इसरो ने इन्ट्रोमेट -2017 का आयोजन किया

7-10 नवंबर, 2017 को अंतर्राष्ट्रीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संगोष्ठी  (इन्ट्रोमेट-2017) भारतीय मौसम विज्ञान सोसायटी, अहमदाबाद अध्याय (आईएमएसए) और अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (सैक), इसरो, अहमदाबाद द्वारा  आयोजन किया गया था। भारत, अंतरिक्ष आधारित भू अवलोकन और मौसम मानीटरण के क्षेत्र में अगुआ है। उपग्रहों की इन्सैट श्रृंखला कई सारे डोमेन से डेटा प्रदान कर रही है; कल्पना -1 पहला समर्पित मौसम उपग्रह है, इन्सैट -3डीआर इन्सैट-3डी के साथ 15 मिनट के अस्थायी कवरेज और 3डी सूचना अपने प्रतिबिंबित्र और ध्वनित्र के माध्यम से प्रदान करता है। स्कैटसैट-1 पर वहन किया हुआ कू-बैंड समुद्र की सतह की हवाओं का प्रकीर्णनमापी करता है। रिसैट -1 आधारित एसएआर समुद्र-बर्फ विस्थापन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। मेघा-ट्रोपिक (शाफिर, रोसा, स्कराब), सरल (का-बैंड ऑल्टिमीटर) और जीएनएसएस भी पूरक अवलोकनों प्रदान करते हैं। इन्ट्रोमेट-2017 का सैक अहमदाबाद में इस पृष्ठभूमि के साथ आयोजन किया गया था।

उद्घाटन समारोह के  श्री ए एस किरण कुमार, अध्यक्ष, इसरो व सचिव, अं.वि., भारत सरकार मुख्य अतिथि और डॉ. एम. राजीवन, सचिव, एमओईएस, भारत सरकार, मुख्य अधिवक्ता ने उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में आईएमडी, आईसीआरएस, आईआईटीएम और आईआईएससी आदि के कई प्रतिष्ठित निमंत्रियों ने भाग लिया। इन्ट्रोमेट -2017 दुनिया भर से लगभग 25 विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का रहा, जिसमें नासा के प्रसिद्ध मौसमविज्ञानियों सहित ने भाग लिया । 500 से अधिक राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने संगोष्ठी में भाग लिया, जिसमें मौसमविज्ञानियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग के सदस्य और पूरे देश के छात्र शामिल थे।

इसरो के अध्यक्ष श्री एस एस किरण कुमार ने इन चार दिनों के दौरान आशा व्यक्त की कि विश्वभर के मौसम संबंधी समुदाय विशिष्ट अवलोकन आवश्यकताएं पूरी करने के लिए चर्चा करेंगे, जिससे महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों के लिए सार्थक उपग्रह पेलोड का डिजाइन और विकास किया जा सकता है।

संगोष्ठी का विषय "अंतरिक्ष-आधारित भू अवलोकनों और मौसम और जलवायु के लिए उन्नत सेवाएं" था। इस संगोष्ठी में विशिष्ट वक्ताओं द्वारा कुल 12 विशेष व्याख्यान के साथ चार पूर्ण सत्र शामिल थे। डॉ. एम. राजीवन द्वारा "भारतीय भू विज्ञान कार्यक्रम का सिंहावलोकन", प्रख्यात प्रोफेसर टीएन कृष्णमूर्ति, कार्यक्रम वैज्ञानिक, नासा-मुख्यालय द्वारा "आर्कटिक बर्फ पिघलन के साथ मानसून दूरसंचार" आईआईएससी की प्रख्यात प्रोफेसर सुलोचना गाडगील द्वारा और "श्री डीआर सिक्का स्मारक व्याख्यान", इस संगोष्ठी के आकर्षण थे। नासा-मुख्यालय कार्यक्रम वैज्ञानिक, डॉ. रमेश आर कक्कर ने "नासा एयरबोर्न कन्क्वेक्टिव प्रोसेस्स एक्सपेरिमेंट (सीपीईएक्स)" पर विशेष व्याख्यान भी दिया था।

सम्मेलन के दौरान प्रस्तुतियों को विषय के तहत कई समानांतर तकनीकी सत्रों को भी आयोजित किया गया - मौसम की अग्रिम भविष्यवाणी, जल विज्ञान, वायु-समुद्र अन्योन्यक्रिया, बादल और वर्षा, वायुमंडलीय प्रक्रिया अध्ययन, मौसम संबंधी डेटा अभिलेखन और प्रसार, आपाद घटनाओं का मानीटरण और पूर्वानुमान , उष्णकटिबंधीय चक्रवात, जलवायु परिवर्तन, भूभौतिकीय मापदंडों की पुनःप्राप्ति, वायु गुणवत्ता, कृषि-मौसम विज्ञान, महासागर अध्ययन, एरोसोल-क्लाउड अन्योन्यक्रिया और स्कैटसैट-1 और इन्सैट-3डी/3डीआर पर विशेष सत्र रहे । जम्मू और कश्मीर से नागालैंड के युवा शोधकर्ताओं ने उत्साह में भाग लिया। विशेष रूप से आईएमएस स्थानीय अध्यायों द्वारा चयनित अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए समर्पित सत्र आयोजित और आईएमएस द्वारा प्रायोजित किया गया था ताकि इस संगोष्ठी में वे उपस्थित रहे ।

संगोष्ठी का समापन सत्र निदेशक, सैक ने चरम घटनाओं-अवलोकनों, मॉडलिंग और प्रसार के विषय पर प्रख्यात प्रतिनिधियों से जुड़े पैनल चर्चा की अध्यक्षता की थी। उपयोगकर्ता के अनुकूल भाषा में अंतिम छोर तक आपदा जानकारी प्रसार के लिए संचार प्रणाली को उन्नत करना और जमीन पर बेहतर कार्रवाई योग्य रणनीति को कार्यान्वित करने पर सर्वसम्मत सहमति थी।

संगोष्ठी ने मौसम और जलवायु वैज्ञानिकों के लिए अपने शोध, विनिमय विचारों को प्रस्तुत करने, अंतरिक्ष आधारित मौसम और जलवायु अध्ययन के वर्तमान और भविष्य के पहलुओं पर सहयोग और चर्चा की संभावनाओं का पता लगाने के लिए अवसर प्रदान किया। छात्रों और युवा वैज्ञानिक श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ पत्रों के लिए पुरस्कार वितरित किए गए। आईएमएस स्थानीय अध्यायों द्वारा नामांकित छात्रों को भी सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि श्री ए एस किरण कुमार, अध्यक्ष, इसरो और सचिव, अं.वि, भारत सरकार ने उद्घाटन समारोह के दौरान दीप प्रज्वलन किया।

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गणमान्य व्यक्तियों द्वारा स्मारिका का विमोचन

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विशेष व्याख्यान देते हुए फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी, अमरीका के एमेरिटस प्रो. टी एन कृष्णमूर्ती

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विशेष व्याख्यान देते हुए गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. एम. राजीव, सचिव, एमओईएस, भारत सरकार

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