जीएसएलवी-एफ 10/चंद्रयान -2 मिशन

चंद्रयान -2, चंद्रमा के लिए भारत का दूसरा मिशन पूरी तरह से स्वदेशी मिशन है जिसमें कक्षित्र, लैंडर और रोवर शामिल है। 100 किमी चंद्र कक्षा में पहुंचने के बाद, लैंडर ढ़ाँचायुत रोवर कक्षित्र से पृथक होगा। नियंत्रित उतार के बाद, लैंडर चंद्र सतह के निर्दिष्ट स्थान पर हल्के से उतरेगा और रोवर को तैनात करेगा।

मिशन छह पहिये वाले रोवर को वहन करेगा जो भू आदेशों के अनुसार निर्धारित किए गए अर्द्ध-स्वायत्त मोड में अवतरण स्थान के आसपास घूमेगा। रोवर पर लगाए गए उपकरण चंद्रमा की सतह का अवलोकन करेंगे और डेटा भेजेंगे, जो चंद्रमा की मिट्टी के विश्लेषण के लिए उपयोगी होगा।

चंद्रयान -2 का वजन लगभग 3290 किलोग्राम होगा और यह चंद्र की कक्षा का परिक्रमा करेगा और चंद्र के सुदूर संवेदन के उद्देश्यों को पूरा करेगा। नीतभार चंद्रमा की स्थलाकृति, खनिज विज्ञान, तात्विक बहुतायत, चंद्र बहिर्मंडल और हाइड्रॉक्सिल और जल-बर्फ के उपस्थिति पर वैज्ञानिक जानकारी एकत्रित करेंगे।

वर्ष 2018 के उत्‍तरार्ध के दौरान जीएसएलवी-एफ 10/चंद्रयान -2 मिशन की योजना बनाई गई है ।