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अंतरिक्ष विभाग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.gov.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिवहन नीति – 2020 का मसौदा

ए ओ के प्रतिवेदन हेतु प्रस्ताtवकों/अतिथि पर्यवेक्षकों को निमंत्रण

 

एस्‍ट्रोसैट वेधशाला के साथ किए जाने वाले पर्यवेक्षणों हेतु प्रथम “अवसर की घोषणा” में प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने हेतु आपको आमंत्रित करते हुए खुशी हो रही है।

एस्‍ट्रोसैट स‍मर्पित पहला भारतीय खगोल  विज्ञान मिशन है। इसका प्रक्षेपण पी एस एल वी-सी30 द्वारा 28 सितंबर 2015 को किया गया था तथा यह पांच अत्‍याधुनिक उपकरणों की सहायता से एक्‍स-रे, प्रकाशिकी एवं पराबैंगनी तरंगदैर्घ्‍य में कास्‍मिक स्रोतों के पर्यवेक्षण का अतुल्‍य अवसर प्रदान करता है।

एस्‍ट्रोसैट में सूचक पर्यवेक्षणों के लिए 0.3 से 100 KeV तक के एक्‍स-रे उपकरण हैं। इसमें 0.3-8 KeV में प्रतिबिंबन एवं स्‍पेक्‍ट्रमी अध्‍ययन हेतु एक्‍स-रे परावर्तन दर्पण तथा एक्‍स-रे, सी सी डी का प्रयोग करने वाले मृदुली एक्‍स-रे टेलिस्‍कोप (एस एक्‍स टी), 3-80 KeV क्षेत्र में तीन समरूप अधिक विस्‍तार वाले एक्‍स-रे समानुपा‍तीक गणनार (एल ए एक्‍स पी सी) तथा 15-100 KeV में संवेदनशील कोडित मास्‍क द्वारक सहित कैडमियम जिंक – टेलयूरॉयड प्रतिबिंबक (सी जेड टी आई) व्‍यूह है। यू वी एवं दृश्‍य बैंड एक पराबैंगनी प्रतिबिंबन टेलस्‍कोप (यू वी आई टी) से आच्‍छादित है जिसमें दो समरूप टेलिस्‍कोप हैं, एक सुदूर यू वी बैण्‍ड (130-180 nm) एवं दूसरी निकट यू वी (200-300 nm) में संवेदनशील तथा दृश्‍य (320-550nm) बैण्‍डों में संवेदनशील। 2.5-10 KeV क्षेत्र में नए तथा जाने पहचाने एक्‍स-रे स्रोतों के संसूचन एवं मानिटरन हेतु एक स्‍कैनिकंग स्‍कै मानिटर (एस एस एम) भी है।

यह ए ओ अक्‍तूबर 2016 से मार्च 2017 की अवधि में किए जाने वाले प्रस्‍तावों की ओर ध्‍यान आकर्षित करता है। यह घोषणा भारत में रहने वाले और भारतीय संस्‍थानों/विश्‍वविद्यालयों/कॉलेजों में काम करने वाले भारतीय वैज्ञानिकों के लिए है जो खगोल विज्ञान के क्षेत्र में शोध कार्य में रत हैं और जो आवश्‍यक वैज्ञानिक तथा तकनीकी स्‍पष्‍ट्रीकरण के साथ विशेष लक्ष्‍य पर्यवेक्षणों के लिए प्रधान अन्‍वेषक के तौर पर प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत कर सकते हैं।

इच्‍छुक विद्या‍र्थी, शोधकर्ता, संकाय तथा मोटे तौर पर खगोल विज्ञान समूह जो खगोल विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं इसमें भाग ले सकते हैं। यह भारतीय प्रधान अन्‍वेषकों द्वारा एस्‍ट्रोसैट वेधशाला के प्रयोग किए जाने का एक अतुल्‍य अवसर है।

यह अपेक्षित है कि आंकडा़ विश्‍लेषण परियोजना हेतु निधि की सहायता संबंधित मेजबान संस्‍था द्वारा दी जाएगी।

इस घोषणा के लिए ए ओ प्रक्रिया दस्‍तावेज इसरो के वेबसाइट http://www.isro.gov.in पर उपलब्‍ध है। प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने की अंतिम तिथि जुलाई 2016 है। सही तारीख की घोषणा भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान आंकडा़ केंद्र (आई एस एस डी सी) की वेबसाइट (www.issdc.gov.in) पर की जाएगी।

हम प्रस्‍ताव को प्रस्‍तुत करने हेतु आपको आमंत्रित करते हैं और एस्‍ट्रोसैट वेधशाला के उपयोग में आपकी सफलता की कामना करते हैं।

हम सराहना करेंगे यदि आप इस सूचना को अपनी संस्‍था के इच्‍छुक सहयोगियों को वितरित करें जो पर्यवेक्षण समय के लिए अपना प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करना चाहते हैं।

ए ओ से संबंधित किसी भी शंका के समाधान के लिए [email protected], [email protected] पर ई मेल भेजे।