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अंतरिक्ष विभाग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.gov.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिवहन नीति – 2020 का मसौदा

इसरो जडत्वीय प्रणाली यूनिट (आईआईएसयू) त्रिवेंद्रम में डिजिटल इंडिया सप्ताह

 वीकेसी परिसर में डिजिटल इंडिया सप्ताह आयोजित किया गया था। वीकेसी परिसर में कम स्टाफ को ध्यान में रखते हुए, कार्यक्रम को उच्च प्रभावशाली घटना के रूप में मनाया गया था, जो पूरे स्टाफ के लिए प्रासंगिक था। कार्यक्रम 07/07/2015 के अपराह्न को आधे दिन के सत्र के रूप में आयोजित किया गया था। यह पुस्तकालय और संगोष्ठी समिति, वीकेसी के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। सभी आईआईएसयू-सीएमएसई कर्मचारियों को ईमेल के माध्यम से आमंत्रित करके पर्याप्त प्रचार दिया गया। आईआईएसयू और सीएमएसएस नोटिसबोर्ड में नोटिस लगाए गए थे।

यह आयोजन आईआईएसयू के सागर कॉन्फ्रेंस हॉल में हुआ। लगभग 100 प्रतिभागी उपस्थित थे। सत्र के प्रारंभ में श्री एस हेमचंद्रन,ग्रु.नि., आईएसईपी ने भारत सरकार के डिजिटल इंडिया इनिशिएटिव के उद्देश्यों पर प्रस्तुति दी । ब्रीफिंग को पावरपाइंट डिस्प्ले द्वारा दिखाया गया था। पहल के तीन दृष्टिकोण और नौ आधार स्तंभ के बारे में श्री एस हेमचंद्रन द्वारा समझाया गया।

इसके बाद बाहरी आईटी विशेषज्ञ, श्री जी नीलकांत, आईटी सलाहकार, टेक्नोपार्क, तिरुवनंतपुरम का "सुरक्षित इंटरनेट प्रैक्टिस" पर व्याख्यान आयोजित किया गया । सभी डोमेनों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से सक्षम लेन-देन और डिजिटल अन्योन्यक्रिया की दिशा में बुनियादी बदलाव लाने के लिए राष्ट्रीय पहल के संदर्भ में, सभी आईटी सक्षम सेवाओं में सुरक्षा सुनिश्चित करने के सर्वोच्च महत्व पर बल दिया गया था। पावरपाइंट स्लाइड की मदद से संरचित प्रस्तुति दी गई थी। कई उदाहरणों और परिदृश्यों के माध्यम से, स्पीकर ने प्रतिभागियों को आईटी सुरक्षा की अवधारणाओं के माध्यम से निर्देशित किया। सत्र अत्यधिक प्रतिक्रियात्मक था, दर्शकों ने विशेष हित के दृष्टि पर स्पष्टीकरण प्राप्त किया। प्रतिभागियों को सवाल पूछने और चर्चा में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। सत्र के दौरान जलपान दिया गया ।