इसरो ने 2014 के लिए शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार प्राप्त किया

2014 के लिए शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को नई दिल्ली में आज, मई 18, 2017 को आयोजित समारोह में, प्रस्तुत किया गया था।

इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट (आईजीएमटी) के अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी की उपस्थिति में, पूर्व प्रधान मंत्री और आईजीएमटी न्यासी, डॉ मनमोहन सिंह द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया, और इसरो की ओर से श्री ए.एस. किरण कुमार, अध्यक्ष, इसरो ने ग्रहण किया गया।

भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी की अध्यक्षता वाली जूरी ने अपनी पथ-परीक्षी उपलब्धियों को स्वीकार करते हुए, मंगल ग्रह के मिशन को पूरा करने; बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में इसके महत्वपूर्ण योगदान के लिए, यह पुरस्कार 2014 के लिए घोषित किया था ।

इस पुरस्कार में जयपुर अदाकारी चित्रों की परंपरा में दिवंगत प्रधान मंत्री के चित्र के साथ, हीमेटीटी जास्पर द्वारा बनाई गई बैंड ट्रॉफी के साथ, नकद पुरस्कार रु. 1 करोड़ और प्रशस्ति पत्र होता है ।

Citation
प्रशस्ति पत्र

शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार के अंतर्राष्ट्रीय ज्यूरी ने, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन को अपने पथ-परीक्षी उपलब्धियों की मान्यता के लिए, जिसमें मंगल कक्षित्र मिशन को पूरा करने; बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में इसके महत्वपूर्ण योगदान; और व्यापक और स्थायी सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में, हमारे लोगों की बुनियादी जरूरतों को संबोधित करने में उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग में अग्रणी भूमिका हेतु 2014 का पुरस्कार प्रदान किया है।

1969 में स्थापित, इसरो सरकारी संगठन है, जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी विकसित करने और विभिन्न राष्ट्रीय कार्यों में उपयोग करने के लिए भारतीयों को और राष्ट्र को और विस्तृत मायने में दुनिया के लाभ के लिए है। इसरो ने दिखाया है कि उच्च तकनीकी और परिष्कृत क्षेत्र में अधिक उन्नत देशों के साथ मिलकर बढ़ना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय वैज्ञानिक और प्रतिभा का उपयोग कैसे किया जा सकता है । यह सिद्ध किया है कि वास्तविक आत्मनिर्भरता क्या है, और यह दर्शाया है कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत दुनिया में सबसे कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

ऐसा करके, इसरो ने भारत के विकास को बढ़ाया है और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के मकसद को उन्नत किया । इसरो ने अपनी उपलब्धियों के माध्यम से भारत को गौरवान्वित ही नहीं किया है, बल्कि इसने अंतरिक्ष में वैश्विक शक्ति हासिल कर ली है, विदेशी उपग्रहों का प्रमोचन करने में अग्रणी बनने के साथ-साथ इसके कार्यक्रमों के लिए व्यावहारिक और व्यावसायिक पहलू देकर, और कई देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत कर अंतरिक्ष में अपनी क्षमताओं का उपयोग सफलतापूर्वक किया है ।

Chairman, ISRO receives Indira Gandhi Peace Prize