विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी)

 

विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र

तिरुवनंतपुरम - 695,022

केरल, भारत

निदेशक:

 ईमेल:[email protected]




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तिरुवनंतपुरम स्थित वीएसएससी में उपग्रह प्रक्षेपण वाहन और परिज्ञापी रॉकेट (साउंडिंग रॉकेट) के डिजाइन तथा विकास से संबंधित गतिविधियों संचालित कर उन्हें प्रक्षेपण क्रियाकलापों के लिए तैयार किया जाता है। इस केन्द्र में प्रक्षेपण यान के डिजाइन, प्रणोदक, ठोस प्रणोदक तकनीक, वायुगतिकी, विमान संरचना (एयरो स्ट्रक्चर) तथा वायु ऊष्मा (एयरो थर्मल) पहलुओं वैमानिकी पॉलिमर(एवियोनिक्स पॉलिमर) तथा योगिक (कॉम्पोजिट), मार्गदर्शन, नियंत्रण व अनुकारक (कंट्रोल एंड सिम्युलेटर), कंप्यूटर व सूचना, यांत्रिक अभियांत्रिकी, वांतरिक्ष यंत्रावली (एयरोस्पेस मैकेनिज़म), यान एकीकरण व परीक्षण, अंतरिक्ष उपस्कर, रसायन तथा सामग्री जैसी सहसंबंधित तकनीको पर अनुसंधान एवं विकास क्रियाकलाप चलाए जाते हैं।

 

यहां पर प्रणालियो की विश्वसनियता तथा अभियोभिकी व संचालन के सभी पहलुओं की गुणवत्ता आश्वासन का अध्ययन व अपेक्षित स्तर पर संपूर्ण विश्वसनियता के स्तर पर मूल्यांकन किया जाता है। इस केन्द्र की सभी गतिविधियों में कार्यक्रम नियोजन व मूल्यांकन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण व औद्योगिक समन्वयन, स्वदेशीकरण, मानव संसाधन विकास, सुरक्षा और कार्मिक व सामान्य प्रशासन समूहों  का सहयोग शामिल है।

वीएसएससी की अंतरिक्ष भौतिकी प्रयोगशाला में वायुमंडलीय विज्ञान और अन्य अंतरिक्ष विज्ञान संबंधित गतिविधियों में शोध व अध्ययन किया जाता है।

केरल में अलुवा स्थित अमोनियम परक्लोरेट प्रायोगिक संयंत्र (एपीईपी) वीएसएससी का एक अंग है।

वीएसएससी के प्रमुख कार्यक्रमों में ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी), भू-तुल्यकालिक उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (जीएसएलवी मार्क द्वितीय और मार्क III) रोहिणी परिज्ञापी रॉकेट, अंतरिक्ष कैप्सूल पुनःप्रापण (रिकवरी) प्रयोग,  पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण वाहन परियोजनाएं तथा पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण वाहनों के लिए वायु श्वासन प्रणोदन का विकास शामिल हैं।