गुणवत्‍ता आश्‍वासन पर अंतर राष्‍ट्रीय तकनीकी सम्‍मेलन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मुख्‍यालय ने अंतरिक्ष भवन, बेंगलूरु में 24-25 जनवरी, 2018 के दौरान गुणवत्‍ता आश्‍वासन पर एक अंतर राष्‍ट्रीय तकीनकी सम्‍मेलन का आयोजन किया। इस सम्‍मेलन का विषय था ‘’गुणवत्‍ता आश्‍वासन के माध्‍यम से मिशन की सफलता कायम रखना’’। इस सम्‍मेलन का मुख्‍य उद्देश्‍य विश्‍व भर के विभिन्‍न अग्रणी अंतरिक्ष संगठनों के गुणवत्‍ता ऐजेंसियों को एक साथ लाना था तथा मौजूदा कार्यक्षेत्र में गुणवत्‍ता और विश्‍वसनीयता ऐजेंसियों द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों पर चर्चा करना था। इस सम्‍मेलन ने प्रतिभागी अंतरिक्ष ऐजेंसियों के बीच ज्ञान तथा सूचना का आदान-प्रदान मुहैया कराया गया तथा दीर्घकालीन मिशन सफलता के लिए चुनौतियों से उभरने के लिए नवीन तरीकों पर सुझाव भी दिए गए।

इस सम्‍मेलन का उद्घाटन श्री आ.सी. किरण कुमार, विक्रम साराभाई विशिष्‍ट प्रोफेसर द्वारा किया गया। श्री शेखर श्रीवास्‍तव, सी.ई्.ओ., एच.ए.एल., बेंगलूरु कांप्‍लैक्‍स द्वारा मुख्‍य अभिभाषण दिया गया। इन्‍होंने अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिकियों के साथ वर्तमान गुणवत्‍ता आश्‍वासन प्रक्रियाओं को मिलाने की आवश्‍यकता पर जोर दिया। यह अंतरिक्ष आधारित सेवाओं के लिए लगातार बढ़ती मांग के संदर्भ में महत्‍वपूर्ण है। इस सम्‍मेलन के दौरान, नासा, एफ.एस.ए., सी.एन.ई.एस., एरियन स्‍पेस बोईंग तथा उच्‍च विश्‍वसनीयता इंजीनियरी एवं घटक कार्पोरेशन (एच.आई.आर.ई.सी.), जापान के गुणवत्‍ता आश्‍वासन क्षेत्र के वरिष्‍ठ पदाधिकारियों ने इसमें भाग लिया तथा सम्‍मेलन के दौरान बहुत रोचक और सूचनादायक वक्‍तव्‍य दिए। वी.एस.एस.सी., आईजैक, तथा एस.डी.एस.सी. जैसे इसरो केंद्रों के निदेशकों ने भी प्रमोचक राकेट तथा अंतरिक्षयान क्षेत्रों के लिए गुणवत्‍ता आश्‍वासन कार्य को निष्‍पादित करने के लिए नवीन तरीकों पर अपने विचार साझा किए।

कुल मिलाकर, इस सम्‍मेलन के दौरान ग्‍यारह भाषण दिए गए – आठ विदेशी प्रतिभागी मंडल द्वारा तथा तीन इसरो अधिकारियों द्वारा। विभिन्‍न इसरो केंद्रों / यूनिटों से लगभग 150 वैज्ञानिक/अभियंताओं से इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। इन भाषणों के माध्‍यम से प्रतिभागियों को अग्रणी अंतरिक्ष ऐजेंसियों में प्रचलित गुणवत्‍ता तरीकों, प्राप्‍त ज्ञान, संसूचन से रोकथाम, जोखिम प्रबंधन, वास्‍तविक अर्हता प्रक्रिया जैसे उन्‍नत गुणवत्‍ता तरीके, उत्‍पादन चरण संगठन आदि के लिए गुणवत्‍ता आश्‍वासन प्रक्रिया के बारे में प्रारंभिक सूचना प्राप्‍त करने में सहायता मिली। सम्‍मेलन के कार्यवाही के रूप में रोचक केस अध्‍ययनों के बारे में भी बताया गया। सभी वक्‍ताओं की राय थी कि सभी प्रकार की असंगतियों को ‘’हमारे मित्र’’ के रूप में देखा जाए तथा वो व्‍यक्ति जिसने इन असंगतियों को सामने लाया उसे उपयुक्‍त ढंग से पुरस्‍कृत किया जाना चाहिए।

सम्‍मेलन के दूसरे दिन के अंत में ‘’वांतरिक्ष में गुणवत्‍ता आश्‍वासन के नीवनतम प्रचलन’’ विषय पर एक पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया। डॉ. बी.एन. सुरेश, मानद परामर्शदाता, इसरो इस पैनल चर्चा के अध्‍यक्ष थे। इस तकनीकी चर्चा में कई वरिष्‍ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा अपना योगदान दिया।

इन चर्चाओं का यही निष्‍कर्ष निकला कि अंतरिक्ष प्रणालियों को पूरा करने में जुड़े भारतीय उद्योगों में पालन किए जा रहे गुणवत्‍ता आश्‍वासन मॉडल को इसरो द्वारा अपने विदेशी सहभागियों द्वारा आवश्‍यक फीडबैक लेते हुए अपने पर्यावरण पर जिस प्रकार लागू हो, समायोजित किया जाना चाहिए। यह भी आवश्‍यक है कि शामिल सभी स्‍टेकहोल्‍डर संपूर्ण गुणवत्‍ता आश्‍वासन प्रणाली को एक कुशल, प्रभावी तथा त्‍वरित प्रणाली बनाने के लिए अपने कार्यों में नवीनता लाए।

 

Inaugural Address by Shri AS Kiran Kumar, Vikram Sarabhai Distinguished Professor

श्री आ.सी. किरण कुमार, विक्रम साराभाई विशिष्‍ट प्रोफेसर द्वारा उद्घाटन भाषण

 

Panel Discussion lead by Dr. B N Suresh, Honorary Distinguished Professor, ISRO

 

डॉ. बी.एन. सुरेश, मानद परामर्शदाता, इसरो की अध्‍यक्षता में पैनल चर्चा