उपग्रह मार्ग निर्देशन कार्यक्रम

जून 2013 में गगन सुदृढता परीक्षणों को सफलता पूर्वक पूर्ण किया गया ।  एक समीक्षा समिति द्वारा प्रणाली के समग्र निष्‍पादन की समीक्षा की गई ।  प्रमाणी करण क्रिया कलापों के संबंध भी नागर विमानन महा निदेशालय के कर्मचारियों ने बंगलूरु में कुंदलाहल्‍ल्‍ी स्थित गगन परिसर का दौरा किया तथा भारतीय भू-अपलिंक केन्‍द्र (आई एवं एल यू एस), भारतीय मुख्‍य नियंत्रण केन्‍द्र (आई एन एम सी सी), भारतीय संदर्भ भू-केन्‍द्र (आई एन आर ई एस) व अन्‍य सुविधाओं में निर्णायक निरीक्षण कार्य संपादित किए ।

गगन के क्रियान्वित होने पर विमानन  क्षेत्र को ईंधन की बचत, उपस्‍करों की लागत में कमी, उड़ान सुरक्षा हवाई क्षेत्र क्षमता में वृद्धि, कार्यकुशलता, अधिक विश्‍वसनियता, प्रचालकों के कार्यभार में कमी,  वायु यातायात नियंत्रण हेतु महासागरीय इलाकों का आवृत्‍त होना उच्‍च तथ्‍यता युक्‍त स्थिति की जानकारी आदि जैसे कई लाभ मिलेंगे । विमानन क्षंत्र को मिलने वाले फायदों की मात्रा उन फायदों के उपयोग के स्तर पर निर्भर होगी।  

नागर विमानन क्षेत्र को गगन द्वारा प्रदत्‍त कुछ अपेक्षित लाभ निम्‍नवत है :-

  • सुरक्षा संबंधित लाभ:- उर्धवाधर निदेशन से अधिक सुरक्षा मिलती है विशेषकर तब, जब मौसम खराब होता है।
  • अभिगम दायरे में कमी
  • पर्यावरणीय लाभ:- निर्णायक अभिगम के दौरान उर्धवाधर निर्देशन क्रियाविधि द्वारा संचालित अभिगम से ऊर्जा व जहाज उतारने से संबधित क्रियाकलापों के बेहतर प्रबंधन में मदद
  • आगमन, प्रस्थान, सामुद्रिक व हवाई यात्रा के दौरान उड़ान के सभी चरणों में अबाधित भूमंडलीय मार्गनिर्देशन
  • सुगम रास्‍ते को अपनाने व बहुविध अभिगम में मदद के कारण हवाई कंपनियों को ईंधन में बचत का लाभ तथा हवाई अड्डों व वायुक्षेत्र का क्षमता संवर्धन ।
  • विमानन क्षेत्र के अलावा अन्‍य क्षेत्रों को मिलने वाले कुछ अपेक्षित लाभ
  • रेलवे, रोडवेज़ समुद्री जहाजों व अन्‍तरिक्षयान हेतु मार्ग निर्देशन व सुरक्षा में वृद्धि
  • भौगोलिक आंकडों का समाहरण
  • वायुमंडलीय अध्‍ययन हेतु वैज्ञानिक अनुसंधान
  • भू-गतिकी (जियोडायनामिक्‍स)
  • प्राकृतिक संसाधन व भूमि प्रबंधन
  • क्षेत्र आधारित सेवायें, मोबाइल पर्यटन आदि