नेशनल एकाडेमी ऑफ़ साइंसस ऑफ़ इंडिया के फ़ेलो (एफ़एनएएससी)
इंडियन नेशनल एकाडेमी ऑफ़ इंजीनियरिंग के फ़ेलो (एफ़एनएई)
भारतीय अंतरिक्षयानिकी सोसाइटी के फ़ेलो (एएसआई)
नेशनल टेलिमैटिक्स फ़ोरम के फ़ेलो (एनटीएफ़)
भारतीय मौसम-विज्ञान सोसाइटी के फ़ेलो (आईएमएस)
भारतीय खगोलीय सोसाइटी के संस्थापक सदस्य (एएसआई)
इंस्टिट्यूशन ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियर्स के प्रतिष्ठित सदस्य (आईईटीई)
सम्मानी सदस्य, भारतीय अंतरिक्षयानिकी सोसाइटी (एएसआई)
सम्मानी सदस्य, केरल विज्ञान अकादमी (केएएस)
सम्मानी सदस्य, इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ़ केमिकल इंजीनियर्स (आईआईसीई)
आजीवन सदस्य, भारतीय भौतिक संघ (आईपीए)
आजीवन सदस्य, भारतीय सुदूर संवेदन सोसाइटी (आईएसआरएस)
आजीवन सदस्य, भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ (आईएससीए)
 
शिक्षावृत्ति/सदस्यता (अंतर्राष्ट्रीय) :
सदस्य, भारतीय संसद द्वारा गठित भारत-चीन प्रख्यात व्यक्तियों का समूह
अध्यक्ष, भारत-सिप्रस संसदीय मित्रता समूह
न्यासी, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय के लिए नेहरू न्यास (2007)
अकादमीशियन पॉन्टिफ़िकल एकाडेमी ऑफ़ साइंसस, वैटिकन सिटी (2006)
सम्मानी सदस्य, कार्डिफ़ विश्वविद्यालय, यू.के. (2006 से)
थर्ड वर्ल्ड एकाडेमी ऑफ़ साइंसस के फ़ेलो (1996 से)
अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्षयानिकी अकादमी के सदस्य (1985 से)
अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के सदस्य (1982 से)
धारित पद:
अप्रैल, 2004 के बाद से निदेशक, नेशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ़ एडवान्स्ड स्टडीज़, बेंगलूर
27 अगस्त, 2003 के बाद से संसद सदस्य (राज्य सभा)
अप्रैल 1994 से 27 अगस्त, 2003 अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग/सचिव, अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार, बेंगलूर
1990 से मार्च 1994 तक निदेशक, इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूर
1986-89 एसोसिएट डायरेक्टर, इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूर
1984-86 उप निदेशक, इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूर
1980-89 निदेशक आईआरएस-1ए, इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूर
1979-83 परियोजना निदेशक भास्कर- II, इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूर
1976-80 परियोजना निदेशक भास्कर- I, इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूर
1975-76 परियोजना इंजीनियर (अंतरिक्षयान)-भास्कर- I, इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूर
1974-78 अध्यक्ष, भौतिकी समूह/सचिव, आर्यभट्ट परियोजना प्रबंधन मंडल, इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूर
1971-73 भौतिक विज्ञानी, इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूर
1967-71 अनुसंधान सहयोगी, भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
1963-67 रिसर्च स्कॉलर, भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
विशेष पद
2001 के बाद – दक्षिण भारतीय शिक्षा सोसाइटी, मुबंई के सम्मानी संरक्षक
1997 के बाद – सम्मानी प्रोफ़ेसर-भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, अहमदाबाद
1996 के बाद – अंतरिक्ष विज्ञान और उपयोगों के लिए सम्मानी प्रोफ़ेसर
1996 के बाद – अंतरिक्ष विज्ञान और उपयोग के लिए सम्मानी प्रोफ़ेसर, कॉलेज ऑफ़ नेवल वारफ़ेयर, मुंबई
1996 के बाद – सम्मानी प्रोफ़ेसर, एस.वी.यूनिवर्सिटी, तिरुपति
1995 के बाद – वरिष्ठ सहयोगी, नेशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज़, बेंगलूर
1995 के बाद 5 वर्षों के लिए – सम्मानी प्रोफ़ेसर, जवाहरलाल नेहरू सेंटर फ़ॉर एडवांस्ड साइंटिफ़िक रिसर्च, बेंगलूर
 
विशेष भूमिकाएँ
सितंबर 2008 के बाद
अध्यक्ष, कर्नाटक ज्ञान आयोग, बेंगलूर
सितंबर 2008 के बाद
सदस्य, कर्नाटक विशन 2020
सितंबर 2008 के बाद
सदस्य, परामर्शी समिति, इंडियन साइंस न्यूज़ एसोसिएशन, कोलकाता
2007 के बाद
स्वतंत्र निदेशक, ब्रिगेड ग्रूप, बेंगलूर
2007-2011
सदस्य, सार्वजनिक निकाय, बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलोजी एंड साइंस, पिलानी, राजस्थान
2007 के बाद
सदस्य, शासी निकाय, भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान, बेंगलूर
2005-2006
अध्यक्ष, इंडियन नेशनल एकाडेमी ऑफ़ इंजीनियरिंग (आईएनएई)
2004 के बाद
अध्यक्ष, काउंसिल ऑफ़ इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ़ साइंस (आईआईएससी)
 
 
जनवरी-फरवरी 2004 और अगस्त 2004 के बाद
सदस्य, ऊर्जा समिति, भारतीय संसद
2004 के बाद
अध्यक्ष, आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान का शासी निकाय (एआरआईईएस), नैनीताल
2004 के बाद
सदस्य, राजस्थान सरकार द्वारा गठित आर्थिक नीति और सुधार परिषद
नवंबर 2003 के बाद
सदस्य, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी), भारत सरकार
2002-2003
महाध्यक्ष, भारतीय विज्ञान कांग्रेस
 
2001-2003
अध्यक्ष, भारतीय विज्ञान अकादमी
 
2001-2003
सदस्य, आईआईटी, रूडकी का गवर्नर मंडल
 
2000-2010
अध्यक्ष, रामन अनुसंधान संस्थान (आरआरआई) परिषद
 
2000-2005
अध्यक्ष, गवर्नर मंडल, आईआईटी, मद्रास
 
2000
पदेन सदस्य, मंत्रिमंडल की वैज्ञानिक परामर्शी समिति
 
2000
अध्यक्ष, रिसर्च काउंसिल ऑफ़ नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेटरीज़, बेंगलूर
 
1998-2000
उपाध्यक्ष, भारतीय विज्ञान अकादमी
1995-2003
अध्यक्ष, एशिया-प्रशांत में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र केंद्र का शासी निकाय, भारत
 
अंतर्राष्ट्रीय निकायों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ:
सदस्य, मंगल ग्रह की अन्वेषण की अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्षयानिकी अकादमी की उपसमिति (1992-1993)
भारतीय प्रतिनिधि, आईईई अंतरिक्ष पैनल (1992)
अध्यक्ष, विकासशील देशों में अंतरिक्ष अनुसंधान पर कोसपार पैनल (1994-2000)
सदस्य, कोसपार ब्यूरो (1993 के बाद)
अध्यक्ष, भू-प्रेक्षण उपग्रह पर अंतर्राष्ट्रीय समिति (सीईओएस) (1997-1998)
अध्यक्ष, एशिया और प्रशांत द्वीप में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र केंद्र का शासी निकाय (1995 से)
अध्यक्ष, 'दिल्ली घोषणा' की अगुआई करने वाले यू.एन.-एसकैप के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति (1999-2000)
सदस्य, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्षयानिकी अकादमी का न्यासी मंडल, पेरिस
सदस्य, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष विश्वविद्यालय की परामर्शी मंडल (आईएसयू), स्ट्रैसबोर्ग, फ़्रांस
अंतर्राष्ट्रीय निकायों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ:
प्रकाशन – राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 300 से अधिक आलेख
छह पुस्तकें संपादित
असंख्य राष्ट्रीय समितियों, अनुसंधान संस्थानों और अन्य निकायों के अध्यक्ष/सदस्य

डॉ. कृष्णस्वामी कस्तूरीरंगन

 
पुरस्कार
श्री हरि ओम आश्रम डॉ. विक्रम साराभाई प्रेरित पुरस्कार (1981)
सोवियत विज्ञान अकादमी का अंतर-ब्रह्मांडीय परिषद पुरस्कार (1981)
इंजीनियरिंग विज्ञान में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार (1983)
श्री ओम प्रकाश भासिन फ़ाउंडेशन पुरस्कार (1988)

इंस्टिट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स (इंडिया), कर्नाटक पुरस्कार (1992)

डॉ. वाई. नायुडम्मा स्मारक पुरस्कार (1995)

भारतीय भू-भौतिकी संघ द्वारा प्रदत्त डॉ. के. आर. रामनाथन स्मारक स्वर्ण पदक 1995 (1995)

एफ़आईई फ़ाउंडेशन का 1995 राष्ट्रीय पुरस्कार (1996)

आईएससीए का जी.पी.चटर्जी स्मारक पुरस्कार (1997)

खगोल विज्ञान में एम.पी.बिरला स्मारक पुरस्कार (1997)

गोयल फ़ाउंडेशन द्वारा प्रदत्त गोयल पुरस्कार (1997)

भारतीय भौतिक सोसाइटी, कलकत्ता का बिरेन रॉय स्मारक व्याख्यान पदक (1998)

लक्ष्मीकांतम्माल एजुकेशन ट्रस्ट, चेन्नई का स्वदेशीकरण में उत्कृष्ट उपलब्धि पुरस्कार (1999)

सुब्बाराम ट्रस्ट, बेंगलूर का विद्यारत्न राष्ट्रीय पुरस्कार (1999)

भारतीय भौतिक संघ का अनुप्रयुक्त भौतिक शास्त्र में उत्कृष्टता के लिए श्री मुरली एम. छुगानी स्मारक पुरस्कार (1999)

एच.के.फिरोदिया स्मारक फ़ाउंडेशन द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता के ले एच. के. फिरोदिया पुरस्कार (1999)

भारतीय भू-भौतिकी संघ द्वारा आईजीयू सहस्राब्दी पुरस्कार (1999)
87वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस द्वारा प्रदत्त 1999-2000 के लिए एम.एन.साहा जन्म शताब्दी पुरस्कार (2000)

भारतीय विज्ञान अकादमी, कलकत्ता द्वारा प्रदत्त आर्यभट्ट पदक पुरस्कार 2000 (2001)

साउथ इंडियन एजुकेशन सोसाइटी, मुंबई द्वारा दिनांक 28.12.2001 को चौथा श्री चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती राष्ट्रीय श्रेष्ठता पुरस्कार (2001)

इंटरनेशनल सोसाइटी फ़ॉर एयर ब्रीथिंग इंजीन्स (आईएसओएबीई), बेंगलूर द्वारा प्रदत्त अंतर्राष्ट्रीय सहयोग उपलब्धि पुरस्कार 2001 (2001)

विश्वभारती, शांति निकेतन द्वारा वर्ष 1999 के लिए रतींद्र पुरस्कार (2002)

"ऑफ़िसर ऑफ़ द लीजन डी'ऑनर" पुरस्कार, फ़्रांस सरकार द्वारा प्रदत्त उच्च सम्मान (2002)

संगठन विकास केंद्र, हैदराबाद द्वारा प्रदत्त "वी.कृष्णमूर्ति उत्कृष्टता पुरस्कार" (2002)

नवोन्मेषी विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान के लिए गूजरमल मोदी विज्ञान प्रतिष्ठान, नई दिल्ली द्वारा प्रदत्त "जी.एम.मोदी पुरस्कार" (2002)

भू-विज्ञान विकास प्रतिष्ठान, नई दिल्ली से 'भू-विज्ञान रत्न पुरस्कार' (2002)

जेप्पियार एजुकेशनल ट्रस्ट, चेन्नई द्वारा उत्कृष्टता के लिए 8वाँ राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी पुरस्कार (2003)

राम मोहन मिशन, कलकत्ता द्वारा प्रदत्त 'छठा राम मोहन पुरस्कार 2003' (2003)

भारतीय विज्ञान कांग्रेस, चंडीगढ़ द्वारा 'आशुतोष मुखर्जी स्मारक पुरस्कार' (2004)

सेंटनेरियन ट्रस्ट, चेन्नई द्वारा प्रदत्त 'मैन ऑफ़ द इयर' पुरस्कार (2004)

नेशनल एकाडेमी ऑफ़ साइंसस ऑफ़ इंडिया, जयपुर का 'प्रोफ़ेसर एम.एन.साहा स्मारक व्याख्यान पदक' (2004)

इंडियन नेशनल एकाडेमी ऑफ़ इंजीनियरिंग, दिल्ली द्वारा 2004 के लिए 'लाइफ़ टाइम कंट्रीब्यूशन अवार्ड इन इंजीनियरिंग' (2004)

आईएसपीआरएस और एएसपीआरएस, इस्तानबुल, तुर्की द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित 'आईएसपीआरएस ब्रॉक पदक' (2004)

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्षयानिकी संघ (आईएएफ़), वैंकूवर, कनाडा का एलन डी एमिल स्मारक पुरस्कार (2004)

भारतीय ग्रहीय सोसाइटी, मुंबई द्वारा अंतरिक्ष विज्ञान में लाइफ़-टाइम उपलब्धियों के लिए 'बलवंतभाई पारेख स्वर्ण पदक 2005' (2005)

भारतीय अंतरिक्षयानिकी सोसाइटी द्वारा 'आर्यभट्ट पुरस्कार 2003' (2005)

एशिया-पैसेफ़िक सैटलाइट कम्यूनिकेशन्स काउंसिल, सिंगापुर का 'लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार' (2005)

इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, लखनऊ द्वारा 'लक्ष्मीपत सिंघानिया – आईआईएम लखनऊ राष्ट्रीय नेतृत्व पुरस्कार 2006' (2006)

रुइया कॉलेज पूर्व-छात्र संघ, शिक्षण प्रसारक मंडली का रामनारायण रुइया कॉलेज द्वारा द ज्युअल ऑफ़ रुइया पुरस्कार, दिसंबर 2007

इंटरनेशनल एकाडेमी ऑफ़ एस्ट्रोनॉटिक्स (आईएए), फ़्रांस द्वारा थियोडोर वॉन कारमान पुरस्कार (2007)

उदयपुर में 2 मार्च, 2008 को महाराणा ऑफ़ मेवाड़ चैरिटेबल फ़ाउंडेशन द्वारा महाराणा उदय सिंह पुरस्कार

राजयोगिंद्र पुरस्कार, मैसूर महाराजा, मैसूर 18 जुलाई 2008

विक्रम साराभाई स्मारक स्वर्ण पदक, 96वां भारतीय विज्ञान कांग्रेस, द इंडियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन, 3 जनवरी 2009, शिल्लांग

महामहिम पजासी राजा चैरिटेबल ट्रस्ट, केरल द्वारा शास्त्र भूषण पुरस्कार, 27 फरवरी, 2009

मैसूर के प्रोफ़ेसर वाई.टी.ताताचारी और श्रीमती माधुरी ताताचारी के भ्रमर ट्रस्ट द्वारा 14 मार्च, 2009 को प्रोफ़ेसर वाई.टी.ताताचारी लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार

 
सम्मान
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (1994)
आंध्र विश्वविद्यालय द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (1995)
एस.वी.यूनिवर्सिटी, तिरुपति द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (1996)
श्री कृष्ण देवराय विश्वविद्यालय, अनंतपुर द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (1998)
अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (1998)
रूड़की विश्वविद्यालय, रूड़की द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (1999)
आईआईटी, बंबई द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2000)
छत्रपति शाहुजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2000)
 
रूड़की विश्वविद्यालय, अमृतसर द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2001)
कलकत्ता विश्वविद्यालय द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2002)
इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (आईजीएनओयू), नई दिल्ली द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2003)
पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2003)
विश्‍वेश्‍वरय्‍‍या टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, बेलगाम द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2004)
अलगप्पा यूनिवर्सिटी, करईकुडी द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2006)
मैसूर विश्वविद्यालय, मैसूर द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2007)
एसआरएम यूनिवर्सिटी, चेन्नई द्वारा डी.एस.सी. (ऑनोरिस कासा) से सम्मानित (2008)