ईटीएस - लघु उपग्रह और उड़ान हार्डवेयर के परिवहन के लिए प्रणाली

पूरे देश में फैले इसरो केंद्र/यूनिटों के माध्यम से देश में अंतरिक्ष कार्यक्रम को क्रियान्वित किया जाता है, हर एक की वैचारिक डिजाइन से लेकर अंतरिक्ष प्रणालियों के विभिन्न प्रकार के निर्माण और प्रचालन के लिए विशिष्ट जिम्मेदारी होती है। उपग्रह जिन्हें इसरो उपग्रह केंद्र (आईजैक) , बेंगलुरु में बनाया जाता है उन्हें प्रमोचन के लिए देश के अंतरिक्षपोर्ट सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी), श्रीहरिकोटा तक पहुंचाया जाता है। उपग्रहों के सुरक्षित परिवहन के लिए आईजैक ने उपग्रह परिवहन प्रणाली (एसटीएस) को डिजाइन और विकसित किया है और कई उपग्रहों को सुरक्षित रूप से श्रीहरिकोटा तक पहुंचाया है।

उपग्रहों का समुच्चय, समाकलन और परीक्षण (एआईटी), उड़ान हार्डवेयर जैसे उपकरणों के पैनल, नीतभार और बहु उपग्रह (मिनी/माइक्रो/नैनो) विभिन्न संविरचन, समाकलन और परीक्षण सुविधाओं के बीच निरपवाद रूप से सुरक्षित संचार की मांग करते हैं। इस दिशा में, उपकरण परिवहन प्रणाली (ईटीएस) को प्रणाली समाकलन समूह (एसआईजी), आईजैक द्वारा मॉड्यूलर रूपांतरण, परीक्षण और सत्यापन प्रक्रियाओं के लिए न्यूनतम वापसी समय के भीतर उड़ान हार्डवेयर की विविध परिवहन आवश्यकताओं के अनुकूलन करने के लिए डिज़ाइन और विकसित किया गया है । इसरो के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए आकार (7.88 मीटर x 3.0 मीटर x 3. 9 मीटर) के चल रहे और अनुमानित उड़ान हार्डवेयर की जरूरत को पूरा करना होता है।

परिवहन के दौरान आने वाले सभी पर्यावरण खतरों के खिलाफ डिजाइन किए गए अंतरिक्ष हार्डवेयर की रक्षा परिवहन प्रणाली को करनी होती है। एसटीएस प्रलंबन सहायता के साथ बनाया गया है जो झटके, कंपन और हैंडलिंग भार को सहन करता है । तापमान, आर्द्रता, संदूषण, बारिश, धूल, विभेदक दबाव आदि जैसे जलवायु खतरों से एसटीएस कवच उपग्रहों को सील किए संपुटीकरण संरचना के द्विपरत दीवारों को तापीय रोधन से पृथक किया गया है। सशक्त धातु फैराडे पिंजरे का डिजाइन और एसटीएस के कम प्रतिरोध विद्युत संबंध इलेक्ट्रो स्थैतिक निर्वहन (ईएसडी) पथ और आरएफ विकिरण खतरों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।

इनके अतिरिक्त, ईटीएस के चार शिरोपरी होइस्ट (रिमोट कंट्रोल) सुसज्जित अग्रानुक्रम/चयनित संयोजन में काम करते हैं। निर्वाह हार्डवेयर के लिए बस बार (हार्नेस मुक्त) और बाहर बढ़ने वाले होइस्ट यंत्रचालित हैं। इसके अलावा, मॉड्यूलर निलंबन प्रणाली 5-7 हर्ट्ज की कम आवृत्ति रेंज के अनुरूप हैं। मध्यवर्ती बर्थ डेक जो दो स्तरों पर उपयोगिता प्रदान करते हैं । तीन तरफ से खुलने वाले दरवाजे सीमित प्रयोगशालाओं में लोडिंग कार्यों को सक्षम बनाता है। तापमान और आर्द्रता को नियंत्रित करने के लिए वातानुकूलित हवा के वितरण के लिए लचीला वाहिनी प्रदान की गई है। ये सुविधाएं बाहरी प्रचालन प्रणालियों, उपकरणों या सामानों के सहायता के बिना प्रणाली को प्रचालन करने के लिए आत्मनिहित बनाती हैं। इसके अलावा, निचले स्तर के हवा निलंबित ट्रेलर का उपयोग सड़क पर ईटीएस को बलपूर्वक खींचने के लिए किया गया है।

ईटीएस का इस्तेमाल इसरो के उपग्रह के कई उप-प्रणालियों के परिवहन के लिए किया गया है जिसमें शामिल है: चंद्रयान -2 के एलएपीटी मॉड्यूल का एलपीएससी, बेंगलुरु से आईजैक तक परिवहन; आईजैक से सैक, अहमदाबाद के लिए 4 उड़ान पैनल (जीसैट -6ए दक्षिणी पैनल, जीसैट -6ए ईवी पैनल, आईआरएनएसएस -1 आई दक्षिणी पैनल और आईआरएनएसएस -1 ई उत्तरी पैनल) का परिवहन। तीन पैनलों को बेस पर रखा गया था और एक पैनल मध्यवर्ती डेक पर रखा गया था; सैक से आईजैक तक जीसैट -11 ईवी नीतभार मॉड्यूल और भरण (4) का परिवहन।

इसरो ने प्रति वर्ष अधिक उपग्रहों को सुपुर्द करने की अपनी क्षमता को बढ़ाया है, इसरो ने संबंधित केन्द्रों, भारतीय उद्योगों और विभिन्न संस्थानों के समर्थन को आगे बढ़ाया है। इसके लिए, आईजैक द्वारा विकसित ईटीएस, कई उड़ान हार्डवेयर के परिवहन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए बहुत उपयोगी है। व्यक्तिगत परिवहन के मुकाबले कई प्रणालियों का परिवहन एक साथ अधिक किफायती है, जिसके परिणामस्वरूप कम संभार तंत्र और जनशक्ति लगती है। तैयारी, परीक्षण, सत्यापन और कई प्रणालियों के प्रमाणीकरण में लिया गया प्रतिक्रिया समय काफी कम हो गया है। ईटीएस कई अंतरिक्ष यान के लिए डिज़ाइन किया गया है जो इसरो द्वारा आंतरिक रूप से और भारतीय उद्योग के समर्थन का उपयोग करके तैयार किया गया है ।

पर्यावरण नियामक और मानीटरण प्रणाली (ईसीएमएस) के साथ वायु निलंबित ट्रेलर पर आरोहित ईटीएस

पर्यावरण नियामक और मानीटरण प्रणाली (ईसीएमएस) के साथ वायु निलंबित ट्रेलर पर आरोहित ईटीएस
 

 

ईटीएस का आंतरिक दृश्य

ईटीएस का आंतरिक दृश्य

 

ईटीएस में एलएपीटी मॉड्यूल

ईटीएस में एलएपीटी मॉड्यूल

 

ईटीएस में लदान किया जा रहा जीसैट-11 ईवी नीतभार मॉड्यूल

ईटीएस में लदान किया जा रहा जीसैट-11 ईवी नीतभार मॉड्यूल