इसरो उपग्रह केंद्र(आईजैक) बैंगलोर में डिजिटल इंडिया सप्ताह

  1. अग्रदूत के रूप में और जनता तक पहुंचने के भाग के रूप में, आईजैक वेब सामग्री प्रबंधन समिति के मार्गदर्शन/समीक्षा के तहत आईजैक द्वारा विकसित इंटरनेट पर आईजैक वेबसाइट का उद्घाटन 08-06-2015 को निदेशक, आईजैक के  द्वारा किया गया, जो कि अब तक 24000 से अधिक दर्शकों ने देखा है।
  2. "ई-गवर्नेंस - प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकार का सुधार", सरकारी डाटा प्रोसेसिंग पर ज़ोर देने वाला प्रमुख फोकस क्षेत्र में से एक है, जो इलेक्ट्रॉनिक डाटा बेस के माध्यम से लेनदेन को सुधारने के लिए आईटी का इस्तेमाल करता है, वर्कफ्लो ऑटोमेशन और सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी देता है, इस निर्णय को आईजैक द्वारा अन्य इसरो केंद्रों द्वारा विकसित विभिन्न ई-गवर्नेंस/वर्कफ़्लो एप्लिकेशन पर और उसके अनुसार विस्तृत मेलर को अन्य इसरो केंद्रों पर भेजा गया।
  3. डिजिटल इंडिया सप्ताह और प्रधान मंत्री द्वारा 01-07-2015 को परिपत्र के माध्यम से उद्घाटन कार्यक्रम के लाइव प्रसारण/वेबकास्ट के बारे में कर्मचारियों को सूचना भेजी गयी थी, संवाद इंट्रानेट पोर्टल और आईजैक मेल होम पेज पर फ्लैश मेसेज भी रखा गया।
  4. 1 जुलाई को भारत के प्रधान मंत्री द्वारा डिजिटल इंडिया सप्ताह के उद्घाटन कार्यक्रम के लोकार्पण के लाइव वेबकास्ट/प्रसारण के लिए तैयारी का आईजैक ऑडिटोरियम में वेबकास्ट/प्रसारण के लिए आधारभूत संरचना का परीक्षण किया गया था।
  5. डिजिटल इंडिया सप्ताह के उद्घाटन कार्यक्रम का 01-07-2015 को सतीश धवन सभागार में लाइव प्रसारण और आईजैक इंट्रानेट के माध्यम से वेबकास्ट 16:00 बजे से आयोजन किया गया था। वेबकास्ट की रिकॉर्डिंग आईजैक इंट्रानेट के माध्यम से बाद में देखने के लिए उपलब्ध कराई गई थी।
  6. कागज रहित कार्यालय के लिए अग्रणी, हरित आईटी की दिशा में कदम उठाते हुए, यह निर्णय लिया गया कि डिजिटल इंडिया सप्ताह में इन हाउस विकसित ई-गवर्नेंस/वर्कफ़्लो स्वचालन के तीन अनुप्रयोगों का विमोचन किया जाए । आईजैक ऑडिटोरियम में आईजैक के निदेशक द्वारा 07-07-2015 को सीआईजी द्वारा विकसित निम्न ई-गवर्नेंस/वर्कफ़्लो एप्लिकेशन का विमोचन किया गया।
  • ·         विनिर्माण गतिविधि सूचना प्रणाली(एमएआईएस): जॉब विनिर्माण की मांग की पूरी प्रक्रिया से जॉब सुपुर्दगी तक ईमेल के माध्यम से जॉब निर्धारण, रिपोर्ट जनन और वृद्धि अलार्म के लिए वेब आधारित स्वचालित सॉफ्टवेयर
  • कंपन परीक्षण सूचना प्रणाली (वीटीआईएस): कंपन परीक्षण उपग्रह जीवन चक्र परियोजना जीवन चक्र में बहुत ही महत्वपूर्ण चरण है। परीक्षा परीक्षण प्रक्रिया के अभिलेख को व्यापक तरीके से करने, परीक्षण सूचना प्रणाली (वीटीआईएस) सहित उपयोगकर्ता को इंडेंटिंग से कंपन जांच प्रक्रिया की गतिविधियां को स्वचालित और सुव्यवस्थित करने के लिए वेब आधारित वर्कफ़्लो सॉफ़्टवेयर को विकसित और परियोजित किया गया ।
  • आईजैक लैन हेल्प डेस्क ऑनलाइन प्रणाली है जिसे आईजैक सेंट्रल लैन, इंटरनेट और थिन क्लाइंट से संबंधित समस्याओं से संबंधित शिकायत दर्ज करने और रिजोल्यूशन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस वेब पोर्टल का उपयोग करके, उपयोगकर्ता शिकायतों को आसानी से पंजीकृत कर सकते हैं, स्थिति की जांच कर सकते हैं और अपनी शिकायतों पर ऑनलाइन समाधान देख सकते हैं। उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण के साथ-साथ शिकायतों को पूरी करने पर भी ईमेल अधिसूचना मिलेगी।

7.   निदेशक आईजैक, ने उपरोक्त ई-गवर्नेंस/वर्कफ़्लो एप्लिकेशन के विमोचन के बाद आईजैक कर्मचारियों को संक्षिप्त भाषण दिया, जिसमें उन्होंने निम्न पर प्रकाश डालाः

डिजिटल भारत विजन कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य हैं - डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रत्येक नागरिक, प्रशासन और मांग पर सेवाएं की उपयोगिता, नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण

  • सेवाओं के इलेक्ट्रॉनिक वितरण, पारदर्शिता, सरकारी विभागों और सरकार व लोगों के बीच लेन-देन में समान अवसर के लिए ई-गवर्नेंस पहल का महत्व
  • आईजैक/इसरो डिजिटल भारत के हिस्से के रूप में भारत सरकार द्वारा ई-हेल्थकेयर, ई-एजुकेशन के माध्यम से टेली-एजुकेशन और दूरदर्शन कार्यक्रमों के माध्यम से उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग कर इन सेवाओं के प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों के लिए कैसे अग्रदूत था
  • उपग्रह परियोजना की गतिविधियों और सूचना सुरक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी का महत्व

       

"सूचना सुरक्षा जागरूकता" फैलाने के हिस्से के रूप में, आईजैक कर्मचारियों के लिए सुश्री सविता गौड़ा, वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी, सीडैक द्वारा इंटरैक्टिव व्याख्यान सहकार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें बहुत अच्छी संख्या में सभी ने भाग लिया और सराहा गया। भाषण के व्याख्यान की पीपीटी और वीडियो रिकॉर्डिंग को मैसर्स सीडैक से अनुमोदन के साथ आईजैक में भविष्य के उपयोग के लिए प्रशिक्षण संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने के लिए संरक्षित रखा गया है।