इसरो द्वारा एम.एस.ई.टी.सी.एल. जी.आई.एस. पोर्टल का विकास

नागपुर स्थित मध्‍य प्रादेशिक सुदूर संवेदन केंद्र (आर.आर.एस.सी.-मध्‍य)/ इसरो ने विद्युत वितरण अवसंरचना पर सूचना के स्‍थानिक समेकन हेतु एम.एस.ई.टी.सी.एल., मुंबई के सहयोग से वेब आधारित जी.आई.एस. पोर्टल विकसित किया। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए क्षेत्र की संसाधन एवं पर्यावरणीय समस्‍याओं से निपटने हेतु महाराष्‍ट्र, मध्‍य प्रदेश एवं छत्‍तीसगढ़ जैसे भारत के मध्‍य राज्‍यों में विभिन्‍न प्रयोक्‍ताओं की मांग पूरा करने के लिए वर्ष 1986-87 में अंतरिक्ष विभाग द्वारा आर.आर.एस.सी.-मध्‍य की स्‍थापना की गई थी। यह केंद्र प्रयोक्‍ताओं द्वारा सुदूर संवेदन आंकड़ा विश्‍लेषण को सुविधाजनक बनाने एवं क्षेत्र में सुदूर संवेदन अनुप्रयोगों के प्रोत्‍साहन एवं प्रचालनीकरण के लिए सुदृढ़ कडि़याँ स्‍थापित करने हेतु भी कार्य करता है।

वितरण लाइनों एवं उप-केंद्रों के बृहृत नेटवर्क के साथ महाराष्‍ट्र राज्‍य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, (एम.एस.ई.टी.सी.एल.) मुंबई ने वेब आधारित भौगौलिक सूचना प्रणाली (जी.आई.एस.) पोर्टल विकसित करने हेतु आर.आर.एस.सी-मध्‍य से अनुरोध किया, जिससे पूरे महाराष्‍ट्र राज्‍य में फैले उपकेंद्रों, लाइनों एवं टावरों जैसी विद्युत वितरण अवसंरचना पर उनके आंकड़े संग्रहित और संगठित करने में निर्णय लेने में सहायता मिलती है। इस प्रकार, प्रयोक्‍ता-केंद्रित भू-स्‍थानिक पोर्टल - एम.एस.ई.टी.सी.एल. वेब जी.आई.एस. के विकास के लिए आर.आर.एस.सी., नागपुर एवं एम.एस.ई.टी.सी.एल. के बीच सहयोगी प्रयासों की पहल की गई है। जिसका लक्ष्‍य एम.एस.ई.टी.सी.एल. प्रयोक्‍ताओं को निर्णय सहायक उपकरण मुहैया कराना है।

इस पोर्टल को भुवन सर्वर पर होस्‍ट किया गया है और एम.एस.ई.टी.सी.एल. के कर्मचारी पोर्टल से लिंक है। इस पोर्टल में नाम के आधार पर उपकेंद्र का चयन, वोल्‍टेज स्‍तर, प्रशासनिक सीमा स्‍तर , आदि जैसे गुण शामिल हैं।

वितरण लाइनें/टावरों/ दिए गए नाम के लिए नेटवर्क; स्रोत और स्रोत गंतव्‍य युग्‍म का चयन भी इस पर्यावरण में संभव है। पूछताछ बिल्‍डर एवं मानदंड आधारित सामीप्‍य उपकरण भी मुहैया कराए जाते हैं। सार रिपोर्टों एवं न्‍यूनतम प्रकार्यात्‍मकता के साथ अनुप्रयोग का मोबाइल वर्शन इस उपकरण को सुवाह्य बनाता है।

इस वेब जी.आई.एस. पोर्टल से एम.एस.ई.टी.सी.एल. के पदाधिकारी विभिन्‍न चयन मानदण्‍ड के आधार पर रिपोर्ट सृजित करने हेतु भू-स्‍थानिक विश्‍लेषण उपकरणों के साथ स्‍थानिक डोमेन में अपने आंकड़े प्रदर्शित करने में सक्षम हैं। उपकरणों (स्‍मार्ट फोन, टैबलेट एवं पी.सी.) की रेंज में इसकी उपयोगिता सुनिश्चित करने हेतु प्रतिक्रियात्‍मक पैर्टन में इस अनुप्रयोग को डिजाइन किया गया है। इस पोर्टल को और मजबूत बनाने हेतु निकट वास्‍तविक समय आंकड़ा विश्‍लेषण के जयादा संवर्धित पैट्रोलिंग सूचना प्रणाली का निष्‍पादन करने की योजना बनाई गई है।

इस पोर्टल का आर.आर.एस.सी.-मध्‍य में सितंबर, 2017 के दौरान श्री चंद्रशेखर बावनकुले, माननीय ऊर्जा, नव एवं नीवकरण ऊर्जा मंत्री,  महाराष्‍ट्र द्वारा विमाचन किया गया था। राज्‍य में लगभग 10,000 प्रयोक्‍ता इस पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं।

 

Maharasta State Electricity Transmission GIS

 

Maharasta State Electricity Transmission Geographical information System