National Emblem
ISRO Logo

अंतरिक्ष विभाग
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

लोक सूचना : सावधान : नौकरी पाने के इच्छुक उम्मीदवार

वर्तमान ई-प्रापण साइट का नई वेबसाइट में रूपांतरण करना प्रस्तावित है। सभी पंजीकृत/नये विक्रेताओं से नई वेबसाइट https://eproc.isro.in का अवलोकन करने तथा इसरो केंद्रों के साथ भाग लेने के लिए अपने प्रत्यय-पत्र का वैधीकरण करने का अनुरोध किया जाता है।

विद्युत प्रकाशिकी तंत्र प्रयोगशाला (लिओस)

 

विद्युत प्रकाशिकी तंत्र  प्रयोगशाला (लिओस)

फर्स्ट क्रॉस,  फर्स्ट फेस

पीण्या औद्योगिक एस्टेट

बेंगलूरु - 560 058


 

विद्युत प्रकाशिकी तंत्र प्रयोगशाला में उपग्रहों तथा प्रमोचन यानों के लिए विद्युत-प्रकाशिकी संवेदकों तथा कैमरा प्रकाशिकी का डिजाइन, विकास तथा उत्‍पादन किया जाता है। इन संवेदकों में तारा सूचक, भू संवेदक, सौर संवेदक व संसाधक इलैक्ट्रॉनिकी शामिल हैं। प्रकाशिकी प्रणालियों में सुदूर संवेदन और मौसमविज्ञानीय नीतभारों के लिए, परावर्ती और अपवर्तन दोनों प्रकार के प्रकाशिकी उपकरण शामिल हैं। लियोस द्वारा आंतरिक प्रयोग के लिए विकसित अन्‍य प्रकाशिकी अवयवों में तारा संवेदक के लिए प्रकाशिकी, लूनार लेज़र रेंजिंग उपकरण (एलएलआरआई) के लिए प्रकाशिकी, सूर्य संवेदकों के लिए प्रकाशिकी आवरण, प्रकाशिकी फ़िल्‍टर और कोडक सम्मिलित हैं । 



लियोस, वर्तमान व भावी उपग्रहों के लिए नई प्रौद्योगिकी विकसित करने में सक्रिय रूप में जुटा हुआ  है। इसके क्रियाकलापों में सक्रिय चित्रांश संवेदी तारा सूचक, आवेश युग्‍मी उपकरण (सीसीडी) आधारित तारा सूचक, तंतु प्रकाशिकी जायरो, प्रकाशिकी अंतर उपग्रह लिंक, अति विभेदी कैमरा प्रकाशिकी, एमईएमएस उपकरण (चुम्‍बकत्वमापी और त्‍वरणमापी) आदि सम्मिलित हैं । लियोस पीण्या औद्योगिक एस्टेट, बेंगलूरु  में स्थित है जहाँ 1975 में भारत के प्रथम उपग्रह आर्यभट्ट का निर्माण किया गया था।