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लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.gov.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।

राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) में डिजिटल इंडिया सप्ताह

एनआरसी में 07.07.2015 को 10.00 - 13.00 बजे तक आधे दिन के कार्यक्रम सत्र में इसरो के जियोपोर्टल भुवन, सुदूर संवेदन के सामाजिक लाभ पर व्याख्यान और एनआरएससी के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रश्नोत्तर को शामिल करते हुए आयोजित किया गया । डॉ.पी.जी.दिवाकर, डीडी (आरएस और जीआईएस) ने सभी का स्वागत किया और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों की भूमिका और समाज पर इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसरो के कई अन्य गतिविधियों का भी संक्षिप्त रूप से वर्णन किया, जो डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंग जैसे टेली एजुकेशन, टेली मेडिसिन आदि को बढ़ावा देते हैं। श्री बी.गोपाल कृष्णा, डीडी (डीपीपीए एंड डब्लूएए) ने अपने संबोधन में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य में इलेक्ट्रॉनिक सेवाएं, उत्पाद, निर्माण और रोजगार के अवसर आदि के क्षेत्र में विकास समावेशी है । इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीआईटीआई) और समाज में इसके प्रभाव से नीतिगत पहलुओं को विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे अपने संबंधित स्कूलों या घरों की, कुछ स्थलों को अपडेट करने के लिए भुवन मंच का उपयोग करें ताकि भुवन में इसे सीखने के साथ भीड़ की गतिविधि के रूप में देखा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा एक्सपोज़र के साथ एक और प्रोग्राम परस्पर सुविधाजनक तिथि पर अधिक संख्या में विद्यार्थियों के लिए और अन्योन्यक्रिया के साथ आयोजन करने की व्यवस्था की जाएगी।

सुश्री अंजुम महताब ने प्रौद्योगिकी की मुख्य विशेषताएं और विभिन्न विषयगत अनुप्रयोगों के लिए इसका उपयोग को कवर करते हुए सुदूर संवेदन सामाजिक लाभ पर व्याख्यान दिया । श्री अरुलराज ने अपने व्याख्यान में भुवन और उसके अनुप्रयोगों को कवर किया। उन्होंने यह भी दिखाया कि कैसे छात्र भुवन से विभिन्न अनुप्रयोगों को डाउनलोड कर सकते हैं और रुचि रखने वाले छात्रों को अपने स्कूलों और उनके आसपास सुविधाओं को अद्यतन करने के लिए प्रोत्साहित किया । डॉ. पी.जी.दिवाकर, डीडी (आरएस और जीआईएस), श्री बी.ओ.गोपाल कृष्ण, डीडी (डीपीपीए एंड डब्लूएए), श्री के.के. रत्नकुमार, डीडी (एसडीआर और आईएसए), श्री पी. श्रीनिवासुलु, जीएम (एएस एंड डीएम), डॉ. आर. नागराज, जीडी (एनडीसी), डा. विनोद बोथाले, जीडी (भुवन और डब्ल्यूए) पैनल के सदस्य और अध्यक्ष के रूप में डॉ. सी.बी.एस.दत्त, डीडी (ईसीएसए) के साथ प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया था। प्रतिक्रिया अच्छी रही और अंतरिक्ष, भूस्थानिक प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं पर 175 सवाल प्राप्त हुए थे। सीमित समय के कारण, उनका स्क्रीनिंग कर लगभग 25 प्रश्नों के पैनलिस्टों द्वारा उत्तर दिए गए; यह भी सुनिश्चित किया गया कि प्रश्नों की जांच करते समय कोई विद्यालय छूट नहीं गया हो । हैदराबाद और सिकंदराबाद के जुड़वां शहरों के विभिन्न भौगोलिक भागों को कवर करने वाले 20 स्कूलों में से 285 छात्र आए थे। भाग लेने वाले स्कूलों को स्मृति चिन्ह दिया गया था जो संबंधित शिक्षकों द्वारा लिया गया था और सभी छात्रों को शीघ्र ही भागीदारी प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जो बनाए जा रहे हैं। डॉ. एस. अरुणाचलम ने धन्यवाद ज्ञापन दिया । तदुपरांत फोटोलैब के पास समूह फोटो लिया गया । सभी प्रश्न और उत्तर प्रस्तुतियों को एनआरएससी वेबसाइट पर लोड किया जाएगा, घटना की कुछ तस्वीरें, जिन्हें छात्रों / शिक्षकों द्वारा डाउनलोड किया जा सकता है।