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अंतरिक्ष विभाग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

यू.आर.राव उपग्रह केंद्र (यू.आर.एस.सी), अं‍तरिक्ष विभाग, इसरो, बेंगलूरु में प्रतिनियुक्ति के आधार पर वेतन मैट्रिक्‍स (7वां केंद्रीय वेतन आयोग) के स्‍तर 14 में नियंत्रक के पद की भर्ती (आवेदन की अंतिम तिथि है: 15/11/2021)
चंद्रयान-2 विज्ञान आंकड़ा उपयोगीता के लिए अवसर की घोषणा। प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर 2021 है।
वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।

भू प्रेक्षण उपग्रह

वर्ष 1988 के आई.आर.एस.-1ए से शुरूआत करते हुए इसरो ने कई प्रचलनात्‍मक सुदूर संवेदन उपग्रहों का प्रमोचन किया है। आज, भारत के पास सबसे बड़ी संख्‍या में प्रचालनरत सुदूर संवेदन उपग्रहों का समूह है। वर्तमान में, *तेरह* प्रचालनरत उपग्रह कक्षा में हैं  - रिसोर्ससैट-1 और 2, 2ए,  कार्टोसैट-1 एवं 2, 2ए, 2बी, रीसैट-1 एवं 2, ओशनसैट-2, मेघा-ट्रापिक्‍स, सरल तथा स्‍कैटसैट-1, और *चार* - इन्‍सैट-3डी., कल्‍पना एवं इन्‍सैट-3ए, इन्‍सैट-3डी.आर. भूस्थिर कक्षा में । देश में तथा वैश्‍विक उपयोग हेतु विभिन्‍न प्रयोक्‍ता आवश्‍यकताओं को पूरा करने हेतु विविध स्‍थानिक, स्‍पैक्‍ट्रमी तथा कालिक विभेदनों में आवश्‍यक आँकड़ा प्रदान करने हेतु विभिन्‍न उपकरणों को इन उपग्रहों द्वारा भेजा गया है। इन उपग्रहों से प्राप्‍त आँकड़े का प्रयोग विभिन्‍न अनुप्रयोगों जैसे कृषि, जल संसाधन, शहरी योजना, ग्रामीण विकास, खनिज संभावना, पर्यावरण, वानिकी, समुद्री संसाधन तथा आपदा प्रबंधन में किया जाता है।