जी.एस.एल.वी. मार्कIII/ चंद्रयान-2 मिशन

भारत के दूसरे चंद्र मिशन, चंद्रयान-2 में कक्षित्र, लैंडर (विक्रम) एवं रोवर (प्रज्ञान) नाम के तीन माड्यूल हैं। कक्षित्र एवं लैंडर माड्यूल यांत्रिक रूप से अंतरापृष्ठित किए जाएंगे और एक साथ समेकित माड्यूल के रूप में रखे जाएंगे तथा जी.एस.एल.वी. मार्क-III प्रमोचक राकेट में समायोजित किए जाएंगे। लैंडर के भीतर रोवर स्थित है। जी.एस.एल.वी. मार्क-III द्वारा पृथ्‍वी की कक्षा में प्रमोचित किए जाने के पश्‍चात, कक्षित्र नोदन माड्यूल का उपयोग करते हुए यह समेकित माड्यूल चंद्रमा की कक्षा में पहुँचेगा। तत्‍पश्‍चात, कक्षित्र से लैंडर पृथक हो जाएगा और चंद्र दक्षिण ध्रुव के समीप पूर्वनिर्धारित स्‍थान पर सहज अवतरित होगा। बाद में, रोवर चंद्रमा की सतह पर वैज्ञानिक परीक्षण पूरे करने हेतु उतरेगा। लैंडर और कक्षित्र पर वैज्ञानिक परीक्षण करने हेतु उपकरण भी रखे गये हैं।

06 सितंबर, 2019 को चंद्र पर अवतरण की संभावना के साथ 09 जुलाई से 16 जुलाई, 2019 की अवधि के दौरान चंद्रयान-2 के प्रमोचन हेतु सभी माड्यूल तैयार किए जा रहे हैं।